The New York Times की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम समय में यमन के हूती विद्रोहियों पर होने वाले बड़े हवाई हमलों को रोक दिया है।
अमेरिकी सेना ने हमलों के लिए टारगेट लिस्ट तैयार कर ली थी और युद्धक विमानों पर बम भी लोड किए जा चुके थे, लेकिन रविवार को ट्रंप ने अचानक अपने फैसले को वापस ले लिया।
ट्रंप पहले इन हमलों के पक्ष में नहीं थे, लेकिन गुरुवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने उन्हें फोन करके मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद ट्रंप ने पेंटागन को हमलों की तैयारी करने का आदेश दिया था। हालांकि, रविवार को उन्होंने फिर अपना फैसला बदल दिया।
हूतियों ने सऊदी अरब के मुख्य हवाई अड्डे और तेल पाइपलाइन को निशाना बनाया है। हूतियों ने 'बाब अल-मंडेब' जलडमरूमध्य और यमन के पूरे लाल सागर तट पर नियंत्रण कर लिया है, जिससे सऊदी अरब का ऊर्जा बुनियादी ढांचा खतरे में है।
ट्रंप के करीबी सलाहकार ईरान के साथ चल रहे व्यापक युद्ध के बीच एक और नया मोर्चा खोलने के सख्त खिलाफ हैं। इस युद्ध की वजह से अमेरिकी सेना के हथियारों का स्टॉक (विशेषकर पैट्रियट इंटरसेप्टर और टॉमहॉक मिसाइलें) पहले ही काफी कम हो चुका है।
हूतियों ने फिलहाल अमेरिकी जहाजों पर हमला न करने की रणनीति अपनाई है, लेकिन वे सऊदी अरब पर लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे सऊदी अरब फिलहाल बिना अमेरिकी सीधे सैन्य दखल के इस संकट का सामना कर रहा है
ये मध्य पूर्व का Dedollarization है।
जबतक पेट्रो डॉलर रहेगा पुरानी व्यवस्था चलती रहती।
जुलाई में अमेरिका को होने वाला सऊदी तेल का निर्यात गिरकर शून्य हो गया था।
न अमेरिका तेल लेगा न उसे सुरक्षा देनी है।
सऊदी के बहाने लंदन पर चोट।
दुनिया के दो सबसे बड़े तेल बेंचमार्क हैं—अमेरिका का WTI और अंतरराष्ट्रीय बाजार का ब्रेंट क्रूड । ब्रेंट क्रूड का पूरा वैश्विक व्यापार और वित्तीय सौदे लंदन के ICE पर होते हैं।
मध्य पूर्व के इस संकट और सऊदी की सप्लाई बाधित होने से लंदन मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं, तेल की यह अनिश्चितता लंदन के कमोडिटी मार्केट को अस्थिर कर रही है।
UK की विकास दर (GDP) को सबसे बड़ा झटका लगा है। ब्रिटेन की 2026 की जीडीपी ग्रोथ गिरकर मात्र 0.4% से 0.7% के बीच सिमटने का अनुमान है।
अमेरिका खुद तेल का उत्पादन करता है, इसलिए वह सुरक्षित है। लेकिन ब्रिटेन तेल और गैस के लिए वैश्विक सप्लाई पर निर्भर है। तेल महंगा होने से लंदन में घरेलू ऊर्जा बिल और पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं।
इस संकट के कारण लंदन के मुख्य शेयर बाजार FTSE 100 ने इस साल अपनी सारी बढ़त गंवा दी है। ब्रिटिश पाउंड (GBP) डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों का अरबों-खरबों डॉलर का 'पेट्रोडॉलर सरप्लस' ऐतिहासिक रूप से लंदन के रियल एस्टेट और बैंकों में निवेश होता था। अब जब यह व्यवस्था टूट रही है, तो खाड़ी देशों का झुकाव लंदन से हटकर एशियाई बाजारों की तरफ हो रहा
है।
संकट के कारण ब्रिटेन सरकार के कर्ज लेने की लागत यानी 10-year Gilt Yields 5% के पार जा चुकी है, जो 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सबसे उच्चतम स्तर है। इससे ब्रिटिश सरकार की वित्तीय नीतियां और बजट पूरी तरह चरमरा गए हैं।
जमीन पर जंग भले ही मध्य पूर्व में हूतियों, सऊदी और ईरान के बीच हो रही हो, लेकिन इसकी सबसे घातक 'आर्थिक चोट' लंदन पर पड़ रही है। अमेरिका इस संकट से काफी हद तक सुरक्षित दूरी बनाए हुए है, जबकि लंदन पुरानी वैश्विक व्यवस्था (जिसमें पेट्रोडॉलर और पश्चिमी देशों का नियंत्रण था) के ढहने की भारी कीमत चुका रहा है।
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❗BRICS देशों को भारत का एक्सपोर्ट 34% बढ़कर 19.9 अरब डॉलर हुआ
अप्रैल-अगस्त के दौरान चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस को भारत के एक्सपोर्ट में 34% की बढ़ोतरी हुई।
इसमें चीन को होने वाले एक्सपोर्ट में 39% और दक्षिण अफ्रीका को होने वाले एक्सपोर्ट में 58% की वृद्धि दर्ज की गई। कॉमर्स मिनिस्ट्री के डेटा के हवाले से न्यूज़ एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी।
इन चार देशों की हिस्सेदारी भारत के कुल एक्सपोर्ट में बढ़कर 9.2% हो गई, जो एक साल पहले 8.1% थी।
दुनिया में सबसे खतरनाक व्यक्ति कौन है या दुनिया में सबसे खतरनाक समूह कौन है ?
