राम जन्मभूमि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद से ही देश भर से प्रतिदिन लाखों लोगों की आवाजाही लगी हुई है। जिनके स्टेशन से आने से लेकर रुकने की व्यवस्था भी बड़े बड़े पं��ालों में की गई है। वहीं संत रामपाल जी महाराज द्वारा श्रीराम भक्तों के भंडारे की भी एक उचित व अनोखी व्यवस्था की गई है, जिसमें लोगों को बूंदी, जलेबी, हलवा, पूड़ी, सब्जी समेत अन्य देसी घी से बना ऐतिहासिक भण्डारा कराया जा रहा है। देखिये अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट: https://t.co/LoQprHNvxY
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शिव और सदाशिव कोन हैं और क्या है इनमे अन्तर। जानिए अपने पवित्र शास्त्रों से शिव और सदाशिव का सम्पूर्ण ज्ञान Factful Debates YouTube channel पर।
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शिवरा��्रि पर जानिए भगवान शिव जी की कितनी आयु है? जानने के लिए डाउनलोड करें Sant Rampal Ji Maharaj App और पढ़ें पुस्तक "हिन्दू साहेबान नहीं समझे गीता, वेद, पुराण।
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On this Shivratri, know why and who made Lord Shiva full of Tamoguna? To know, read the book "Gyan Ganga" and to know complete spiritual knowledge, download Sant Rampal Ji Maharaj App.
शिवरात्रि पर जानिए शिव और महाशिव कौन है ? जानने के लिए डाउनलोड करें Sant Rampal Ji Maharaj App और पढ़ें पुस्तक "हिन्दू साहेबान नहीं समझे गीता, वेद, पुराण। 🌱
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श्राद्ध आदि शास्त्रविरूद्ध क्रियाऐं झूठे गुरूओं के कहने से करके अपना जीवन नष्ट करते हैं। यदि सतगुरू (तत्वदर्शी संत) का सत्संग सुनते, उसकी संगति करते तो सर्ब पापकर्म नष्ट हो जाते। सत्य साधना करके अमर लोक यानि गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहे (शाश्वतं स्थानं) सनातन परम धाम में आप
मार्कण्डेय पुराण (गीता प्रेस गोरखपुर से प्रकाशित पृष्ठ 237) में श्राद्ध के विषय मे एक कथा का वर्णन मिलता है जिसमें रूची नामक एक ऋषि को अपने चार पूर्वज जो शास्त्र विरुद्ध साधना करके पितर बने हुए थे तथा कष्ट भोग रहे थे, दिखाई दिए। “
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सूक्ष्मवेद (तत्वज्ञान) में तथा चारों वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद तथा अथवर्वेद) तथा इन चारों वेदों के सारांश गीता में स्पष्ट किया है कि आन-उपासना नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये शास्त्रों में वर्णित न होने से मनमाना आचरण है
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परमात्मा कबीर जी समझाते हैं कि हे भोले प्राणी! गरूड़ पुराण का पाठ उसे मृत्यु से पहले सुनाना चाहिए था ताकि वह परमात्मा के विधान को समझकर पाप कर्मों से बचता। पूर्ण गुरू से दीक्षा लेकर अपना मोक्ष करता। जिस कारण से वह न प्रेत बनता, न पितर बनता, न पशु-पक्षी आदि-आदि के शरीरों में कष्ट
कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि -
एकै साधे सब सधै, स��� साधै सब जाय।
माली सीचें मूल को, फलै फूलै अघाय।।
संत रामपाल जी महाराज, सर्वसुख व पूर्णमोक्ष दायक शास्त्रानुकूल भक्ति साधना (धार्मिक अनुष्ठान) करवाते हैं,
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पितृ पूजा से अधिक लाभकारी भक्तिविधि
विष्णु पुराण, तृतीय अंश के अध्याय 15 में श्लोक 55-56, पृष्ठ 213 पर लिखा है कि एक योगी (शास्त्रानुकूल सत्य साधक) अकेला ही पित्तरों तथा एक हजार ब्राह्मणों तथा यजमान सहित सर्व का उद्धार कर देगा।
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सतलोक में पूर्ण परमात्मा के शरीर का एक रोम-कूप की शोभा कितने सूर्यों के प्रकाश से अधिक है?
A. एक करोड़
B. एक अरब
C. एक खरब
D. इनमें से कोई नहीं
#सत_भक्ति_संदेश
The nature of God is a crucial divergence. Aniruddha Acharya believes God is formless but can take corporeal form, drawing an analogy with water. In contrast, @SaintRampalJiM, referencing Vedic verses and Gita Chapter 4 Verse 32, asserts that God has a human-like form. Aniruddha Acharya emphasizes salvation as a state of mind, contending that controlling the mind is the key to attaining it. In contrast, Saint Rampal Ji Maharaj, drawing from the Bhagavad Gita, asserts that complete salvation involves finding a Tatvadarshi Saint and acquiring true spiritual knowledge. The article delves into the spiritual landscape of India, addressing the challenges faced by devotees in identifying the true path to salvation. It compares the perspectives of Aniruddha Acharya and Saint Rampal Ji Maharaj on fundamental aspects of spirituality.
Analysis of Spiritual Debate: https://t.co/89j2r2RGfm
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नशा मुक्त समाज
संत रामपाल जी महाराज जी का ज्ञान समझने के बाद उपदेश प्राप्त करते ही हर प्रकार का नशा छूट जाता है।
आज संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेकर लाखों अनुयायी नशा छोड़ चुके हैं।
#AimOfSantRampalJi
संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य विश्व में प्रेम व शांति स्थापित करना व कुरीतियों, पाखंडवाद, नशा, दहेज प्रथा आदि को समाप्त करके सबको एक परमात्मा की भक्ति करवाकर सुखी बनाना और पूर्ण मोक्ष देना है।
#AimOfSantRampalJi
फ़िल्मों में दिखाई गई अश्लील हरकतें, छोटे अर्ध नग्न कपड़ों का पहनना, चोरी, हत्या, गुंडागर्दी, गालियां जिसका सीधा दुष्प्रभाव युवा वर्ग पर पड़ रहा है।
संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य है कि मानव समाज को इन सभी बुराईयों से दूर करके सत्य भक्ति पर लगाएं।
#AimOfSantRampalJi
हम एक ऐसा मानव समाज तैयार कर रहे हैं, जो किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी से कार्य करके सबको न्याय दिलाएगा।
छोटा बड़ा, अमीर-गरीब की खाई को मिटायेगा। आध्यात्मिक तत्वज्ञान के ��धार से भारत विश्व का एक महान राष्ट्र होगा।
- संत रामपाल जी महाराज जी
#AimOfSantRampalJi