गल्ला खा गए, रुपया खा गए, नमक खा गए, और अब नमस्कार स्वीकार नहीं करते.
अगर आपको इतना ही खराब लगता था तो पहले कह देते - हम 'तुम्हारा' गल्ला नहीं खाएंगे.
सब ले लिया, रुपया, आवास, गल्ला, लेकिन जब वोट देने जाएंगे तो राष्ट्रवाद नहीं दिखेगा.
- यूपी की एक BJP विधायक
अंग्रेजों की विशाल फ़ौज का सामना करते हुए टीपू सुल्तान ने कहा था कि गीदड़ की सौ साल की ज़िंदगी से बेहतर शेर की एक दिन की ज़िंदगी है, और आज ये अंग्रेजों की दलाली करने वाले गीदड़ों की नस्लें हमें डराने की कोशिश कर रही है,आज फिर इन गीदड़ों के झुंड को शेरनी की दहाड़ ने अकेले डरा दिया