वही है जिसके पास खोने को कोई नहीं वही है जो पूरी तरह से बर्बाद है और जो यह सोच चुका है कि सिर्फ मर जाना और इस दुनिया से चला जाना ही उसके लिए सबसे अच्छी चीज है
तो आप ऐसे व्यक्ति से या ऐसे समूहों से हमेशा डर कर रहिए
आप अगर किसी से दुश्मनी करिए तो उससे दुश्मनी करिए जिसके पास खोने को बहुत कुछ हो वरना जो एकदम नंगा है भूखा है बर्बाद हो चुका है परिवार नही है नशे का आदी है उसके साथ आप दुश्मनी करेंगे तो आप चाहे अरबपति ख़रबपति क्यों ना हो वह आपको किसी न किसी दिन ठोक देगा
यमन के हुतियो के पास अपने हुतियापा के अलावा कुछ भी नहीं है सामाजिक तौर पर हूती समूह पूरी तरह से बर्बाद समूह है और ये यमन में उगने वाले बेहद नशीले पौधे खात की पत्तियों को चबा चबाकर नशे के आदी हो चुके हैं
अब ऐसे लोगों के साथ सऊदी अरब में दुश्मनी कर लिया ऊपर से शिया होने का हवाला देकर ईरान ने इनको जमकर भड़का दिया मिसाइल टेक्नोलॉजी से लेकर आधुनिक ड्रोन सब कुछ दे दिए
उधर सऊदी अरब ने पेट्रो डॉलर के दम पर पूरी दुनिया में अपना अपना कट्टरपंथी बहाबी इस्लाम फैलाया जिस भी देश में गरीबी या भुखमरी होती थी तो सऊदी अरब वहां सबसे पहले एक मस्जिद बनवाता था और जैसे पाकिस्तान जब नया नया बना पाकिस्तान को पैसे की जरूरत थी लेकिन सऊदी अरब ने वहां पांच विशाल मस्जिद बनवाई जिसमें एक इस्लामाबाद का भी मस्जिद है जिसे सऊदी अरब के उस समय के राजा के नाम पर किंग फैसल मस्जिद कहा जाता है इस तरह से फैसलाबाद में मस्जिद बनाई फैसलाबाद जिसका पहला लायलपुर नाम था तो पाकिस्तान ने सऊदी अरब के किंग के सम्मान में उसका नाम फैसलाबाद कर दिया
आज जो दुनिया में हम भारत बांग्लादेश पाकिस्तान जैसे देशों में शटलकॉक बुर्का देखते हैं यह सऊदी अरब के पेट्रो डॉलर के दम पर फैला हुआ बहाबी इस्लाम है
लेकिन वही सऊदी अरब अपने बच्चों को अपने युवाओं को यूरोप अमेरिका में अय्याशी करने के लिए भेजते रहे स्विट्जरलैंड के हर एक बड़े शहर में एक अलग कॉलोनी ही आपको दिखेगी जो सऊदी अरब के शेखों की कॉलोनी है जिसमें वह गर्मियों में ऐश करते हैं
अब चूंकि सऊदी अरब में पहले भी कई बार सैन्य बगावत हो गई थी तो उन्होंने अपने युवाओं को युद्ध की ट्रेनिंग युद्ध कौशल की ट्रेनिंग नहीं दी मजबूत सेना नहीं बनाई की कहीं ये ताकतवर होकर बगावत न कर दें
अमेरिका से डील किया और अमेरिका दुनिया का सबसे क*मीना देश उसने कह दिया भाई हम मदद तो नहीं कर सकते एक काम करो हमारा एफ 35 खरीद लो
फिर सऊदी अरब ने मक्का पैक्ट का हवाला देकर पाकिस्तान से मदद मांगी पाकिस्तान ने भी सऊदी अरब को स्कोडा कार का एक मॉडल दिखा दिया यानी लहसुन का छोटा भाई दिखा दिया कि यह लेना हो तो ले लो हम हुतियो से नहीं लड़ सकते
फिर तुर्की से मदद मांगा तुर्की ने भी अपना कटा छटा दिखा दिया कि यह लेना हो तो ले लो हम कोई मदद नहीं करेंगे
सऊदी अरब की पुरी तेल सप्लाई ठप है पाइपलाइन उड़ा दी गई रिफाइनरी उड़ा दी गई कई एयरपोर्ट उड़ा दिए गए सऊदी अरब के पास समस्या यह है कि अगर वह अमेरिका से एफ 35 खरीद भी लेगा तो उसे उड़ाएगा कौन ?
