If the Ethanol blending is done for saving crude oil import.. then logically crude oil import shall go down by 20% , if not then 15% or even 10 % . ( Coz 20% of total consumption is now ethanol.
Data says otherwise.. since last one year the crude oil import have been same approx 2 crore tonne per month. No decrease. Then what exactly are we saving in crude oil import?
प्राइवेट अस्पतालों की लूट का क्या कहना, अभी हमने कुछ दिन पहले बताया था कि हमारे छोटे भाई का बच्चा बिमार है, हमने उसे देहरादून के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, 15 दिन NICU और 5 दिन वार्ड में रहने के बाद कल ही वह डिस्चार्ज हुआ है, हम भी लगभग दस दिन वही अस्पताल में रहे, आप ये जो बिल में इंजेक्शन देख रहे हैं इस पर 6561 रूपए की MRP है और प्रतिदिन एक इंजेक्शन बच्चे को लग रहा था शुरू में कई दिन हमने इसको अस्पताल की फार्मेसी से ही खरीदा, हमारे हमारे काफी अनुरोध और उसकी ठोड़ी खुजलाने के बाद उसने हमें 10% का डिस्काउंट दिया, और ऊपर से अहसान ऐसा दिखाया जैसे अस्पताल की पूरी फार्मेसी उसने हमारे नाम कर दी हो, एक दिन हमने अस्पताल के बाहर एक फार्मेसी थी उससे पूछा भाई ये इंजेक्शन कितने है, उसने हमें 4 हजार का बताया, अगले दिन हम वहीं से लेने लगे, फिर एक दिन हम घूमते फिरते वही लोकल बाजार में पहुंच गए, एक फार्मेसी दिखाई दी हमने उससे पूछा उसने हमें 2 हजार का बताया, हमारी उत्सुकता और बढ़ फिर हमने और कई फार्मेसी पर ट्राई किया आखिर में सबसे सस्ता 1600 रूपए का इस फार्मेसी ने बताया जिसका बिल आप देख रहे हैं, और थोड़ी उसकी ढोडी खुजलाने के बाद उसने इस पर भी 10% का डिस्काउंट दिया, अब सरकार बताए की इस 1600 रूपए के इंजेक्शन पर 6561 रूपए MRP डाली गई है किस नियम से डाली गई, और इस लूट की इजाज़त किसने दे रखी है?
List of the Ethanol producing firms of Toll Min. Gadkari and his relatives. 🚨
👉Mahatama Sugar and Power Ltd
👉Purti Alternative Fuels Pvt Ltd
👉Purti Power and Sugar Ltd
👉Wainaganga Sugar and Power Ltd
👉CIAN Group
👉Manas Agro
👉Purti Agrotech
👉Yash Agro Energy
This ethanol is being poured in your fuel tank by Ethanol Gadkari even if your car or bike engine collapse.
So next time if you face issue of less mileage, or your car or bike stops in the middle of road you know who did this.
#ethanol_Free_Petrol #EthanolScam #MyCarMyChoice
No. Nitin Gadkari Ethanol policy won't be reason why many people may vote against BJP, reason will be Modi ji himself for remaining silent.
Always remember, Manmohan Singh didn't do anything wrong himself, public punished him because he didn't speak anything against those who were doing wrong in his Govt.
गैंडाकरी ने अपने गैंडा पुत्रों को जो एथेनॉल के जरिये कमाई करवा के दी है, वो रकम आपको बड़ी लग रही होगी।
लेकिन आप अगर एक बार हाइवे प्रोजेक्टस के ठेकों और उनमें व्याप्त कमीशनखोरी के बारे में जानेगें तो आपको एथेनॉल वाली कमाई बच्चों को दी जाने वाली टॉफी जैसी लगेगी।
In any sane country, Gadkari would have been sacked or even arrested. Here, he continues to operate shamelessly like a king, treating our vehicles like guinea pigs for his endless ethanol experiments.
12 हजार करोड़ रुपए से बने वर्ल्ड क्लास दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस वे को देख लीजिए। बरसाती सीजन शुरू होते ही गड्ढे बन गए हैं। गाड़ियों को नुकसान पहुंच रहा है। इसी 14 अप्रैल को PM नरेंद्र मोदी ने उदघाटन किया था।
पहली खबर :: भारत ने बांग्लादेशियों के लिए वीज़ा ओपन किए,, भारी भीड़ लगी.. इनमें से कितने वापस जाएंगे, सबको पता है 😀
(हंसी आई?? नहीं आई.. चलो दूसरी खबर पढ़ो)
2) राम माधव, जनरल नरवणे और 3 अन्य उच्च अधिकारी गुप्त रूप से श्रीलंका में पाकिस्तानी उच्च अधिकारियों से मुलाकात करते पकड़े गए.. सरकार ने सफाई दी है कि *"यह एक निजी मुलाकात थी"*, जी हां!! सही पढ़ा,, निजी मुलाकात, 😀😂
(अब हंसी आई?? अब भी नहीं आई.. तो तीसरी सुनो..)
