जामा मस्जिद से होकर गुजरने वाला ये काफ़िला दिल्ली दरबार मे शामिल होने वाले नवाबों और राजाओं का है। ब्रिटिश हुक़ूमत ने 12 दिसंबर 1911 को लाल किले के दरबार मे हिन्दोस्तान के उन सभी राजाओं को आमंत्रित किया था जो ब्रिटिश हुक़ूमत के अधीन हो चुके थे।
#mughal_saltanat
Assalamualaikum
मां की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा,
मां की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा,
खुदा ने रख दी हो जिसके कदमों में जन्नत
सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा..✍️