जहाँ जनता धार्मिक पाखंड में आत्ममुग्ध हो,
जहां औद्योगिक उत्पादन विदेशी प्रोडक्ट की पैकिंग कर अपनी मोहर लगा कर स्वदेशी घोषित करते हो,
जहां की जनता घरों को बनाने के बजाएं तोड़ने पर वोट दे 2047 विकसित हो जाएगा?
🔥 चलो छत्रपती संभाजी नगर!
BAMCEF का 40वाँ राज्य अधिवेशन एक ऐतिहासिक आयोजन बनने जा रहा है।
आप भी इस अधिवेशन का हिस्सा बनिए!
#BAMCEF#BAMCEF40वाँराज्यअधिवेशन#चलो_छत्रपती_संभाजीनगर
=================
SOCIAL MEDIA
BAMCEF PUNE DISTRICT
15अगस्त 1947को आज़ादी सिर्फ कुछ लोगों को मिली थी
एससी,एसटी,ओबीसी,आदिवासी आज भी अपने हक़ की लड़ाई लड़ रहा है
अन्नाभाऊ साठे ने तब ही सच बोल दिया था
"यह आजादी झूठी है, देश की जनता भूखी है"
जय भीम,जय अन्नाभाऊ✊
#AnnabhauSathe#LokshahirAnnabhauSathe#15August#Azadi#SCSTOBC#Bahujan
हमीरपुर
➡कलेक्ट्रेट पर GEN-ALPHA के प्रदर्शन का मामला
➡इंस्पेक्टर राम कुमार ने स्कूली बच्चों को भगाया
➡बच्चों को ‘हट-हट’ कहकर कलेक्ट्रेट से भगा दिया
➡सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर हैं राम कुमार
➡स्कूल आने-जाने के लिए रोड की मांग पर प्रदर्शन
➡ग्राम पंचायत चंदूपुर के रहने वाले सभी ग्रामीण
@CMOfficeUP@UPGovt@ADGZonPrayagraj@IgPrayagraj@hamirpurpolice@CJP_for_India@dmhamirpurup
#AbolishCollegium
डॉ बाबासाहब आंबेडकर ने #संविधान#सभा में #कॉलेजियम को #रिजेक्ट किया था ?
डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने संविधान सभा में न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़े उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, जो आज की कॉलेजियम प्रणाली जैसा प्रभाव रखता था।
संविधान सभा की बहस और डॉ. आंबेडकर का रुख मई 1949 की चर्चा: 23-24 मई 1949 को संविधान सभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति से जुड़े अनुच्छेद पर बहस हुई थी।
#संशोधन #प्रस्ताव: कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि जजों की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के 'परामर्श' (Consultation) शब्द को बदलकर 'सहमति/वीटो' (Concurrence) कर दिया जाए, ताकि सीजेआई की मर्जी के बिना कोई जज नियुक्त न हो सके।
#आंबेडकर की #असहमति: डॉ. आंबेडकर ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसे एक #खतरनाक #प्रस्ताव (#Dangerous #Proposition) बताया था। उनका तर्क था कि मुख्य न्यायाधीश भी एक इंसान हैं और उनमें भी पूर्वाग्रह या कमियाँ हो सकती हैं, इसलिए पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की शक्ति या अंतिम वीटो किसी एक व्यक्ति (सीजेआई) के हाथ में देना उचित नहीं है।
वर्तमान कॉलेजियम और संविधान #कंसल्टेशन बनाम #कॉन्करेंस: संविधान सभा ने जानबूझकर 'सहमति' (Concurrence) की जगह
#परामर्श (#Consultation) शब्द को अपनाया। इसका अर्थ यह था कि राष्ट्रपति नियुक्ति के लिए मुख्य न्यायाधीश से सलाह करेंगे, लेकिन वे उस सलाह से पूरी तरह बाध्य नहीं होंगे।
#कॉलेजियम का #उद्भव: आज की 'कॉलेजियम प्रणाली' (जजों द्वारा जजों की नियुक्ति) का उल्लेख #मूल #संविधान में नहीं है। यह व्यवस्था 1990 के दशक में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों (Judges Cases) के बाद न्यायिक व्याख्याओं से विकसित हुई है।
#WamanMeshram
क्रांतिनायिका वीरांगना फलन देवी जी के 63वें जन्म जयंती के अवसर पर सभी मूलनिवासी बहुजनों को हार्दिक बधाईयां।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
क्षत्रिय समाज अपने दोस्त और दुश्मन को पहचाने।
सुने #बीरबल के वंशजों ( #मुगलो के रिश्तेदारों को)
#स्वर्ण एकता धोख़ा है
#सामान्य कैटेगरी धोख़ा है
#क्षत्रिय हिंदू नहीं
जय क्षात्र धर्म। जय मूलनिवासी।
प्रतापगढ़ के रानीगंज कैथोला में संजय व सुजल शुक्ला द्वारा दो क्षत्रिय युवकों सौरभ सिंह व अनिकेत पर दिनदहाड़े बाज़ार में सीने पर गोली मारने का मामला सामने आया है-
#क्षत्रिय समाज के लोगों को वास्तविक दोस्त और दुश्मन का पहचान करना होगा
अब की #हिंदू_संगठन नहीं आयेगा
अब की #स्वर्ण_एकता वाला नहीं आयेगा
अब #बुलडोजर नहीं चलेगा
अब #मीडिया #ब्राह्मणवाद पर नहीं बोलेगा
#ViralUpdate #viralNews #pratapgarh
#wamanmeshram
जय मूलनिवासी ब्राह्मण विदेशी dna
#जय_बामसेफ
#kmm#yogiadityanath
#uttarpradeshsarakar
Suraj Shaurya Gajendra Singh Sunil Rajput बामसेफ की क्रांति Rk Artiyan Raghav Singh Dani Adnan Jyoti Kumari Suraj Singh
#nonfollower
#follower
#rajpoot
#kshatriymulnivasisangh
#trandingpage
#Facebook
#foryou
#all
#India
#Instagram
#trandingreel
#twitterX
बिहार के शिवहर की 20 वर्षीय रेखा कुमारी कान का इलाज कराने पटना के महावीर आरोग्य संस्थान गई थीं। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद नर्स ने नस की बजाय आर्टरी में इंजेक्शन लगा दिया। रेखा ने दर्द और तकलीफ़ की शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नतीजा इन्फेक्शन इतना बढ़ा कि उनका हाथ काटना पड़ा। नवंबर 2026 में होने वाली शादी भी टूट गई।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि FIR दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मना कर दिया।
सोचिए, जिस देश में इलाज कराने जाओ और इलाज के बदले अपना हाथ गंवाकर लौटो, वहाँ सिर्फ़ नारे लगाने से क्या होगा? पहले अस्पतालों में जवाबदेही, डॉक्टरों-नर्सों की जिम्मेदारी और पीड़ितों को न्याय तो सुनिश्चित कीजिए। देश नारों से नहीं, व्यवस्था से देश महान बनता है। पीड़िता की हर संभव मदद की जाए और आरोपियों पर सख़्त क़ानूनी कार्यवाही की जाए।
@BiharHealthDept@officecmbihar@bihar_police@NitishKumar@samrat4bjp@Nishantjdu81