हर बात जो तुमसे कह रहा हूं
उसमें सुख भी है और कई दुःख भी
और हर दुःख जो तुमसे कह रहा हूं...
इस यक़ीन के साथ कि तुम
इसे केवल सुनोगी नहीं अपितु मुझ बिखरते हुए को
संभाल भी लोगी बिना किसी सवाल और स्वार्थ के।
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#आर्चिश_
लगभग लगभग बताया जा सकता है
उससे दूर रहते हुए भी कि कितना प्रेम है!
किंतु बिना हृदय से लगाए
कहां कोई दर्शा पाता है कि कितने याद आए तुम...!!
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#आर्चिश_
और न जाने मेरी कितनी बातें कितने सवाल!
तुम्हारी तरफ़ से चुप्पी पाकर...अपना अस्तित्व खो देते है!
इन दिनों तुम उतना भी नहीं कहते जितना वाक्य होता है।
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#आर्चिश_
और न जाने मेरी कितनी बातें कितने सवाल!
तुम्हारी तरफ़ से चुप्पी पाकर...अपना अस्तित्व खो देते है!
इन दिनों तुम उतना भी नहीं कहते जितना वाक्य होता है।
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#आर्चिश_