अभी कुछ दिन पहले जंतर मंतर पर मोदी जी की 13वीं का समोसा बांटने वाली निशु आजाद का बाप जब कह रहा था कि अगर पुलिस नहीं आती तो मैं तुझे यानी स्वतंत्र भारद्वाज को पीट-पीट कर मार देता
और खुद वह कह रहा था कि तू देख ले कि वहां मेरे साथ आए लोगों ने तेरी क्या हालत कर देती और अगर 1 मिनट और पुलिस नहीं आती तो तू जिंदा नहीं बचता
तब निशु आजाद के पिता पर के इस बयान पर किसी ने कोई हंगामा नहीं किया
वही स्वतंत्र भारद्वाज जो एक बड़बोला शेखी बघारने वाला लड़का एक पॉडकास्ट में शेखी बघारने लगा तब राहुल गांधी से लेकर पूरा विपक्ष उसके बाद बोलेपन को मुद्दा बना लिए
जबकि वीडियो में साफ दिख रहा है की निशु का पिता स्वतंत्र भारद्वाज का मोब लिंचिंग करने पर तुले हुए थे
रिपोस्ट करो जब तक गिरफ्तारी न हो...
हमारे देवि देवताओं का अपमान असहनीय है..
समाजिक तानाबाना खराब न हो इसलिए ऐसे असामाजिक तत्वों को सलाखों के पीछे रखो 🙏
@DelhiPolice@Uppolice
स्वतंत्र भारद्वाज तो गिरफ्तार कर लिया पर इस रं@# को गिरफ्तार नहीं कर सकते क्योंकि ये दलित पीड़ित चो DI त है सिर्फ भगवान की ही तो गालियां दे रही है सिर्फ सवर्णों को ही तो गाली देती है अब पीड़ित वंचित चोDIत इतना भी नहीं कर सकता क्या।
उत्तराखंड सरकार को धमकी देने वाले मौलाना को लगा होगा कि धमकी से कानून रुक जाएगा।
कहा गया—“मदरसे बंद करके देखो, फिर बताते हैं हम क्या करते हैं!”
अगले ही दिन पुलिस की कार्रवाई हुई और कथित तौर पर बिना पंजीकरण चल रहे मदरसे पर भी सील लग गई और मौलाना साहब की गाँव पर पुलिस के लट्ठ भी बाज गए।
मोहम्मद नाम के इस मजहबी ने मात्र सात साल की नाबालिक बच्ची का प्राइवेट पार्ट इतनी हवस के साथ दबाया कि छोटी बच्ची की चीख निकल गई |😡😡
जब बच्ची को दूसरे पैसेंजर्स ने रोटा देखा और पूछा कि क्या हुआ तो बच्ची ने रोते बिलखते हुए बताया कि इसने ऐसी हरकत करी है | 😡😡
फिर पैसेंजर्स ने इस हवसी मोहम्मद को मौके पर पिटाई तो करी पर हमारे हिसाब से यह पिटाई पर्याप्त नहीं ऐसे मज़हबिओं के लिए एनकाउंटर व्यवस्था ही एक मात्र उपचार है |
लक्षद्वीप में मीट बैन नहीं होना चाहिए क्योंकी वहाँ मुसलमान बहुसंख्य हैं और उनकी भावनाओं को आहत पहुँचेगी!
मथुरा में मीट बैन नहीं होना चाहिए क्योंकि वहाँ मुसलमान अल्पसंख्य हैं और उनकी भावनाओं को आहत पहुँचेगी
#Secularism!
कांग्रेस का काला अध्याय
171. 3 सितंबर 1967 आज ही के दिन 2 महीने कश्मीर घाटी का जनजीवन अस्त व्यस्त होने के बाद इंदिरा गांधी जी ने भारत के गृह मंत्री YB Chavhan जी को श्रीनगर भेजा ।1967 में पहली और अंतिम बार कश्मीरी पंडितों ने श्रीनगर की सड़कों पर आंदोलन किया ।कश्मीरी पंडित केवल 17 साल लड़की परमेश्वरी हांडू लव जिहाद की शिकार हो गई,उसका धर्म परिवर्तन कर नाम बदला गया परवीन अख़्तर और ग़ुलाम रसूल से हो गया निकाह ।कॉग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीएम सादिक़ जी ने पुलिस केस दर्ज करने से इनकार कर दिया,आंदोलन के दबाव में निकाह के सात दिन बाद केस दर्ज हुआ ।लड़की को जामा मस्जिद ले जाकर घोषणा करवाई गई कि हमने निकाह किया है। कश्मीर में हिंदू सड़क पर उतर गए 2 महीने तक श्रीनगर में कर्फ़्यू लगा रहा,लेकिन पुलिस ने लव जिहाद का साथ दिया ।इस घटना के बाद कश्मीर घाटी से हिंदुओं का पलायन शुरू हुआ जो 1990 तक पूरा हो गया ।अपने ही देश में हिंदुओं को प्रताड़ित कर,लव जिहाद कर शरणार्थी केवल नेहरु गांधी परिवार ही बना सकता है ।गृहमंत्री चव्हाण ने भी इंदिरा गांधी जी के कहने पर मुसलमानों का ही साथ दिया ।एक नाबालिग़ लड़की के शादी को मान्यता दे दी ।कश्मीर घाटी के हिन्दू के लिए आज का दिन कॉंग्रेस के श्राद्ध का दिन है
#CongressDarkHistory
तुमने कहा अगर तुम्हारे साथ बलात्कार होता ?
