प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
सोचिए, अगर आपके अपने माँ-बाप, बच्चे या भाई-बहन के सिर से अचानक छत छीन ली जाए - अगर आपके पूरे परिवार को एक ही पल में बेघर कर दिया जाए, तो आपको कैसा लगेगा?
दिल्ली की झुग्गियों में रहने वाले सैकड़ों ग़रीब परिवार आज इसी दर्द से गुजर रहे हैं। जिन छोटे-छोटे घरों में उनकी पूरी ज़िंदगी बसी थी, उन्हें BJP सरकार ने बेरहमी से उजाड़ दिया।
ये सिर्फ़ घर नहीं थे - ये उनके सपने, उनका सम्मान और जीने का सहारा था।
प्रशासन की आड़ में किया जा रहा यह अत्याचार, ग़रीबों के प्रति BJP की संवेदनहीनता और सत्ता के घमंड को उजागर करता है।
हम इन उजाड़े गए परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। ये लड़ाई अब सिर्फ़ घरों की नहीं, इंसाफ़ और इंसानियत की है - और हम हर मोर्चे पर लड़ेंगे।
आचार्य पुलक सागर जी महाराज की बात देश को सुननी चाहिए।
गौमाता के नाम पर सत्ता में आने वाले विदेश जाकर "गौमांस पर गर्व" कर रहे हैं.. शर्मनाक!
"अगर बूढ़ी गाय को जिंदा रहने का अधिकार नहीं है, तो किसी बूढ़े को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का भी अधिकार नहीं है। सत्ता ने करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया है।"
प्रिय छात्रों और अभिभावकगण,
जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में, हम सब पूरी तरह से आपके साथ हैं।
बदले की भावना में जल रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी संकीर्ण राजनीति का शिकार बनाने की कोशिश न करे। इस दुर्भावनापूर्ण पक्षपाती फ़ैसले के ख़िलाफ़, हमारे साथ हमारा छोटे-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़े-से-बड़ा नेता और वो सब हज़ारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता भी हैं जिनके सपने पर बुलडोज़र चलाने की निकृष्ट कोशिश भाजपा सरकार कर रही है।
हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है, हम ‘शिक्षा के मंदिर’ को बचाने के लिए देश भर से अपील करते हैं कि वो हमारे साथ आएं। विश्वविद्यालय में हर समाज के बच्चे पढ़ते हैं, क्या भाजपा अब हर समाज के युवाओं के विरुध्द हो गई है। भाजपा का अहंकार ही ये सब गलत काम करा रहा है। अगर कहीं कुछ काग़ज़ी कमी है भी तो उसके काग़ज़ पूरे करके यूनिवर्सिटी को बचाया जाए और स्टूडेंट्स के भविष्य को भी। यहाँ ग़रीबों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वो भाजपाइयों की तरह अपने बच्चों को महँगे विश्वविद्यालय या विदेशों में पढ़ा सकें। जिनके न परिवार हैं न बच्चे,वो परिवारवालों का दर्द क्या जानें। अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवार-परिजनों व समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती तो वो ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी से भरी इस विध्वंसक कार्रवाई का तत्काल कोई विकल्प ढूँढती।
सच तो ये है कि भाजपा शिक्षा के ही विरुद्ध है क्योंकि शिक्षित लोग जागरूक और प्रगतिशील होते हैं , वो अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ भी उठाते हैं और सवाल भी, जो दक़ियानूसी सोचवाली दमनकारी भाजपा की सत्ता को जरा भी रास नहीं आता है। इसीलिए भाजपाई और उनके संगी-साथी, गाँव-गाँव में प्राथमिक विद्यालय तथा अन्य स्थानों पर विश्वविद्यालय तक बंद करवाने की भूमिगत योजना बनाते रहते हैं। भाजपाई जानते हैं कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी-रोज़गार माँगेंगे, जो भाजपा सरकार देना ही नहीं चाहती है। नौकरी-भर्ती भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। जब हमारे प्राइमरी स्कूल बंद किये गये तो हमारे सजग शुभचिंतकों ने ‘पीडीए पाठशाला’ खोलकर, भाजपाई साज़िश नाकाम कर दी थी, इसीलिए अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रहा ये हमला, हर समाज के विद्यार्थियों के विरुध्द भाजपाई संगी-साथियों की एक बेहद घिनौनी साज़िश है। उन अपंजीकृत लोगों के अपने सभी स्कूल-विद्यालय चल रहे हैं लेकिन दूसरों पर प्रतिशोध की भावना से एकतरफ़ा कार्रवाई का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
अति निंदनीय!