3) तीन साल से देश की करोड़ों गाड़ियों में इथेनॉल का मिलावटी पेट्रोल जबरन ठूंसा जा रहा है.. अब सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में कहा कि यह एक "एक्सपेरिमेंट" है, जिसके परिणाम अगले साल तक पता चलेंगे कि क्या इस पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को कोई नुकसान होगा या नहीं? मिलावटी पेट्रोल जबरन ठूंसने का निर्णय किसका है,, गडकरी का? पेट्रोलियम मंत्रालय का? या नागरिक आपूर्ति मंत्रालय का? पता नहीं..
कहने का मतलब ये है कि देश में चहुंओर मजाक और जोकरई चल रही है.. अगर कोई सरकार से सवाल पूछे तो उसे पाकिस्तानी, अर्बन नक्सल, सोरोस का एजेंट वगैरा घोषित करने वाले लाखों ज़ोंबी तैयार बैठे हैं..
राम मंदिर लुट गया, लेकिन आपने इस धूर्त @DrKumarVishwas की आवाज़ तक सुनी। इसने राम के नाम से कथाये करके अपने लिए नए कपड़े सिलवाये, करोड़ो के महल खड़े कर दिए, घर में लिफ्ट, स्पा सब लगवा लिया।
और राम मंदिर पूरा लुटवा दिया गया और ये अभागा स्वर्ण अब किन्नर बनकर कहीं मुंह छुपाए बैठा है।
जितने वीडियो देख रहा हूँ लोगों के, जो पेट्रोल पम्प से सीधे बोतलों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, उनमें से अधिकांश तो ऐसा दिखता है कि सरकार ने संभवतः E85 को E20 के नाम पर डालना आरम्भ कर दिया है।
फ्यूल और एथनॉल का सेपरेशन दिख रहा है। एक जगह देखा उसका रंग गुलाबी है ना कि डार्क ऑरेंज। कहीं तो लीची के जूस जैसा रंग भी दिखा।
यह अविश्वास इसलिए भी है क्योंकि @nitin_gadkari, @HardeepSPuri और @PMOIndia ने बिना किसी जागरूकता अभियान के, या उपभोक्ता सहमति के, पेट्रोल कह कर E20 हमारी टंकियों में डलवाना चालू कर दिया था, दो साल बाद पता चला कि ये तो पेट्रोल है नहीं और हमारी गाड़ी भी उसके लिए उचित रूप से तैयार नहीं है।
अब @narendramodi बताएँ कि ये क्या बिक रहा है पम्प पर? क्या पेट्रोल पम्प वाले अपनी तरफ़ से भी कुछ घपला कर रहे हैं? स्थानीय पुलिस फिर क्या कर रही है? आप हर बात को चुप्पी या फिर सोरोस का एजेंट कह कर टाल नहीं सकते।
PIB issued a grand "clarification" to deny the AG called E20 an experiment. Guess they forgot Supreme Court proceedings are recorded now.
First they keep the actual research on engine wear under wraps, now they try to gaslight us on public court records. While the percentage of adulteration in petrol keeps increasing, the ethanol policy transparency remains at 0%.
In short: The govt lied.
@PetroleumMin@PMOIndia@PIB_India
राम मंदिर में एक आदमी 6 महीने पहले नौकरी पाया.
फिर 2 महीने में ही 25 लाख रुपए की जमीन खरीद ली. उस जमीन पर 15 लाख लगाकर ढांचा खड़ा कर दिया.
घर में 12 लाख रुपए छिपा दिए. शराब के ठेके पर एक बार में 50 हजार उड़ा देता.
इस कर्मचारी की सैलरी बस 12 हजार रुपए थी, नाम- लवकुश मिश्रा.
ये एक कर्मचारी को लेकर 'कुछ जानकारी' है, जो खबरों में है.
असल में कितना लूटा गया है, इसका तो हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते.
जो कर्मचारी निकाले गए हैं, वो बता रहे हैं कि कई साल से ये खेल चल रहा था.
शिकायत करने पर उन्हें ही निकाल दिया गया.
अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांवों में चीन जमीनें हड़प रहा है। चीन ने भारत की सीमा में सड़कें और मिलिट्री कैंप बना लिए हैं।
- ये बात अरुणाचल प्रदेश के आदिवासी समुदाय ने अपर सुबनसिरी जिले के डिप्टी कमिश्नर को बताई है।
आदिवासी समुदाय ने बताया कि चीन ने पशु चराने, शिकार करने और खेती करने वाली जमीन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। ये उनकी पुश्तैनी जमीन है।
चीन ने असाफिला इलाके में ओयिंग, पनिआर (चुजार्टा इलाका), मारपन (मारनाफे), पोट्रांग (झील) और टिडिंगटंग (TG) में घुसपैठ की है।
ये बहुत चिंताजनक खबर है। मोदी सरकार को तत्काल इसपर एक्शन लेना चाहिए। चीन को करारा जवाब देना चाहिए।
लेकिन...
सवाल अब भी वही है - क्या 'कमजोर प्रधानमंत्री' नरेंद्र मोदी चीन को लाल आंख दिखा पाएंगे? या इस बार भी 'कोई घुसा नहीं है' कहकर चीन को क्लीनचिट दे देंगे।