भील समाज को पृथक आरक्षण दिलाने के लिए भील समाज बरसों से संघर्षरत है Sc- St आरक्षण में वर्गीकरण का निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया इस हम समर्थन करते हैं।
भारत बंद का बहिष्कार करते हैं। @8PMnoCM@ashokshera94 @AadivasiSamachr @arvindchotia@BikerGirlkancha@HimanshuValmi13
🗣️ भाजपा के मेहसाना विजेता रमेश भील जी ने 28 साल तक पार्टी ऑफिस में पियोन का काम किया। सिर्फ 4000 वोट से जीते, लेकिन पूरे पैनल की जीत पर खुशी मनाई!
ये है सच्चा भाजपा कार्यकर्ता! चपरासी से विधायक तक... समर्पण की मिसाल!
गर्व है भारतीय जनता पार्टी पर 🪷
BJP हैसियत नहीं हुनर देखकर जिम्मेदारी देती है
जिसकी मिशाल है बंगाल से भाजपा प्रत्याशी कलिता माँझी, इनके घर ना फ्रिज है, ना टीवी है ना एसी है, अगर है कुछ तो वो मेहनत और हिम्मत
जिन हाथों से दूसरों के घर में बर्तन चमकते थे,वही हाथ
आज राजनीति की तस्वीर बदलने की ताकत बन गये है
साँच को आँच की ज़रूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतको की कारगुज़ारी मात्र है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का मैं ही नहीं, देश की हर महिला स्वागत कर रही है। यह भी तय मान लीजिए कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले ऐसे लोग चौथी बार भी विपक्ष में ही बैठने की तैयारी कर चुके हैं।
ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएँ, बाधाएँ उत्पन्न करें . . . देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी!
#NariShaktiVandan #NariShaktiVandanAdhiniyam #NariShakti
“ये हैं रमेश भील—28 साल तक बीजेपी मेहसाणा ऑफिस में एक पीऑन रहे।
पार्टी ने उन्हें टिकट देकर साबित कर दिया कि बीजेपी में एक आम कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत से शिखर तक पहुंच सकता है।”
पहली बात तो @manojmeena मनोज मीणा भाई क्षत्रियों ने कभी बूंदा मीणा को अपना नहीं बताया ,पता नहीं आप किस उद्देश्य से किसी समाज विशेष पर ऐसी टिप्पणी कर रहे हो
दूसरी मैं आप ही की बात को आगे बढ़ाऊ तो अगर मीणा राजा-महाराजा ही थे तो आप ST रिजर्वेशन क्यो खाए बैठे हो
बेचारे संथाल,मुंडा,उनराव,भील,गोंडा,बैगा,बंजारा,बिरहोर,खोड़, सहरिया,कोरवा और गारो ऐसी जातियों तो सही में पिछड़ी है समाज की मुख्यधारा में नहीं है उनका हक़ निगल रहे हो
छोड़ो अगर राजा महाराजा थे तो
ऐसे छोटे मोटे नेताओं से मीणा समाज को दूरी बनानी चाहिए जो ज़हर घोलते हो
@Kapil_Jyani_ संविधान के अनुच्छेद 341 में पहले से ही अधिसूचित हैं कि अनुसूचित जाति का व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता हैं तो उसका आरक्षण का लाभ समाप्त होगा।
1977 से बंद भगवान देवनारायण मंदिर के लिए भाजपा विधायक का अनोखा संकल्प: अन्न, जूते और पगड़ी का त्याग
भीलवाड़ा जिले के मांडल स्थित भगवान देवनारायण जी का मंदिर पिछले 48 वर्षों से अपने भक्तों और नियमित आरती-पूजा का इंतजार कर रहा है। मंदिर की जमीन और धार्मिक स्थल को लेकर वर्षों पहले विवाद खड़ा हो गया था। इसी विवाद के चलते प्रशासन ने वर्ष 1977 में मंदिर के दरवाजे पर ताला लगाकर उसकी चाबी थाने में जमा कर दी थी।
यह मामला एक बार फिर चर्चा में तब आया, जब 11 मार्च 2022 को एक युवक ने मंदिर का ताला तोड़कर वहां ध्वज फहरा दिया। इसके बाद यह घटना सुर्खियों में आ गई और पुलिस ने उस युवक के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया।
मंदिर के कपाट खुलवाने की मांग को लेकर मांडल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक उदयलाल भडाणा पिछले कई महीनों से एक अनोखा संकल्प निभा रहे हैं। उन्होंने प्रण लिया है कि जब तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए नहीं खोला जाएगा, तब तक वे जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे, अन्न का त्याग करेंगे और अपने सिर व दाढ़ी के बाल भी नहीं कटवाएंगे।
उनका यह संकल्प अब लगभग नौ महीने से जारी है। वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से लेकर विधानसभा की कार्यवाही तक हर जगह नंगे पांव ही पहुंच रहे हैं।
“सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण"
खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहाँ खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूँ। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है।
राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूँ।
#Bikaner #Orans #Jaisalmer
राजस्थान का गौरव बढ़ाने वाली सभी विभूतियों को पद्म सम्मानों की हार्दिक बधाई। अपनी कला, सेवा और साधना के माध्यम से प्रदेश की पहचान को नई ऊँचाइयाँ देने वाले समस्त सम्मानित व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कार की घोषणा पर हार्दिक शुभकामनाएँ।
समाज सेवा के लिए स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज, भपंग वादन की समृद्ध परंपरा को जीवंत रखने वाले श्री गफरूद्दीन मेवाती जोगी जी तथा लोकधुनों और अलगोजा वादन के संरक्षण हेतु तगा श्री राम भील जी को पद्मश्री की घोषणा ने समूचे राजस्थान का मान बढ़ाया है।
आप सभी की साधना, समर्पण और साधक यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहे।
#PadmaAwards #PadmaVibhushan #PadmaBhushan
#JaiJaiRajasthan
वेगडाजी भील जी का पराक्रम सोमनाथ के इतिहास का एक अभिन्न हिस्सा है। हिंसा की धमकियों से विचलित हुए बिना वे इस पवित्र मंदिर की रक्षा में दृढ़ता से डटे रहे। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सोमनाथ की रक्षा के लिए मां भारती की संतानों का संकल्प कितना सशक्त रहा है।