ऊपर से सऊदी अरब ने अपने पड़ोसी यूएई से भी दुश्मनी कर लिया और सोचा था कि पाकिस्तान से सैन्य समझौता कर लेगा तो पाकिस्तान भुखमरी वाला देश कम से कम भाड़े पर अपनी सेना तो दे देगा लेकिन पाकिस्तान ने भी ठेका दिखा दिया है क्योंकि पाकिस्तान को पता है यमन के हूती मारते कम है लखेड़ते ज्यादा है
फिर सऊदी अरब में इजराइल से मदद मांगी इसराइल ने कहा भाई हम तुमको पूरा टेक्नोलॉजी नॉलेज पूरा जीपीएस डाटा सब कुछ प्रोवाइड करेंगे
और इसराइल खुश है क्योंकि हुतियों का संहार मतलब इजराइल का सबसे बड़ा फायदा
इसराइल ने लेबनान में हिजबुल्ला का सफाया कर दिया इसराइल ने गाजा में हमास का सफाया कर दिया लेकिन इसराइल से 2000 किलोमीटर दूर हुती इसराइल के लिए सबसे बड़ा खतरा बने थे
अब ऊपर वाले की कृपा देखिए सऊदी अरब हुतियों का संहार करके इजरायल को सबसे बड़ा फायदा पहुंचाएगा
सच में अब क्या आप विश्वास करेंगे कि वह देश जहां से इस्लाम निकला आज वही देश इजराइल की सबसे बड़ी मदद कर रहा है और यहां भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश में इसराइल के विनाश की कामना की जा रही है
🚨 Russia redirects trade from EU, US towards India and other Global South markets: PM Mishustin
Friendly countries now account for 85% of Russia’s foreign trade.
Trade flows are shifting towards India, China, Central Asia, Africa and the Middle East, the Russian prime minister said at the Moscow Financial Forum.
A Russian Pantsir air-defense system in combat position, with its radar active, deployed directly above a busy Moscow highway near the Moscow Oil Refinery.
(55.6518692, 37.8362733)
यूक्रेन ने मॉस्को पर हमला क्या किया पुतिन उसके विनाश पर उतर आए हैं.
रूस ने रातभर यूक्रेन पर 172 ड्रोन से हमला किया. यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के मुताबिक, इन हमलों ने देश के 10 इलाकों पर असर हुआ है.
ज़ापोरिज़्ज़िया में सबसे ज्यादा तबाही हुई. यहां 9 मंजिला रिहायशी इमारतों, एक शॉपिंग सेंटर, विश्वविद्यालय की इमारत और एक बॉयलर हाउस को नुकसान पहुंचा. हमले में 5 लोग घायल हुए और कुछ लोगों को अपने घर खाली करने पड़े.
खार्किव क्षेत्र के लोज़ोवा में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग घायल हुए.
ओडेसा के इलाके में अलग-अलग हमलों में खाद्य पदार्थों के गोदामों को निशाना बनाया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, ये गोदाम सिल्पो (Silpo) सुपरमार्केट चेन से जुड़े थे.
वहीं, कीव क्षेत्र में 5 जिलों के 34 स्थानों पर नुकसान की खबर है. इनमें घर, गोदाम और अन्य बुनियादी ढांचा शामिल हैं.
यानी एक ही रात में शॉपिंग सेंटर, घर, विश्वविद्यालय, खाद्य गोदाम और बुनियादी ढांचे तक—यूक्रेन के कई हिस्सों में हमलों का व्यापक असर देखने को मिला.
🚨“हूतियों” पर बड़ा हमला करने वाला था अमेरिका, ट्रंप ने आखिरी वक्त में क्यों टाला?