आपका
अखिलेश
प्रधानमंत्री जी,
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए और दोषियों को कानून के कटघरे में लाइए।
आपकी सरकार की विश्वसनीयता अब आपकी कार्रवाई पर निर्भर है।
“15 lakh in every bank account & 2 crore jobs every year”
"Give me 50 days time, else..."
"We will win war against Corona in 21 days"
"Neither has anyone intruded into our territory nor took over any post”
Farmers don’t trust Modi ji due to his long history of ‘asatyagraha’.
The successful flight of Vikram-1, India’s first privately developed orbital rocket, is a tribute to years of patience, precision and quiet work by scientists, engineers and technicians.
My congratulations to the remarkable young team at Skyroot Aerospace, and to everyone at ISRO and IN-SPACe who supported this mission.
India is strongest when public institutions and private enterprise build upon each other’s capabilities in the service of science and society, and when our youth are given the opportunity and trust to turn ambitious ideas into reality.
Deeply saddened by the passing of Smt Chennamma, wife of former Prime Minister Shri H.D. Deve Gowda ji. Her strength was an enduring presence through decades of public service.
My heartfelt condolences to Deve Gowda ji, Kumaraswamy ji and the entire bereaved family.
सरेआम भविष्य की नीलामी।
Paper Leak Rate Card:
* NEET - ₹40 लाख
* IIT-JEE - ₹15 लाख
* उत्तराखंड पटवारी - ₹15 लाख
* बिहार शिक्षक भर्ती - ₹10 लाख
* ओडिशा पुलिस भर्ती - ₹25 लाख
जिसके पास पैसा है, वो मेन्यू से पेपर चुन लेता है। और जो सिर्फ़ मेहनत करता है वो अपना सपना खो देता है।
152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित और सज़ा? एक को भी नहीं। यही इस माफ़िया की असली ताक़त है - बच्चों का भविष्य बेचो, पैसा कमाओ और बेख़ौफ़ घूमो।
मोदी जी, देश का हर छात्र आपसे यही पूछ रहा है - यह गिरोह किसकी शह पर इतना बेख़ौफ़ है?
The core tenets of the Modi government are Asatya and Hinsa.
The removal of Sonam Wangchuk ji from Jantar Mantar while he was on a non-violent hunger strike is wrong.
Paper leaks, the rising cost of education, and student suicides are critical issues for India’s future.
No amount of force can deter India’s students, and those of us who love and believe in them, from raising these issues.
#ChhatronKiGoonj
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आक्रोश भी। जो लोग सादी वर्दी में इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए धोखे से अचानक घुसे थे, उनकी पहचान सार्वजनिक की जाए।
ये हमारी पुरज़ोर माँग है कि श्री सोनम वांगचुक जी की चिकित्सा ‘न्यायिक निगरानी’ में हो क्योंकि श्री सोनम वांगचुक जी का जीवन मानवता, पर्यावरण-संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवा ऊर्जा की प्रेरणा, साइंस और इनोवेशन के लिए अनमोल है।
हमारे देश की जनता व समस्त विश्व इस समय भाजपा सरकार को संदेह और सवाल भरी संदिग्ध नज़र से देख रहा है। दमनकारी राजनीति करनेवाली भाजपा सरकार की इस अवांछनीय कार्रवाई ने इंटरनेशनल लेवल पर हमारे देश की मानवीय और डेमोक्रेटिक इमेज को बेहद धूमिल और खंडित करने का काम किया है।
भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया, न कभी उनके गांधीवादी तौर-तरीक़ों में।
भाजपा की नकारात्मक विचारधारा ही ‘विवाद’ की है; संवाद की नहीं।
भाजपा निराशा का पर्याय बन चुकी है।
भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है!
