गृह मंत्री अमित शाह सवर्ण हैं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सवर्ण हैं
विदेश मंत्री एस जयशंकर सवर्ण हैं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सवर्ण हैं
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सवर्ण हैं
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा सवर्ण हैं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सवर्ण हैं
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सवर्ण हैं
जब भाजपा के इतने बड़े बड़े नेता सवर्ण हैं तो ये लोग आरक्षण पर अपना बयान क्यों नहीं रखते?
ये तो सवर्णों के साथ धोखा है, सवर्ण इन्हें वोट करता है लेकिन ये सब आरक्षण पर एक शब्द भी नहीं बोलते हैं फिर भी सवर्ण समाज इन्हें वोट करता है।
कल अखिलेश यादव आरक्षण का पक्ष ले लिए तो लोग उन्हें वोट न देने की बात कर रहे हैं।
अरे भाई अपने सवर्ण नेताओं से तो पूछो कि वो किस तरफ हैं या अगर वो नहीं बोलते हैं तो खाओ कसम की अपना वोट NOTA पर देंगे।
अभी ये बात विपक्ष का कोई नेता कहता तो उसे अब तब पाकिस्तानी घोषित कर दिया जाता
महिला एंकर चूड़िया तोड़ने लगती, पुरुष एंकर को दौड़े पड़ने लड़ते
अब सब चुप है
सपा सरकार में अखिलेश यादव ने वर्ल्ड क्लास आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे बनवाया, उस पर फाइटर जेट तक उतर चुका,
इन 10-12 वर्षों में कोई शिकायत नहीं आई,
2017 में डबल इंजन वाली सरकार बनी, इन्होंने ₹4700 करोड़ का कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे बनवाया,
ये मुजस्समा बने 47 दिन भी नहीं हुआ, उसमें 147 से ज़्यादा दरारे आ गई, ‘फर्राटा पंखा’ लगा के पानी सुखवाया जा रहा है 😂
यही नहीं इसी पोस्टरबाज सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी बनवाया था, बनने के कुछ ही महीनों बाद उसमें सैकड़ो जगह पैचिंग हुई है,
खैर राष्ट्र में चुप रह लेता हूँ क्योंकि
हिन्दू खतरे में है, वैश्विक संकट की घड़ी है, पाकिस्तान भीख माँग रहा है,मोदी जी G20 करवाये थे, विदेशों में बहुत नाम हो रहा है
अगर तुमको चंपत राय और गोविंद गिरि से ज़्यादा गुस्सा कुनाल कामरा और पप्पू यादव पर आता है। तो आप सनातनी हिंदू नहीं, बल्कि एक दो कौड़ी के दोगले व्यक्ति है, और कुछ नहीं।
इन लोगों की बेशर्मी देखिए,
छात्र आंदोलन में गोली चली तो कह रहे हैँ कि
गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है,
लेकिन अयोध्या में हिंसक भीड़ पर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट ने दिया तो
उसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को बदनाम करते हैँ,
गोस्वामी तुलसीदास जी इन्हीं लोगों के लिए लिख गए हैँ,
झूठइ लेना, झूठइ देना। झूठइ भोजन, झूठ चबेना॥"
मोदी जी की उम्र फ़िलहाल 75 साल है यह तो सबको पता है लेकिन मोदी जी ने आज न्यूज़ीलैंड में जो बातें कही है वह आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी।
मोदी जी ने न्यूजीलैंड में भारतीय लोगों से एक कार्यक्रम में बात करते हुए कहा कि,
मैं करीब 30 साल पहले न्यूजीलैंड आया था तब मुझे गिफ्ट में मफलर कैप और दस्ताने मिले थे उसी मफलर को मैं आज यहां लेकर आया हूं।
बताइए मोदी जी 30 साल पहले मिले मफलर को अबतक सहेज कर रखें हैं।😀
राम मंदिर वाले मुद्दे पर अखिलेश यादव को टारगेट करने वाले BJP के लोग क्या बृजभूषण शरण सिंह को टारगेट करेंगे?
