"लड़की के स्तन पकड़ना, उसकी पाजामी का नाड़ा तोड़ना, बांहों में भींचना कानूनी अपराध नहीं माना जा सकता."
___जस्टिस राम मनोहर मिश्र, इलाहाबाद हाईकोर्ट
कॉलेजियम से बने जज इस देश के लिए आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो रहे हैं.. ऐसे नीच जज अपराधी की जाति और धर्म देखकर अपराध तय करते हैं...
बाकी बचा हुआ काम नारंगी मीडिया और नारंगी खटमल झूठा प्रोपेगेंडा फैलाकर कर देंगे.. और वीडियो को AI कहकर घटना को फर्जी साजिश बताएंगे..
1. कुछ खटमल कहेंगे कि नाबालिक लड़की और लड़का रात में अकेले क्यों घूम रहे थे.. लोग तो छेड़ेंगे ही.."
2. लड़की की मां ने कैसे संस्कार दिए हैं लड़के के साथ अकेली लड़की छोटे और आपत्तिजनक कपड़े पहने हुई थी.."
3. फिर कुलदीप सेंगर और स्वतंत्र भारद्वाज की तरह इन अपराधियों के समर्थन में भी प्रोटेस्ट शुरू होंगे..
4. फिर इस अपराधी का फूल मालाओं से स्वागत होगा, और यह भी स्वतंत्र भारद्वाज की तरह पॉडकास्ट में कहेगा..
"मैं तो धर्म की रक्षा कर रहा था मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता.. क्योंकि न्यायालय में बैठा हुआ जज मिश्रा मेरा भाई है.."
IIT-IIM जैसे संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं, हमारे लोकतंत्र और समाज की तस्वीर भी हैं। लेकिन RTI के आँकड़े बताते हैं कि 8 IIT और 7 IIM में 80% से अधिक फैकल्टी सामान्य वर्ग से है।
इसी बीच IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मृत्यु के बाद परिवार ने जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्थान को अपने शुरुआती बयान पर माफ़ी भी माँगनी पड़ी।
जाँच अपना निष्कर्ष देगी, लेकिन एक सवाल अभी से जरूरी है - जहाँ सामाजिक प्रतिनिधित्व इतना असंतुलित हो, वहाँ बराबरी, भरोसे और संस्थागत संवेदनशीलता को मजबूत कैसे किया जाएगा?
प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय दलित अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक है।
कोतवाली परिसर के शौचालय में अर्जुन का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या बता रही है, जबकि मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस की पिटाई से अर्जुन की मृत्यु हुई है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? आखिर कंबल से फांसी कैसे लगाई जा सकती है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।
परिजनों के अनुसार, उन्हें अर्जुन से मिलने तक नहीं दिया गया। वहीं, अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे महज 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय करीब 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इस पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा और पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
सबसे गंभीर बात यह है कि परिजनों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना अर्जुन का पोस्टमार्टम कराया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं तथा पुलिस हिरासत में अर्जुन के साथ हुई पूरी घटना की जांच हो। साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें न्याय मिले और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु का सच सामने आना चाहिए। किसी भी परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े, यह सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
माफिया बृजेश सिंह,
तीन दशक से लम्बा आपराधिक इतिहास,
बीस साल की फरारी,
40 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मुक़दमे
1992 में बंबई के JJ हॉस्पिटल में दाऊद इब्राहिम के लिए गोली चलाने का आरोप,
TADA के तहत बुक हुए,
माकोका भी लगा,
गैंगस्टर एक्ट के तहत हत्या
अपहरण, हत्या का प्रयास, हत्या की साजिश रचने से लेकर, दंगा-बवाल भड़काने, सरकारी कर्मचारी को इरादतन चोट पहुंचाने, झूठे सरकारी काग़ज़ात बनवाने, जबरन वसूली करने और धोखाधड़ी से ज़मीन हड़पने तक के मुक़दमे लग चुके हैं,
कभी मुख़्तार अंसारी से बचकर छिपने की थ्योरी कही जाती थी,
आजकल बनारस में सम्मानित जीवन जी रहे हैँ,
TV, अख़बार, मुख्यमंत्री जी,
मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद का नाम तो रोज लेते हैँ,