पहली बात तो तेरे साथ कोई बलात्कार करेगा नहीं क्युकी फ़िल्म इंडस्ट्री में तुम जैसी फ्लॉप C ग्रेड हीरोइन पैसे लेकर कुछ भी करने को तैयार रहती है,
तुम जैसे लोगो के लिए शरीर खोल कर #### देना, ये सब normal है
रही बात रानी पद्मिनी माता की तो तुम उसकी नौकर बनने लायक भी नहीं इसलिए उन महान महिलाओं से अपनी तुलना करना भी मत,
और जहाँ तक जौहर का सवाल है तो वे सारी महिलाये “रेप विक्टिम” नहीं थी, जैसा तू तर्क दे रही है,
मुगलों के हरम में रहकर सेक्स स्लेवरी ना करनी पड़े इसलिए उन्होंने जौहर करना बेहतर समझा,
क्युकी किसी पवित्र स्त्री के लिए उसकी इज़्ज़त मान सम्मान ही सब कुछ होता है,
मगर तुम नहीं समझ सकती C ग्रेड जिहादन क्युकी तूम तो ख़ुद किसी मुग़ल की नाजायज़ औलाद के वंश के साथ निकाह करके रह रही हो।
@kajal_jaihind बड़े अफसोस की बात है । आज कल की C ओर D ग्रेड की रंडीया भी प्रवचन बांट रही है । कई बार रंडीया , दल्लीया फेमस होने के लिए ऐसे बयान देती है जब उन्हें कोई पूँछ रहा नहीं होता ।
देशवासियों को सोचना व समझना चाहिए कि कांग्रेस के शासनकाल में देश आज जैसी उन्नति क्यों नहीं कर पाया।
देश को गर्व है कि आज देश के प्रधानमंत्री मोदी जी के पास अपना कुछ भी नहीं है—जो कुछ भी है, वह देश का है। चाहे वह विदेशों से मिले सम्मान हों या उनका जीवन—सब कुछ देश को समर्पित है।🇮🇳
ये महिला राजस्थान की एक युवा कांग्रेस नेता हैं
जिन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट के लिए आवेदन किया था।
लेकिन पार्टी विधायक रफीक खान ने इससे पूछा, “टिकट क्यों दे ?? तुमने मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से क्या किया है?”
विधायक के “व्यक्तिगत रूप से” का क्या मतलब हो सकता है 🤔
महिलाओं और लड़कियों के लिए कांग्रेस में जाना मतलब अपनी इज्जत और अपने सम्मान से समझौता करना है
कर्नाटक में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से 6-7 बच्चे घायल हो गए
-CJP कॉकरोच की तरफ से कोई ट्वीट नहीं आया
-इस्तीफ़े की कोई मांग नहीं की
क्योंकि यह मामला कांग्रेस शासित कर्नाटक का है।
कंस की मृत्यु के पश्चात उसका ससुर जरासंध बहुत क्रोधित हुआ। उसने श्रीकृष्ण और बलराम को पराजित करने के लिए मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया। 😎
हर बार पराजित होने के बाद वह अपने विचारों का समर्थन करने वाले तमाम राजाओं से संपर्क करता, उनका महागठबंधन बनाता और फिर मथुरा पर आक्रमण करता।
श्रीकृष्ण हर बार उसकी पूरी सेना का संहार कर देते, लेकिन जरासंध को जीवित छोड़ देते।
यह देखकर बलराम जी बहुत क्रोधित हुए और श्रीकृष्ण से बोले:
“भ्राताश्री, बार-बार हारने के बाद भी जरासंध पृथ्वी के कोने-कोने से दुष्टों को खोजकर महागठबंधन बनाता है और हमारे विरुद्ध आक्रमण करता है। आप उसकी पूरी सेना का अंत कर देते हैं, लेकिन असली खुराफात करने वाले को ही छोड़ देते हैं?” 😎
तब श्रीकृष्ण मुस्कुराते हुए बोले:
“हे भ्राताश्री, मैं जरासंध को बार-बार जानबूझकर इसलिए छोड़ देता हूँ क्योंकि यह पूरी पृथ्वी के दुष्टों को खोज-खोजकर एकजुट करता है और मेरे पास ले आता है।
मैं एक ही स्थान पर रहकर उन सभी दुष्टों का अंत कर देता हूँ। वरना मुझे उन्हें ढूँढ़ने के लिए पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाना पड़ता। इस प्रकार ‘दुष्ट-दलन’ का मेरा कार्य जरासंध ने बहुत आसान कर दिया है।
जब सभी दुष्टों का अंत हो जाएगा, तब सबसे अंत में इसका भी अंत कर दिया जाएगा। आप चिंता न करें, भ्राताश्री।” 🙏
अब इस कथा को आज के राजनीतिक ‘महाठगबंधन’ से जोड़कर देखना है या नहीं, यह आप पर निर्भर है। 😃
मैंने तो आपको महाभारत की एक कथा सुनाई है।
बाकी इशारा समझने वालों के लिए काफी है! 😏🚩🇮🇳
🙏🚩🇮🇳
(साभार)