भाजपा की सोच दरारवादी है, इसीलिए जहाँ भी एकता, सौहार्द और एकजुटता होती है, भाजपा डरकर प्रतिक्रियावादी बनकर आंदोलनों को तितर-बितर कर देती है लेकिन भाजपा भूल गयी है कि आज की नई पीढ़ी ‘डिजिटल यूनिटी’ के माध्यम से वैचारिक क्रांति लाने में सक्षम है. ऐसा हुआ है, हो रहा है और होगा भी…
@Wangchuk66
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
बहुत हुआ, चलो युवा,
हाथ से हाथ जोड़ के,
अन्याय का घड़ा फोड़ के।
युवा ख्वाब ये जल जाएंगे,
सिंहासन तब हिल जाएंगे,
छात्रों की गूंज, ये है छात्रों की गूंज।
शिक्षा Revolution की ओर देश के सभी छात्रों और युवाओं का उत्साह और जोश बढ़ाने के लिए #ChhatronKiGoonj Anthem.
बदलाव अब दूर नहीं।
17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है।
UKSSSC परीक्षा में यहाँ एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहाँ पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया - फिर भी लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे।
ज़रा सोचिए, एक बच्चे ने सालों तैयारी की। फ़ॉर्म भरा, फ़ीस दी, दूर के सेंटर तक गया। और उसका पद किसी और ने ख़रीद लिया।
यह लीक नहीं - यह चोरी है। उस युवा के हक़ की, उसके रोज़गार की, उसके भविष्य की।
मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूँ - यह आपकी लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूँ।
17 जुलाई, देहरादून। आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को हुंकार बनाएँ। भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।
अभी जुड़ें: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
Humble tributes to Bharat Ratna Thiru K. Kamaraj on his birth anniversary.
A visionary leader who dedicated his life to uplifting the marginalised and securing their dignity and rights. His legacy of social justice and selfless public service will always be remembered.
महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ, परीक्षा रद्द हुई। 6 लाख अभ्यर्थी अधर में। दो हफ्ते हो गए, नई तारीख़ का कोई अता-पता नहीं।
लीक करने वाले आज़ाद, सिस्टम बेदाग़ और सज़ा भुगत रहा है वो जिसने ईमानदारी से मेहनत की।
ये देश के कार्यरत और होने वाले शिक्षक हैं जिनके हाथ में भारत का भविष्य है - ये वही लोग हैं जिन्होंने साल दर साल तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी, दूर-दराज के सेंटर तक गए। और अब बस इंतज़ार कर रहे हैं, बिना तारीख़, बिना जवाब।
मुख्यमंत्री जी - तीन चीज़ें, आज ही:
1. समय-सीमा : TET की नई तारीख़ अभी घोषित कीजिए।
2. जवाबदेही : लीक के ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई हो, अभ्यर्थी पर नहीं।
3. भविष्य की रक्षा : जिनका साल इस लीक के कारण बर्बाद हुआ, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जाए।
गलती संस्था की, सज़ा अभ्यर्थी को - यह इंसाफ़ नहीं है।
17 जुलाई को देहरादून में मैं पेपर लीक के बढ़ते संकट पर आपसे विस्तार से बात करूंगा। अब समय आ गया है शिक्षा क्रांति का - ऐसी व्यवस्था बनाने का, जहां युवाओं को सिस्टम की नाकामी नहीं, अपनी मेहनत का फल मिले।
#ChhatronKiGoonj
स्कूल का कोई रिकॉर्ड नहीं है,
शादी का कोई सबूत नहीं है,
पिता की कोई तस्वीर नहीं है,
30 - 35 साल भिक्षा कहां मांगी पता नहीं है,
वड़नगर में चाय कहां बेची, मालूम नहीं है,
डिग्री छुपाकर रखी है , कहां रखी है ये मालूम नहीं है,
लेकिन मफलर संभालकर रखा है भाई ने 😂