ये कौन सी पुलिसिंग है भाई? ये तो सीधे-सीधे गुंडागर्दी दिख रही है
एक व्यक्ति अपने पत्नी और बच्चे के साथ यात्रा करने कर रहा था। जहाँ उसे जाँच के नाम पर रोकर उसके साथ मारपीट की गई। ये कहा की पुलिसिंग है?
मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी का।
@Shubhamshuklamp शिक्षक हर हाल में सम्मानीय होता है, हम उनसे पढ़े या न पढ़े.. लेकिन आडम्बर और झूठ कभी अच्छे शिक्षक क़ी पहचान नहीं हो सकती.. यहाँ तो व्यूज और दिखावे के चक्कर में गिरावट क़ी कोई सीमा ही नहीं छोडी..!!
आपका व्यवहार और लहजा ही समाज में आपकी असली पहचान और जगह तय करता है।
मैदान में जुनून, दिल में तिरंगा और नज़र सिर्फ़ जीत पर! 🇮🇳⚽
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गर्व का एक और मौका दिया है। यह जीत उन सभी बेटियों को प्रेरणा है जो सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखती हैं।
बधाई टीम इंडिया! देश को आप पर गर्व है। 🇮🇳🏆
@chote_mote_log@Shubhamshuklamp मित्र..आपने खुद स्पष्ट कर दिया क़ी शिक्षक के अलावा हर कोई किसी न किसी रिश्ते में हैं, जैसे माँ, बाप और बॉस...बाकी रहा सर बोलने का तो वो आपके ऊपर या समय काल परिस्थिति पर भी निर्भर करता है...!!
पत्रकार:- खान सर का मामला….
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल:- आप उनसे पढ़ाई पढ़ते हैं? नहीं पढ़ते हैं? फिर आपके सर कैसे हुए वो? ख़ान जी बोलिए ना
आप अगर विद्यार्थी नहीं हैं तो खान सर मत बोलिए। ख़ान जी बोलिए
From getting the govt to implement QR scans on roads to free skill courses for students, it takes years to build trust.
Gen Z needs a meritorious & progressive movement- not some politically backed theatrics.
Thank you @ARanganathan72 sir for shoutout.
Video credit- @rjraunac
@ajitbhinder@ARanganathan72 Sir, I deeply respect our soldiers and veterans so pls be mindful before labeling anyone..
What is there to prove.. See your Bio you will get to know everything..!!
जंतर-मंतर पर #NEET पेपर लीक से प्रभावित अभिभावकों का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री के #इस्तीफे की मांग की।
वैश्विक संकट के इस दौर में 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयासों से भारत खुद को संभाल भी रहा है और सबसे आगे रहने के उसके प्रयास सफल भी हो रहे हैं। देश की विकास गति को लेकर आज आए आंकड़े भी इसके गवाह हैं।
असल सवाल तो यही है...क्या विकास सिर्फ़ शिलान्यास और उद्घाटन तक सीमित है, या निर्माण की गुणवत्ता और जवाबदेही भी उसकी ज़िम्मेदारी है?
Where is #Accountability ..??
26.40 करोड़ रुपये की लागत से बना बक्सर का इटाढ़ी पुल उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गया।
>26 करोड़ रुपये का पुल
>सालों का इंतज़ार
>उद्घाटन के 4 दिन बाद ही क्षतिग्रस्त
वैसे भी जनता का काम टैक्स देना हैं भ्रष्टाचार करना नहीं.
#ItaadhiBridge