शनिवार देर रात यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप कैंप डेविड से अपने वीकेंड छुट्टियां छोटी करके व्हाइट हाउस लौट आए थे। उधर इजरायली पीएम नेतन्याहू भी इजरायल लौट आए थे। IRGC ने भी अपना सबसे बड़ा अलर्ट “कोड 100” जारी कर दिया था। अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में रहने वाले अपने सभी नागरिकों को चेतावनी जारी कर दी थी। रविवार सुबह सोशल मीडिया पर चर्चा निकल पड़ी- “कुछ बड़ा होने वाला है।”
रविवार को होने वाला था बड़ा एयर स्ट्राइक
अब इस रहस्य से पर्दा उठ गया है। रविवार को अमेरिका एक बड़ा एयर स्ट्राइक करने वाला था। टारगेट लॉक हो गए थे। फाइटर जेट तैयार थे। बम लोड किए जा चुके थे। पेंटागन ने हमले की पूरी तैयारी कर ली थी। तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अभी नहीं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने आखिरी वक्त में एयर स्ट्राइक का प्लान कैंसिल कर दिया। ये एयर स्ट्राइक होनी थी- यमन में ईरान-समर्थित हूती ठिकानों पर...
सऊदी के क्राउन प्रिंस सलमान के फोन के बाद बना था प्लान
रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने गुरुवार को यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप को फोन किया था। हूती के मिसाइल रियाद तक पहुंचने के बाद वो यूएस से इस बारे में दखल देने की मांग कर रहे थे। इसी के बाद ट्रंप ने हूती ठिकानों पर एयर स्ट्राइक करने की हरी झंडी दे दी। पेंटागन ने पूरी तैयारी कर रखी थी।
आखिरी वक्त में ट्रंप ने क्यों रोका हमला?
रविवार दोपहर तक ट्रंप ने अपना रूख अचानक से बदल दिया। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि हूतियों के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमले नहीं होंगे, कम से कम अभी के लिए तो नहीं। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने बस इतना कहा, "अमेरिका का सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता है और हम हमेशा अपने सहयोगियों की रक्षा करेंगे।"
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप के करीबी लोगों में से ज्यादातर लोग हूतियों के खिलाफ सऊदी अभियान में शामिल होने को लेकर या तो बहुत शक में थे या इसके विरोध में थे। खासकर इसलिए क्योंकि अमेरिकी सेना पर ईरान के साथ युद्ध को लेकर पहले से ही दबाव है।
PTI MPA Fazal Shakoor was detained by the Pakistan Army today.
The incident took place near the Peshawar High Court, in front of the Corps Commander’s House.
He was reportedly taken away after direct gunfire.
Asim Munir is doing all this with Pashtun.
खुफिया एजेंसियों की चेतावनी है कि रूस आने वाले महीनों में NATO क्षेत्र को निशाना बना सकता है। लीपज़िग एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला और रेलवे जैसे अहम ठिकानों पर तोड़फोड़ को "गेम चेंजर" माना जा रहा है।
साथ ही, नवंबर में अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनावों के बाद इस भू-राजनीतिक मुद्दे में और अधिक तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।
परमाणु हमले की बात अभी सिर्फ अटकलें और धमकियाँ हैं, लेकिन हाइब्रिड वॉर और उकसावे का खतरा बिल्कुल असली है।
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क्या भारत-विरोधी बयानबाजी अमेरिकी सरकार की नीति बनती जा रही है?
अमेरिकी शिक्षा विभाग की एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आरोप लग रहे हैं कि इसमें दक्षिण एशियाई मूल के अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली हालिया बयानबाजी की झलक मिलती है।
आलोचकों का कहना है कि पोस्ट का समय भी सवाल खड़े करता है। यह टेक्सस के रिपब्लिकन नेता बो फ्रेंच द्वारा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस के एक खेल के दौरान दक्षिण एशियाई छात्रों को निशाना बनाए जाने की आलोचना के कुछ दिनों बाद आया।
अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने शिक्षा विभाग की पोस्ट को फ्रेंच की बयानबाजी के लिए एक “डॉग व्हिसल” बताया। यानी ऐसी भाषा या संकेत, जो किसी खास समूह के प्रति संदेश पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
Good news for Afghanistan 🏳🤝 🇮🇳
A chartered cargo aircraft has landed at Kabul Airport.
Cargo flights between Kabul and Delhi are expected to begin soon,
With priority given to essential medical supplies that cannot be transported on regular flights.
