पूरा मामला ये है....
हुआ यूँ कि थोड़े दिन पहले पिताजी जब पंजाब से गाँव पहुँचे तो हमारे घर के पास में बिजली का करंट उतरने से एक गाय की मृत्यु हो गई थी क्योंकि 11 KV बिजली लाइन इतनी नीचे थी कि करंट ज़मीन पर ख़डी गाय में चला गया और मौके पर ही मृत्यु हो गई.... उसके दो दिन बाद बावरी समाज के गरीब व्यक्ति की उसी वजह से दो भेड़ो की मृत्यु हो गई... रास्ते में चल रही भेड़ो की मौके पर ही मृत्यु हो गई लेकिन उस परिवार को @ccc_jdvvnl बिजली विभाग द्वारा कोई मुआवजा नहीं दिया गया....
इस समस्या के साथ साथ दो दिन पहले एक निजी उद्योग की वजह से 8 घंटे पुरे गाँव को बिना बिजली रखा और जिसमे से 200 घरों को उसी निजी उद्योग की वजह से 24 घंटे अँधेरे में रखा.. इन सब बातों को लेकर पिताजी “प्रशासन गाँवो संग” कैम्प में पधारे और अधिकारियों के सामने इसको लेकर अपनी बात रखी.... इसके अलावा उन्होंने सरकारी स्कूल में जल भराव और गौरव पथ के गलत निर्माण को लेकर बात रखी....
इतने में खुद को सरपंच प्रतिनिधि बताने वाले गोपालराम जी सऊ बीच में आए और बोले कि “तेरा काम तमाम कर दिया जाएगा....
अब पुरे गाँव के सामने सरपंच प्रतिनिधि जान से मारने की धमकी देता है सिर्फ इस लिए कि अधिकारियों के सामने पिताजी ने अपनी बात रखी लेकिन राजस्थान पुलिस और इनके अधिकारी सो रहे है और इतने घंटे बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाही नहीं कर रहे. .....?
मैं @Rajeev_ips जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या कोई सरेआम काम तमाम करने की धमकी दे सकता है क्या? समय रहते प्रशासन सरपंच प्रतिनिधि पर कार्रवाही करे और इस समस्या का समाधान करे और उस गरीब परिवार को @ccc_jdvvnl मुआवजा दे....... और पिताजी की सुरक्षा सुनिश्चित करे...
@PoliceRajasthan@RajPoliceHelp@RajCMO@BhajanlalBjp@hanumanbeniwal
कल हनुमान बेनीवाल जी बाड़मेर दौरे पर थे..... दिन में कुछ असामाजिक तत्व अराजकता फैलाने के उद्देश्य से काफीले में गाड़ियां डाल रहे थे, उनका क्या उद्देश्य था पता नहीं.... दिन के अलावा रात में भी 3-4 गाड़ियों से संदिग्ध लोग हनुमान बेनीवाल जी के काफ़िले में चल रहे थे.... तेजाजी की कृपा से कोई अनहोनी नहीं हुई लेकिन इतने लोगों की काफ़िले में पर्याप्त पुलिस का नहीं होना कई सवाल खड़े करता है......
मैं राजस्थान और केंद्र सरकार से आग्रह करता हूँ कि हनुमान बेनीवाल जी की सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ ना किया जाए और समय रहते उनको सुरक्षा दी जाए....
@RajCMO@PMOIndia
कल प्रदेश की राजधानी जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत के उपरांत राजस्थान की भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा जिस तरह लाठीचार्ज किया गया वो निंदनीय है।
भाजपा सरकार और जयपुर कमिश्नरेट ने एक नई परम्परा शुरू की है कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाएगा। 1/1
#जयपुर में #DNT_समाज की महापंचायत के बाद पुलिस द्वारा किया गया #लाठीचार्ज अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सुनने के बजाय दमन का रास्ता चुनना सरकार के अहंकार को दर्शाता है। लोकतंत्र लाठी से नहीं, संवाद से चलता है! @BhajanlalBjp@RajCMO@BJP4India@RLPINDIAorg
घुमंतू समाज पर पुलिस कार्रवाई: क्या यह सिर्फ़ लाठीचार्ज नहीं, लोकतंत्र की परीक्षा है?
