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याँ आदमी पे जान को वारे है आदमी
और आदमी पे तेग़ को मारे है आदमी
पगड़ी भी आदमी की उतारे है आदमी
चिल्ला के आदमी को पुकारे है आदमी
और सुन के दौड़ता है सो है वो भी आदमी
*अच्छा भी आदमी ही कहाता है ऐ ‘नज़ीर’
और सब में जो बुरा है सो है वह भी आदमी*!
~ नज़ीर अकबराबादी
मैं अपनी उदासी के लिए
क्षमा नहीं माँगना चाहता था
मैं नहीं चाहता था मामूली
इच्छाओं को चेहरे पर ले आना
मैं भूल नहीं जाना चाहता था
अपने घर का रास्ता
मंगलेश डबराल
मैं पूर्णता की खोज में
दर-दर भटकता ही रहा
प्रत्येक पग पर कुछ न कुछ
रोड़ा अटकता ही रहा
निराशा क्यों मुझे?
जीवन इसी का नाम है,
चलना हमारा काम है।
शिव मंगल सिंह ‘सुमन’
फसल सूखने लगी थी, तभी बारिश हो गई।
फसल को लगा उसके सूखने के कारण बारिश हुई।
फसल फिर से सूखने लगी, इस बार बारिश नहीं हुई।
कोई तुम्हें मनाता है, तो तुम रूठने के आदी मत हो जाना।😊
तुम बंजर हो जाओगे
यदि इतने व्यवस्थित ढंग से रहोगे
यदि इतने सोच समझकर
बोलोगे चलोगे
कभी मन की नहीं कहोगे
सच को दबाकर झूठे प्रेम के गाने गाओगे
तो मैं तुमसे कहता हूँ, तुम बंजर हो जाओगे!
~~भवानी प्रसा
वहां जब तक रहे तब तक यहां की फिक्र रहती थी
यहां जब आ गए हैं तो वहां की याद आती है
ये शहर- ए- अजनबी में किसे जाकर बताएँ हम
कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है।।
#Holi2026
दुनिया में 50 से ज्यादा युद्ध चल रहे हैं. यूरोप और अफ्रीका में भीषण युद्ध जारी हैं. अमेरिका-इजराइल-ईरान भिड़े हुए हैं. लोग मर रहे हैं. गाजा में उजाड़ है, high-tech शहर दुबई में भी तबाही जारी है लेकिन अपने यहां वसंत है, होली है, क्रिकेट है।
हमें गर्व है अपनी धरती पर 🇮🇳🇮🇳भारत 🙏🙏