😂 गद्दे हो तुम
रूस ने यूक्रेन के वार को होने दिया।
रूस ने उन सटीक क्षेत्रों को ट्रैक कर लिया है जहां से यूक्रेन इतनी भारी संख्या में लॉन्ग-रेंज ड्रोन एक साथ ऑपरेट कर रहा है।
रूस के एयर डिफेंस सिस्टम ने 1,100 से अधिक ड्रोनों को ट्रैक और इंटरसेप्ट किया है। इससे रूसी सेना को यूक्रेनी ड्रोनों की फ्रीक्वेंसी, रडार को चकमा देने की क्षमता और उनके जीपीएस-गाइडेड नेविगेशन रूट्स का सटीक डेटा मिल गया है।
यूक्रेन ने इस हमले से साबित कर दिया है कि उसके पास रूस के भीतर गहरे इलाकों में एक साथ सैकड़ों ड्रोन से 'स्वार्म अटैक' करने की क्षमता है।
यूक्रेन द्वारा किए गए अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले (जिसमें 1,110 से अधिक ड्रोन दागे गए थे) के बाद रूस ने बेहद आक्रामक और विनाशकारी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। क्रेमलिन और रूसी रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वे इस हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे और यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमलों को कई गुना तेज कर दिया गया है।
कीव पर भीषण मिसाइल और हाइपरसोनिक हमले
रूस ने कीव को मुख्य निशाना बनाते हुए सैकड़ों ड्रोन और अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक और बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों से कीव के मध्य क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है।
कीव में लगातार हो रहे धमाकों और हवाई हमलों के सायरन के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिकों को अपनी जान बचाने के लिए जमीन के नीचे बने मेट्रो स्टेशनों में शरण लेनी पड़ी है।
रूसी वायुसेना और मिसाइल यूनिट्स ने एक साथ यूक्रेन के 10 अलग-अलग राज्यों को निशाना बनाया है:
ओडेसा और ज़ापोरीझिया : ओडेसा के बंदरगाह और रणनीतिक ठिकानों पर रूसी हमलों से भारी नुकसान हुआ है। वहीं ज़ापोरीझिया में एक यूनिवर्सिटी, शॉपिंग सेंटर और रिहायशी इलाकों पर रूसी ड्रोनों ने सीधे प्रहार किए हैं।
फास्टिव और सूमी : इन इलाकों में रूसी मिसाइलों और ड्रोनों के गिरने से रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा है और बच्चों समेत कई नागरिकों की मौत की खबरें आई हैं।
कार्गो जहाजों और बंदरगाहों पर हमला: रूस ने यूक्रेन के दो ऐसे कार्गो जहाजों और इज़मैल पोर्ट के बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी सेना को हथियारों की सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
लॉजिस्टिक्स और ड्रोन कंट्रोल सेंटर: कीव क्षेत्र में स्थित यूक्रेन के BDU लॉजिस्टिक्स सेंटर और गैस वितरण स्टेशनों को हवाई हमलों से नष्ट कर दिया गया है ताकि ड्रोनों को मिलने वाली ईंधन और तकनीकी सप्लाई रोकी जा सके।
यूक्रेन की सीमा से सटे रूसी राज्यों जैसे कुर्स्क और बेलगोरोद में लगातार हो रहे जवाबी ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा पाबंदियां बढ़ाई हैं।
रूस ने सुरक्षा को पुख्ता करने और अवैध घुसपैठ/माइग्रेशन को रोकने के लिए एस्टोनिया से लगी अपनी सीमा पट्टी (विशेषकर नारवा नदी के पास वाले जिलों) पर आधिकारिक तौर पर रात का कर्फ्यू लगा दिया है।
रूसी आधिकारिक रिपोर्टों और गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के बयानों के अनुसार, यूक्रेन के इस अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमले में रूस के मॉस्को क्षेत्र में 3 लोगों की मौत हुई है और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जो भी नागरिक हताहत या घायल हुए हैं, वे सीधे ड्रोन हमले का शिकार नहीं बने। बल्कि, जब रूसी डिफेंस सिस्टम ने ड्रोनों को हवा में मार गिराया, तो उनका जलते हुआ मलबा नीचे रिहायशी इमारतों पर आ गिरा, जिससे कुछ घरों में आग लग गई।
अब यूक्रेन गिने ।
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आज कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें कांग्रेस ने 'वंदे मातरम' के केवल दो ही पद गाए।
लेकिन बीजेपी विधायक अपनी सीटों पर बैठे-बैठे ही राष्ट्रगीत के बाकी पद गाते रहे।
कांग्रेस विधायक अपनी सीट पर बैठ गए। बाद में, स्पीकर ने दखल दिया और बीजेपी विधायकों को पूरा 'वंदे मातरम' नहीं गाने दिया।