जयपुर में घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज के लोगों पर हुई पुलिस कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक घटना नहीं है; यह हमारे लोकतंत्र, हमारी सामाजिक चेतना और राज्य की संवैधानिक नैतिकता की परीक्षा है। जो समुदाय सदियों से हाशिये पर धकेले गए, जिन्हें कभी औपनिवेशिक शासन ने अपराधी जातियों के कलंक से चिन्हित किया और आज़ादी के बाद भी जिनके माथे से वह अपमान पूरी तरह नहीं धुला, वे यदि अपने अधिकारों के लिए राजधानी में आवाज़ उठाते हैं तो राज्य का पहला कर्तव्य उन्हें सुनना होना चाहिए, उन्हें पीटना नहीं।
घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज की 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग कोई अचानक उठी हुई राजनीतिक सनक नहीं है। यह उन समुदायों की ऐतिहासिक उपेक्षा, सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक व शैक्षिक पिछड़ेपन से निकली हुई मांग है, जिनके पास स्थायी बसावट नहीं, ज़मीन नहीं, पहचान के कागज़ नहीं, शिक्षा-संरचना तक आसान पहुँच नहीं और सरकारी योजनाओं तक पहुँचने का व्यवस्थित रास्ता भी नहीं। ऐसे समाज जब महापंचायत बुलाते हैं, तो वह केवल भीड़ नहीं होती; वह इतिहास के अंधेरे कोनों से उठी हुई सामूहिक पुकार होती है।
मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करना लोकतंत्र में असामान्य नहीं है। असामान्य यह है कि जनता और सरकार के बीच संवाद का रास्ता इतना बंद हो जाए कि पुलिस बैरिकेड, डंडा और आँसू गैस ही भाषा बन जाएं। पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, लेकिन कानून-व्यवस्था का अर्थ नागरिकों की आवाज़ को कुचलना नहीं हो सकता। पत्थरबाज़ी यदि हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर पूरे समुदाय की पीड़ा को अपराध की तरह देखना खतरनाक है।
राज्य सरकार को यह समझना होगा कि घुमंतू समाज कोई वोट-बैंक भर नहीं है। वे इस देश की सांस्कृतिक स्मृति, लोक-कलाओं, श्रम, जीवट और जीवंत परंपराओं के वाहक हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि जिन समाजों ने भारत की लोकधारा को बचाए रखा, उन्हें ही आज अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है।
इस घटना के बाद सरकार का पहला कदम दमन नहीं, संवाद होना चाहिए। घायलों का उपचार, गिरफ्तार लोगों की निष्पक्ष समीक्षा, पुलिस कार्रवाई की जांच और आरक्षण सहित सामाजिक न्याय से जुड़े सवालों पर ठोस समिति बननी चाहिए। घुमंतू समाज को दया नहीं, न्याय चाहिए। और न्याय कभी लाठी से नहीं आता; वह संवेदनशील शासन, सुनने वाली राजनीति और बराबरी के संवैधानिक संकल्प से आता है।
आज राजधानी जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत के उपरांत राजस्थान की भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है | लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने और मुख्यमंत्री से मिलने का पूरा अधिकार है। यदि महापंचायत के बाद समाज के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, तो सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार ने बातचीत के बजाय लाठियों को अपना माध्यम बना लिया।
जो सरकार जनता की आवाज़ सुनने से डरती हो, वह संवाद नहीं, दमन का रास्ता चुनती है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि क्या यही भाजपा का सुशासन है ? सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र लाठी के बल पर नहीं, जनता के विश्वास और संवाद से चलता है।
घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समाज पर हुआ यह लाठीचार्ज केवल एक समुदाय पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
@RajCMO
मेरे मुस्लिम समाज के भाइयों......!
कांग्रेस पार्टी वही है जिसने लोकसभा चुनावों में एक भी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया और ना ही राज्यसभा से किसी मुस्लिम समाज के नेता को भेजा....
आपको सिर्फ वोटबैंक के लिए इस्तेमाल करने वाली पार्टी को छोड़ो और RLP में आओ जहाँ आपको बराबर नेतृत्व करने का मौका मिलेगा....
