अनिरुद्धाचार्य जी को Times Now में जाने की क्या जरूरत थी? TV चैनल में अनिरुद्धाचार्य जी को सीधे सीधे जलील किया गया। बेहूदगी के साथ पेश आया गया।
अनिरुद्धाचार्य जी को TV चैनल में बुलाया और उनके लिए गोबर मंगाया गया। साधु संतों का TV चैनलों पर खुलेआम मजाक उड़ाया गया। मुझे समझ नहीं आता ऐसे चैनलों में जाना ही क्यों?
साधु संतों को ये ध्यान रखना चाहिए कि देशभर में उनके करोड़ों अनुयायी हैं। कम से कम उन्हीं के मान-सम्मान का लिहाज रख लें। ये दिखास और छपास रोग से निकलकर लोगों को अध्यात्म से जोड़ें।