संविदाकर्मियों के हित की सोचने वाली सरकार अभी तक राजस्थान में बनी ही नही!
जिसका मुख्य कारण है संविदाकर्मियों के संगठनों में एकजुटता का नहीं होना!
लक्ष्य एक ही है नियमतिकरण, परन्तु अलग अलग दिशाओं में संघर्ष कर रहे है!
अतः तमाम संविदा संगठनों का संघर्ष एक मैदान में हो तब बात बने!
बहुत बडी #शर्म की बात है कि किसी प्रदेश का मुखिया #संविदाकर्मियों का #शोषण करके अपने प्रदेश को #अग्रणी बनाने की बात करता है ,,,जिस प्रदेश में #शोषित और #पीड़ित#कार्मिक है क्या वो प्रदेश #अग्रणी हो सकता है ? शायद ऐ मुख्यमंत्री बन गए तो इनके चारों तरफ आनन्द ही आनन्द है
संविदा_कर्मियो_की_मांग_पूरी_करो
महोदय भजनलाल सरकार
1. कर्मियों के मानदेय वेतन भते में पदोन्नति हो
2. RGHS कार्ड लागू किया जाय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है उम्र के आधार पर
3. कर्मियों को ग्रेड पे लागू किया जाए @BhajanlalBjp@DrKirodilalBJP@madandilawar@ashokgehlot51
मनरेगा कर्मचारियो को रेगुलर करने पर हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा,
कहा - मानवीय नीति बनाना केंद्र का जिम्मा
हाईकोर्ट ने भी माना- अनिश्चितता मे जी रहे कर्मचारी
नियमितीकरण को लेकर स्पष्ट नीति न होने के कारण मनरेगा कर्मी लंबे समय से असुरक्षा और अनिश्चितता की स्थिति मे है!
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के निर्णय के संबंध में अब विभाग को बैठक-बैठक का खेल नहीं खेलना चाहिए,
संविदा कर्मचारियों के सम्बंध में नियमित के लिए SOP जारी करनी चाहिए!
संविदा पर कार्यरत पैराटीचर्स के नियमित के संबंध में 5 जनवरी को दोपहर 2 बजे वीसी आयोजित होगी!