अखिलेश यादव राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए बीजेपी वाले उन्हें राम द्रोही बोलते है
एक पत्रकार ने बृजभूषण शरण सिंह से राम मंदिर पर पर बात की तो उन्होंने कहा में राम मंदिर पर पहले ही बोल चुका हूँ
इसलिए में अभी तक राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गया हूं वहां जो हो रहा है मुझे पहले दिन से ही पता है वहां क्या खेल चल रहा था
BJP वालों के अनुसार अखिलेश यादव राम मंदिर के दर्शन करने नहीं गए वो रामद्रोही हैं BJP वालों मुझे यह बताओ फिर तुम्हारी नजर में बृजभूषण शरण क्या हैं?
लालू यादव ने आज तक पूरे जीवन काल में कभी नहीं यादव महापंचायत में गए, ना कभी यादव चेतना रैली किया।
नीतीश कुमार का राजनीतिक जन्म ही कुर्मी चेतना रैली से हुआ और आज सम्राट चौधरी के समर्थन में कुशवाहा महापंचायत हो रहा, फिर भी जातिवादी लालू यादव कहलाएँगे?
लालू यादव पर क्या अंगुली उठाएँगे ये गमले में जन्मे हुए लोग? लालू यादव सामाजिक न्याय के लिए हमेशा लड़े, ऊँच-नीच, भेदभाव, अगड़ा-पिछड़ा जैसे सामाजिक अन्याय के ख़िलाफ़ लड़े। इसी सब के कारण सवर्ण समाज ने दुश्मन मान लिया, हालाँकि लालू यादव सवर्ण समाज के ख़िलाफ़ भी कभी नहीं रहे, वो बस समानता की बात करते थे।
इसलिए सामंतिवादी-मनुवादी सोच के लोग लालू के ख़िलाफ़ हो गए। अब मैंने सामंतवाद बोला, मनुवाद बोला, तो ये सब कोई जातिविशेष के लिए नहीं है, बल्कि ये एक सोच है जो किसी भी जाति के लोगों में हो सकती है।
नीतीश-सम्राट 10 जन्म में भी लालू यादव के सोच और सामाजिक न्याय के कार्य का बराबरी नहीं कर पाएँगे।
टिन्नू यादव चंपत राय के ड्राइवर थे. चंपत राय की सिफारिश पर टिन्नू यादव राम मंदिर के कार्यों से जुड़ गए.
टिन्नू यादव के सर पर चंपत राय का हाथ था. मालिक को वही नौकर पसंद आता है जो उसके कहना माने, जो उसके कहे अनुसार चले.
टिन्नू यादव में यही गुण था, इसी कारण चंपत राय का खास थे. लेकिन FIR केवल नौकर पर हुई है. दूसरी सबसे बड़े तकलीफ बात है टिन्नू यादव ने अपने 20 वर्षीय भतीजे मनीष यादव को राम मंदिर में काम पर रखा था,
मनीष यादव को नौकरी करते हुए केवल एक महीना हुआ है. एक महीने की नौकरी में कोई कितना गबन करेगा. और एक 20 वर्षीय युवक क्या अकेले यह सब कर सकता है. मनीष यादव पर FIR कर उसका भविष्य बर्बाद किया गया. 70-75 साल वाले बड़ी मछली बच गए.
टिन्नू यादव पर बहुजन समाज को गर्व करना चाहिए,
टिन्नू यादव पहले बहुजन हैं,
जो उस खजाने में से दो चार बूंद निकाल के ला पाए हैं,
जिस खजाने पर वर्षों से एक ही जात के लोगों का कब्जा रहा है,
मैं टिन्नू यादव को भारत रत्न दिए जाने की मांग करता हूं,
@shubhankrmishra ब्राह्मण में यही खासियत है! कि अगर उसके बिरादरी का कोई भी आतंकी भी होगा तो वह किसी भी हद तक उसको बचाने के लिए चले जाएंगे! यहां तक कि शहीद का दर्जा भी दिलवाने जायेंगे।
👏 एक ताली तो तुम लोगों के लिए बनती है।।