लेकिन पता नहीं इनकी तपस्या में क्या कमी है,
जो इनका महिमा मंडन नहीं करते हैँ सब,
@grok क्या मैं झूठ बोल रहा हूं,
या यही सत्य है,
बाबासाहेब के अपमान और संविधान की अवमानना के लिए भाजपा और उनके संगी-साथी समय-समय पर तरह-तरह के कुतर्क देते रहते हैं। इसी कड़ी में संविधान को बदलने या पूरी तरह से ख़त्म करने की साज़िश करनेवाले अपंजीकृत व भूमिगत रहनेवाले इनके विचारवंशी कह रहे हैं कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने संविधान लिखा ही नहीं। इनका बस चले तो यह ये भी कह सकते हैं कि संविधान है ही नहीं। दरअसल ऐसे संकीर्ण मानसिकता के लोगों ने संविधान को हमेशा ही नकारा है। यही वो लोग हैं जो बाबासाहेब की मूर्तियों को तोड़ते हैं, ख़ासतौर से बाबासाहेब की मूर्तियों के हाथों को क्योंकि उन हाथों में संविधान की किताब होती है।
सच तो ये है कि एकरंगी-सुरंगजीवी नकारात्मक सोच के लोगों ने संविधान को कभी माना ही नहीं क्योंकि ये संविधान ही ग़ैरबराबरी को दूर करने के लिए समता-समानता की बात करता है। यही संविधान इन प्रभुत्ववादियों के उस वर्चस्व को चुनौती देता है, जिस वर्चस्व की वजह से इन्होंने पाँच हज़ार सालों से शोषित, वंचित, ग़रीब ‘पीडीए समाज’ का लगातार दमन किया है।
आज संविधान ‘पीडीए समाज’ की ढाल भी है और रक्षा कवच भी। संविधान से मिला हुआ ‘आरक्षण’ आज इन परंपरागत शक्तिशाली लोगों को फूटी आँख नहीं सुहाता है। ये वो पुरातनपंथी-रूढ़िवादी-दक़ियानूसी लोग हैं जो परिवर्तन चाहते ही नहीं है, जबकि संविधान सकारात्मक परिवर्तन का एक बेहद ताक़तवर दस्तावेज़ है।
हमने पहले भी कहा है, आज फिर दोहरा रहे हैं : शोषणकारियों के ख़िलाफ़, बाबासाहेब हमें संविधान के रूप में काग़ज़ का एक ऐसा ताक़तवर दस्तावेज़ देकर गये हैं, जो लोहे की तलवार से भी ज़्यादा मजबूत है।
संविधान ही पीडीए के भविष्य का विधान है।
संविधान ही संजीवनी है। इसमें संजीवनी की तरह को देश को अच्छा करने की और अच्छा बनाए रखने की अद्भुत शक्ति है। इसीलिए देश का नया नारा ‘जय जवान! जय किसान!! जय संविधान!!! होना चाहिए।
संविधान को चुनौती देनेवाले पाँचों इंद्रियों को सक्रिय करके सुन लें कि ‘देश संविधान से चलेगा, किसी संघ-विधान या मन-विधान से नहीं।’
संविधान था, संविधान है, संविधान रहेगा!
🚨#Imp: In Greater Noida today. This is the second temple of knowledge that was locked in anticipation of our visit.
स्कूल को शिक्षा का मंदिर भी कहा जाता हैं। लेकिन आज UP सरकार ने ग्रेटर नोएडा के सारे मंदिरों पे ताले लगा दिए गए हैं। ऐसा भय क्यों हैं UP सरकार को?
@Cockroachisback
जलगांव के रावेर में गणपति विसर्जन के लिए जा रही हिंदुओं की भीड़ और गणपति शोभायात्रा पर इस तरह मजहबी भीड़ द्वारा पथराव किया गया है |
हिंदुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो महाराष्ट्र प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब तक वीडियो पहुंचा कर बता देना कि देखलो आपके प्रदेश में हिंदुओं के साथ क्या क्या हो रहा है |
थोड़ा और समय मिले तो वीडियो उन सेकुलर हिंदुओं तक पहुंचा देना जो ईद की नमाज के लिए जाने वाली भीड़ पर फूल बरसा कर कहते हैं कि नफरत हिंदुवादियों ने फैला रखी है |
प्रतापगढ़ में 22 वर्षीय दलित युवक अर्जुन गौतम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई
पुलिस के मुताबिक़ पूछताछ के दौरान अर्जुन भागते हुए कोतवाली के बाथरूम में गया और कंबल से फांसी लगा लिया
कहानी बनाने में यूपी पुलिस ने बाहुबली के डायरेक्टर को पीछे छोड़ दिया
ये है प्रतापगढ़ के दरोगा लक्ष्मीकांत सेंगर आये दिन चर्चा में रहते है इनके पास एक शराबी आदमी की पत्नी अपने पति की शिकायत लेकर गई थी, कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता है, और इस समय घर में कुछ भी खाने के लिए नहीं है बच्चे भूंखे है
दरोगा जी उस महिला को वहीं बिठाकर उसके घर पर पहुंच गए और जब वहां जाके बच्चों से बात की तो सुनकर हैरान रह गए
क्योंकि बच्चे सच में भूंखे थे और घर में जरा सा भी खाने का राशन नहीं था
भूख से व्याकुल बच्चों की तड़प दरोगा जी से देखी नहीं गई, उन्होंने तुरंत उन बच्चों के लिए खाने पीने और कुछ जरूरत के कपड़े आदि व्यवस्था कर दी.
