अगर किसी को लगता है @amitkilhor पैसे लेके प्रोपेगेंडा नहीं करता तो उसको ये वीडियो देखना चाहिए।जब ai summit में गलगोटिया वाला मामला हुआ था तो , ये आदमी पानी पी2 के गलगोटिया को गाली दिया।फिर इसके बाद गलगोटिया ने पैसे फेंके तो जाके उसका प्रचार कर रहा था।
फैजल खान एक बात याद रखना, भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं
तुमने एक हंसते खेलते परिवार की खुशिया लूटी है।
राकेश यादव सर आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं..
रोशन आनंद इस दर्द से कभी नहीं उभर पाएंगे।
सभी को रोशन से का साथ चेना चाहिए,उनके साथ खड़ा होना चाहिए।
झूठ की उम्र लंबी नहीं होती than sir..
सुमन maam अमित किलहर को जवाब दिया है
क्यों कि अमित किलहर ने कहा था कि ये लोग 5लाख पैसे सुमन maam ने रोशन के पक्ष में बयान दिया है सुमन अब जवाब अमित किलहर को सटीक जवाब दिया है क्यों बड़ा पलड़ा देख सब किसके और सुमन किसके साथ क्यों साथ है
#khansirvsraushansir
समय, परिस्थिति और सो कॉल्ड एक इन्फ़्लुएंशियल मास्टर के कारण रौशन सर आज ये हाल में हैं । कहीं ना कहीं मुझे लगता है रौशन का शरीर बस ज़िंदा है अंदर से ये आदमी मर चुका है😢
भाई चला गया, माँ हॉस्पिटल में, बाबू जी हॉस्पिटल में, बहन की शादी नहीं हो पायी और पिछले कुछ घंटे से रौशन सर ख़ुद हॉस्पिटल में हैं ।
उस रंगासियार के सामने न्याय की उम्मीद तो नहीं है लेकिन रौशन सर को हिम्मत मिले ✊🙏
मै रौशन यादव सर ओर exampur वाले विवेक सर के स्टूडेंट्स हु
ओर मेरा बिहार दारोगा msins results
सामने है
ये रियल टीचर है तभी तो मेरा रियल रिजल्ट है
फैजल जैसा फर्जी नहीं है
अब जो भी हमको गलत बोलेगा गांव में हरियर बास होगा
क्योंकि हम up वाले हैं
@khan__sir_patna@abhinaymaths
आखिर एक शिक्षक दहशत क्यों फैलाना चाहता था।
पुलिस डायरी के अनुसार उनकी कोचिंग में मारपीट 10:10 बजे हुई लड़के वापस चले गए।
फिर 10:30 बजे फैजल खान ने गोली चलवाई और नाम रोशन आनंद यादव का रख दिया।
उसके बाद भी लोग पूछ रहे हैं कि खान सर क्यों दोषी है तो दोषी क्या ट्रम्प है..Read News
EWS और UPSC स्कैम।
UPSC 2025 में 104 कैंडिडेट EWS कोटा से चुने गए!
उनमे से 67 ऐसे कोचिंग से पढ़े जिसकी फीस लाखों में थी।
14 कैंडिडेट IIT से ग्रेजुएट थे।
28 के माता-पिता का बिजनेस है।
10 MNCs में नौकरी करते थे।
ग़ज़ब खेल चल रहा है।
आप यादवों की लाख बुराई कर लीजिए मगर एक चीज में कभी बराबरी नहीं कर सकते हैं,
चाहे समय कितना भी ख़िलाफ़ क्यों न हो, पूरी दुनियां झूठ के साथ क्यों न खड़ी हो,
मगर यादव अकेला होकर भी सत्य के साथ मजबूती से खड़ा मिलेगा, चाहे सामने वाला कितना भी बड़ा तुर्रम खां हो,
जब देश के तमाम शिक्षक खान सर के पक्ष में बोल रहे थे या न्यूट्रल थे, तब सिर्फ राकेश यादव सर और बिहार के विपिन सर ने डंके की चोट पर खान सर को गलत ठहराया
क्योंकि हमारे पूर्वज दादा श्रीकृष्ण ने हमें सच के लिये लड़ना सिखाया है, स्वाभिमान के साथ जीना सिखाया है,
और यादव दब जायेगा, मर जायेगा मगर अपने इन वसूलों से समझौता नहीं करेगा
2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ में।
3 करोड़ की ज़मीन 24 करोड़ में।
9 करोड़ की ज़मीन 55 करोड़ में।
ये सारे घोटाले प्रभु श्रीराम के नाम पर।
ED पार्टी ने चंपत राय के साथ मिलकर प्रभु श्रीराम के मंदिर में ख़ूब लूट की।
अब कहाँ-कहाँ से बचोगे फैज़ल ख़ान आखिर कितना गिरोगे?
ओखला में कुछ यूट्यूबर्स और टीचर्स की बैठक बुलाई गई, जिसमें कहा गया कि फैजल ख़ान की छवि बचानी है और उनका पक्ष मजबूत करना है। लेकिन इसी दौरान देश के प्रसिद्ध शिक्षक राकेश यादव सर ने साफ शब्दों में सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर हम लोग और कितना नीचे गिरेंगे?