हनुमान बेनीवाल जी हर परिस्थिति में आपके सुःख दुःख में साथ खड़े मिलेंगे......
@hanumanbeniwal
भरतपुर में आयोजित हुई जाट आरक्षण रैली की सफलता से बौखलाए कुछ लोग नागौर सांसद श्री हनुमान बेनीवाल जी को बदनाम करने की नियत से भरतपुर की लोकप्रिय सांसद श्रीमती संजना जाटव के संदर्भ में अनर्गल और AI से जनरेटेड फर्जी ओडियो बनाकर वायरल कर रहे है ,उनका उद्देश्य समाज में सिर्फ नफरत फैलाना है |
श्रीमती संजना जाटव ने भरतपुर में आयोजित हुई जाट आरक्षण रैली में भाग भी लिया और हमेशा जाट आरक्षण की पक्षधर भी रही है |
आप सभी से आग्रह है कि हनुमान बेनीवाल जी से मिलती - जुलती आवाज का फर्जी ओडियो बनाकर भ्रम फैलाने वाले लोगों से सावधान रहे ताकि सामाजिक ताना - बाना बना रहे |
निवेदक -
शंकरलाल नारोलिया
प्रदेश प्रभारी
RLP कार्यालय,जयपुर
अवैध बजरी खनन के खिलाफ आवाज उठाने वालों को मुकदमों से डराने की कोशिश की गई, जेल में डाला गया लेकिन न्यायालय के फैसले ने बता दिया कि सरकार की तानाशाही ज्यादा समय तक नहीं चलती.....
आज सभी 16 किसान जेल से रिहा हुए और हनुमान बेनीवाल जिन्दाबाद और भजनलाल हाय हाय के नारों के साथ बाहर आए.....
@hanumanbeniwal
अगर इसी जगह किसी अमीर आदमी का महल होता तो क्या सरकार और प्रशासन इस प्रकार की कार्रवाही करते जैसे इन गरीब लोगों का आशियाना उजाड़ के कर रहे है....
#राजस्थान_में_आपातकाल@hanumanbeniwal
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नागौर सांसद श्री हनुमान बेनीवाल जी के निर्देशानुसार कल दिनांक 25 जून, 2026 को प्रातः 11:00 बजे प्रदेश आरएलपी कार्यालय, जयपुर में राज्य के सभी संभाग प्रभारी, जिला प्रभारीगण एवं सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए-1 की आवश्यक बैठक आयोजित की गई है।
सभी जिला प्रभारीगण एवं बीएलए-1 को निर्देशित किया जाता है कि वे अपने-अपने जिले एवं विधानसभा क्षेत्रों से बीएलए-2 तथा बूथ प्रबंधन समितियों की सूची साथ लेकर आएं। साथ ही प्रत्येक जिले एवं विधानसभा क्षेत्र से आरएलपी के 15 वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की सूची उनके संपूर्ण बायोडाटा सहित तैयार करके लानी है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक जिले से 5 प्रवक्ताओं/वक्ताओं की सूची भी तैयार कर साथ लानी है। उक्त महत्वपूर्ण बैठक में श्री हनुमान बेनीवाल जी आप सभी से वन-टू-वन चर्चा करेंगे, जिसमें आगामी पंचायतीराज चुनाव एवं पार्टी संगठन विस्तार सहित विभिन्न विषयों पर पार्टी की रणनीति तैयार की जाएगी।
अतः उक्त बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अत: राज्य के सभी संभाग प्रभारी, जिला प्रभारीगण एवं सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए-1 की उपस्थिति इस बैठक में अनिवार्य है |
भजनलाल जी ने सिर्फ हनुमान जी की सुरक्षा नहीं हटा, बल्कि अलग ही क्रांति की शुरुआत कर दी....वो क्रांति भाजपा का राजस्थान से सफाया कर देगी....
#राजस्थान_में_आपातकाल
जितनी व्यवस्था की है उससे दोगुना संख्या में लोग आ रहे है, हजारों लोग अभी सड़कों पर है, हजारों नेताजी के काफ़िले के साथ है....... @hanumanbeniwal
बस यही पूछना था कि @BhajanlalBjp जी आप कैसे हो? #जाट_आरक्षण_हुंकार_महारैली