और उस शराबी आदमी को बड़े प्यार से समझाया कि शराब के चक्कर में क्यों अपने घर का विनाश करने पर तुले हुए हो...
दरोगा जी की बात सुनकर शराबी आदमी की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने आगे से ऐसी गलती ना करने का वादा किया...
इस घटना में अगर शायद कोई और दरोगा जी होते तो शायद वो भूंख से व्याकुल बच्चों की पीड़ा को ना देखते हुए शराबी आदमी को अंदर कर देते...
लेकिन सेंगर साहब ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल कायम की है जो अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी...
फतेहपुर में मंगेतर के सामने पत्नी से रेप हो रहा है
लखनऊ में आज ही एक नाबालिग से गैंगरेप हुआ, सितंबर में अबतक 3 गैंगरेप हो चुके है।
सीएम आवास से 8 किलोमीटर दूर मजदूर की हत्या हुई
गोंडा में फेसबुक पोस्ट पर हत्या हो जाती है।
लेकिन मीडिया लॉ एंड ऑर्डर की तारीफे करते थक नहीं रही
Ms. Gurpreet, showing the uniform of her husband
LANCE NAIK SANDEEP SINGH
Shaurya Chakra
4 PARA SF 22 SIKH #IndianArmy
who was immortalised #OnThisDay in 2018 fighting terrorists at Kupwara in Jammu & Kashmir.
#FreedomisnotFree Gurpreet paid the #CostofWar.
TGT-PGT पुरानी नियमावली की मांग को लेकर छात्र आंदोलित हैं
एक दलित मेधावी होनहार छात्र की मौत से पूरे यूपी में आक्रोश व्याप्त है
भाजपा सरकार इस मामले में लापरवाह है और बेपरवाह है तथा भाजपा ने छात्रों को सड़कों पर मरने के लिए अकेला छोड़ दिया है
खासकर दलित पिछड़े वर्ग में पहले से ही भाजपा के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है क्योंकि भाजपा आरक्षण खत्म कर रही है और संविधान खत्म करने पर तुली है
इसीलिए अब भाजपा के खिलाफ हल्ला बोल अभियान जारी है और समाजवादी पार्टी छात्रों की मांग के साथ खड़ी है
पहले रोहित वेमुला
फिर पायल तड़वी
अब साहिल वाकोड़े
आखिर कब तक़ जातिवाद की भेंट चढ़ेगा Sc/st समाज??
अब समय आ गया है की sc/st एक्ट को और मजबूत बनाया जाए
जब बड़े शिक्षण संस्थानों मे जातिवाद नहीं रुक पा रहा है तो छोटे शिक्षण संस्थानों मे तो आम बात है।
हमारे देश मे "जातिवाद" विदेशों के "नस्लवाद" से भी बड़ा जहर है।
वैसे जातिवाद का इतिहास नस्लवाद से बहुत पुराना है।
जातिवाद का इतिहास हिन्दू धर्म ग्रंथो मे साफ साफ देखा जा सकता है।
जब तक़ देश "अम्बेडकरवाद" के रास्ते पर नहीं चलेगा तब तक़ जातिवाद हावी रहेगा।
लखनऊ KGMU में नर्सिंग छात्रों का जोरदार प्रदर्शन
छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के बाद नर्सिंग छात्रों में आक्रोश बड़ी संख्या में छात्रों ने नर्सिंग विभाग का किया घेराव धरने पर बैठे प्रदर्शन के दौरान ‘WE WANT JUSTICE’ के लगे नारे।