उन्होंने याद दिलाया कि KBC और शुभांकर मिश्रा के शो में शिक्षकों को माफिया तक बताया गया था। अपना नाम बनाने के लिए पूरे शिक्षक समाज की छवि खराब की गई, जिसका दर्द आज भी बहुत से शिक्षकों के मन में है।
अगर वास्तव में समाधान चाहिए तोफैज़ल ख़ान को सीधे रौशन सर के पास जाकर अपनी बात रखनी चाहिए। बाकी जनता सब देख रही है। प्रशासनिक कार्रवाई से कोई व्यक्ति प्रभाव, पैरवी या पैसे के दम पर कुछ समय के लिए बच सकता है, लेकिन लोकमत की अदालत में सच और झूठ दोनों का हिसाब होता है।
कुछ लोग राकेश यादव सर को उनकी जाति के आधार पर ट्रोल करने की कोशिश करेंगे, लेकिन शिक्षा जगत में उनका क्या स्थान है, यह पूरा देश जानता है।
सच बोलने के लिए हिम्मत कुछ खास लोगों में ही होती है और वैसे लोग respect के हकदार होते हैं... और Suman ma'am आप उस respected लोगों में से एक हैं। कम से कम गलत को गलत और सही को सही कहने की हिम्मत तो है आप में l
"अजीब सी ही बात है
कांच पर पारा चढ़ा दो
तो आइना बन जाता है
और
किसी को आइना दिखा दों
तो उसका पारा चढ़ जाता है"
आप की और राकेश यादव सर की बात बिलकुल सही और सटीक है की हम राकेश सर के भाई प्रिंस यादव को नहीं वापस ला सकते लेकिन जिम्मेदारी तो ले ही सकते है..!!
लेकिन जो आप कह रही है ना की खान सर का अभी भी ego satisfy नहीं हो रहा और ना ही कभी होगा..!!
और जो भी टीचर्स खान सर के PR गेम का हिस्सा है उनको मेरी एक सलाह है की सुधर जाओ गुरू हो गुरू बनो गुड़गोबर नहीं l
I respect you ma'am 🙏🫰
जब हम सबकी बात कर ही रहें है तो इनको कैसे भूल सकते है समझ लीजिये की "दों भाई और दोनों तबाही" l
@Abhinav_Pan इनको कौन नहीं जानता हर मुद्दे पर news कवर करतें है लेकिन आज कल खान सर के team की PR की भूमिका मे खड़े है जनाब l
क्या हुआ सर आप को फर्जी BPSC टॉपर, फर्जी income tax officer, फर्जी Wing Commander वाली वायरल news नहीं मिली कैसे फर्जी लोगों को को दिखा दिखा के फ्रॉड हुआ है कोर्स बेचा गया है l
आप लोगों को चाहिए views और खान सर आकर एक interview दें दें तो views की बारिश होने लगती है और इसके बदले सिर्फ अपना मुँह ही तो बंद करना है l
अभी तक कोई और मुद्दा रहा होता तो आप ने ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की होती क्या एक व्यक्ति इतना प्यारा हो गया की किसी का भाई मर गया ( रोशन सर के भाई प्रिंस यादव ) और आप ने खान सर के खिलाफ एक वर्ड नहीं बोला l एक भी news कवर नहीं किया l
उन लड़कों ने ना जाने कितनी जिंदगीया बर्बाद कर दी झूठ बोल के शादी की और पता है ना एक शादी से सिर्फ एक लड़की की नहीं उसके साथ साथ पुरे घर की जिंदगी ख़राब हो जाती है l
@shubhankrmishra जी आप के तो बात ही निराले है सर जी ये तो पटना तक गये हुए थे खान सर को मनाने क्यूंकि वो इनको भाव ही नहीं दें रहें थे उनका पिक टाइम चल रहा था तो ये ठहरे उस टाइम के YouTube पत्रकार तो छोटे मोटे चैनलों पर जाते नहीं थे खान सर तो ये पटना भी पहुंच गये इनको इन्वाइट करने l
Note : क्या ये लोग पत्रकार कहलाने लायक है जो सिर्फ popularity के पीछे भागे ये तक ना जाचे की इंसान कैसा है कैसा नहीं क्या फर्जीवाड़ा कर रहा है यही सब काम होता है पत्रकारों का, लेकिन नहीं इनको चाहिए की इनके चैनल पर महान खान सर आये थे 🤦♀️ अगर आप लोग अपनी पत्रकारिता ढंग से कर लें ना तो देश की आधी प्रॉब्लम उसी दिन सॉल्व हो जायेगी l
विपिन यादव सर ने खान सर की पोल खोली तो उन्हें जातिवादी बोला गया।
राकेश यादव सर ने खान सर की पोल खोली तो उन्हें भी जातिवादी बोला गया।
SK झा सर ने खान सर की पोल खोली तो उन्हें भी सस्ता टीचर बताया गया।
और जैकी यादव तो जातिवादी है ही।
बाकी जितने भी लोग गलत को गलत बोल रहे हैं, खान सर की पोल खोल रहे हैं अगर वो यादव हैं तो आपको जातिवादी बोल दिया जाएगा
बाकी और जितने भी लोग खान सर के फर्जी चीजों को सबके सामने रख रहे हैं तो आपको जलनखोर बोल दिया जाएगा।
इन महोदय अलख पाण्डेय की भी जांच होनी चाहिए,
बिना किसी तथ्य के आँख बंदकर फैजल खान सर का सपोर्ट कर रहे है,
खान सर अपना PR करवाने में ख़ूब पैसे खर्च कर रहे है,
तो अलख पाण्डेय PR पर बोलेंगे क्यों नहीं?
वैसे अब मुझे इनके सेलेक्शन वाले वीडियो पर doubt होने लगा है उसकी भी जांच पड़ताल की जरूरत है,
क्या वास्तव में सिलेक्शन है या फैजल खान की तरह ये भी झूठे विद्यार्थियों को बुलाकर सिलेशन दिखाते हैं?
अब सवाल के घेरे में ये भी है क्योंकि झूठे का साथ झूठा व्यक्ति ही देता है क्यों अलख पाण्डेय सर?