निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
सावधान… ख़तरें में है आपकी जान!
‘गंगा एक्सप्रेसवे’ पर नदी की धाराओं की तरह दिख रहीं ये अनगिनत दरारें… भाजपा के भ्रष्टाचार की गवाही दे रहीं हैं।
भाजपा का भ्रष्टाचार जानलेवा है।
बनाने चले Brand, बज गया Band!
अब 7000 करोड़ एक साल में भी खर्च कर दें तो भी कुछ बदलनेवाला नहीं।
डबल इंजन के आपसी कम्पटीशन में गुरु गुड़ रह गया, चेला शक्कर हो गया… ये बात अलग है कि ज़्यादा मीठे के चक्कर में सब कड़वा हो गया।
अच्छे व्यवहार, अच्छे करम और जन हित के काम से बड़ा कोई और प्रचार नहीं होता है।
इनके अत्याचार, अन्याय, महिलाओं-अधिकारियों-पत्रकारों-प्रोफ़ेसरों से दुर्व्यवहार, दुर्वचन, सजातीय पक्षपात, पीडीए पर प्रहार, ‘हाता नहीं भाता’ के फ़ार्मूल के विस्तार, महा-भ्रष्टाचार के द्रव्य के स्वर्ण-ठोसीकरण, मंदिर चोरी के आरोपियों को दोषपूर्ण SIT से बचाने व प्रतिशोध की राजनीति के कारण घर-मकान-दुकान से लेकर यूनिवर्सिटी तक गिराने जैसी नकारात्मक-संकीर्ण राजनीति के कारणवश इनकी इमेज का एनकाउंटर हो गया है और उसके ऊपर से बुलडोज़र भी गुज़र गया है। इनकी छवि तो बनी नहीं, अधिकारियों के घर-महल ज़रूर बन गये।
जनता पूछ रही है लखनऊ से गोरखपुर कोई डाइरेक्ट ट्रेन है क्या क्योंकि अपने बनाए भाजपाई एक्सप्रेसवे से जाने का जोखिम तो वो उठाएंगे नहीं। ‘एक-दो’ आइटम छोड़कर बाक़ी सब वैध सामान ले जाने के लिए मूवर्स एंड पैकर्स भी तैयार बैठे हैं।
आज प्रातः काल पूज्य शंकराचार्य जी के दर्शन एवं आशीर्वाद के सौभाग्यशाली क्षण और सनातन पर आए संकट को दूर करने व अधर्मियों के चंगुल से धर्म को मुक्ति दिलाने के लिए सार्थक वार्ता।
"जो भारतीय जनता पार्टी के विचार हैं वह वोट के लिए बदलते हैं, उनके लिए धर्म नहीं धर्म प्राथमिकता है।इन लोगों ने महापाप किया है।
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, लखनऊ
उप्र भाजपा सरकार द्वारा एक तरफ़ झूठी तारीफ़ के प्रायोजित कार्यक्रम लगातार करवाये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ़ माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की फटकार ने ये कहकर रंग मे भंग कर दिया कि ‘कार्यकाल ख़त्म होने के बावजूद ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने का यूपी सरकार का फ़ैसला असंवैधानिक है’। जनता पूछ रही है कि ‘असंवैधानिक’ काम करने की सज़ा क्या होती है?’
अब यही ग्राम प्रधान भाजपाइयों को इसलिए गाँवों में घुसने नहीं देंगे क्योंकि भाजपा सरकार द्वारा उन्हें प्रशासक बनाने के आदेश ने, उनमें कुछ नये काम करने की उम्मीद जगाई थी, जिसका वादा वो जनता से कर चुके थे, अब जनता तो तकनीकी पक्ष समझती नहीं है कि क्या हुआ, वो तो यही मानेगी कि प्रधान जी ने अपना वादा पूरा नहीं किया और सारा फ़ंड-बजट-पैसा डबल इंजन के साथ मिल-बाँटकर खा गये। प्रधानों में इस बात का भी डर है कि कहीं ‘इन बीच के दिनों’ के ख़र्चे का ख़ामियाज़ा उनको अपनी जेब से न भरना पड़े। हो सकता है कल को ‘पैसा वापसी’ का आदेश भी आ जाए। जब कार्यकाल गलत साबित हो गया है, तो उस समय में खर्च हुआ पैसा भी तो क़ानूनी रूप से गलत माना जाएगा। भाजपा ने प्रधानों को बहुत बुरा फँसा दिया है। वहीं प्रधानों ने जिन ठेकेदारों को काम दिया था, वो भी ‘इन बीच के दिनों’ के बिलों का भुगतान करवाने के लिए प्रधानों का दरवाज़ा खटखटाएँगे। इसीलिए प्रधान अब भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की गाँव-गाँव में नाकाबंदी कर देंगे।
भाजपा बनने चली थी सयानी
निपट गई उसकी ही कहानी।
भाजपा किसी घाट की नहीं रही।
विशेष: पंचायती राज मंत्री तो घर से ही नहीं निकल पाएंगे, गाँव पहुँचना तो दूर की बात है।
आज सुबह यूपी के कौशांबी में LPG भरे टैंकर के टोल प्लाजा से टकरा जाने से बड़ी दुर्घटना हो गई, जिसमें तमाम लोगों के गंभीर घायल होने की सूचना है।
अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार हताहतों की सूचना नहीं मिल रही है, सरकार से अपील है कि तत्काल सभी घायलों के समुचित इलाज एवं मुआवजे का प्रबंध करें तथा कोशिश की जाए कि सभी घायलों को बेहतर इलाज मिले और एक भी जनहानि ना हो पाए।
तानाशाह इतना डरपोक आदमी होता है, अगर पॉच गधे भी साथ साथ घास खा रहे हों तो तानाशाह को डर पैदा होता है कि गधे मेरे खिलाफ साज़िश कर रहे हैं - हरिशंकर परसाई
अब विमर्श गधे पर आ गया तो ध्यान रहे गधा बहुत परिश्रमी जानवर होता है, पर वो लोग कि क़िस्म के गधे हैं जो स्कूल बंद करके शराब की दुकान खोलने का कुकृत्य कर रहे हैं ।