4/4
आज साधन, धन और प्रतिष्ठा सब कुछ है, लेकिन नैतिकता कमजोर होती जा रही है। बाहर से हम साफ दिखते हैं, पर भीतर से मूल्य गिर रहे हैं। इसलिए आत्ममंथन जरूरी है।
#JaiSrimanNarayan 🚩
1/4
जीवन में उद्देश्य और लक्ष्य होना चाहिए। उद्देश्य, कर्तव्य, संस्कार और संस्कृति के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। ऐसा व्यक्ति न शांति पा सकता है और न ही अपने मुकाम तक पहुँच सकता है।
— श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज
#JaiSrimanNarayan
3/4
स्वामी जी ने कहा— प्रकृति ने कुछ जीवों को सफाई के लिए बनाया है। सुअर भूमि की गंदगी साफ करता है और मछलियाँ जल की गंदगी को संतुलित करती हैं। लेकिन आज मनुष्य इन्हें ही अपना भोजन बना रहा है। यह नैतिक पतन का संकेत है।
शुभांकर मिश्रा: कई लोग प्रेमानंद जी के लिए कहते हैं कि चमत्कार है ये।
रामभद्राचार्य: कोई चमत्कार नहीं है।
शुभांकर मिश्रा: खान सर ने तो कहा कि वो भगवान का रूप है बिना किडनी के भी जीवन चल रहा है।
रामभद्राचार्य: मैं चैलेंज करता हूँ यदि चमत्कार है तो प्रेमानंद जी मेरे सामने एक अक्षर संस्कृत बोलकर दिखा दें।
प्रेमानंद महाराज जी को रामभद्राचार्य जी ने खुलकर चैलेंज कर दिया है, यह कुछ और नहीं बल्कि
प्रेमानंद महाराज जी की लोकप्रियता से रामभद्राचार्य जी की चिढ़न है।
आज हमारे लाखों भारतीय students, researchers, scientists और professionals, दुनिया भर की universities और institutions में काम कर रहे हैं। यदि अन्य देशों में immigration को लेकर माहौल कठिन होता है, तो हमें इस talent को भारत में वापस लाने की रणनीति बनानी चाहिए। हमें अपनी universities, IITs, IIMs, IISERs, R&D labs, companies और think tanks में ऐसी जगह, ऐसे अवसर और academic freedom उपलब्ध कराने होंगे, ताकि यह प्रतिभा, भारत में आकर अपना योगदान दे: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
मैं, हमारी universities के Vice chancellors, Deans और प्रोफेसर्स से यह कहना चाहूँगा, कि हम क्या ऐसे structural changes कर सकते हैं, हम ऐसे क्या Incentives दे सकते हैं, कि दुनिया भर में फैला हुआ, हमारा Indian talent, हमारे पास, हमारे लिए काम करने आए। क्या हम ऐसी कोई व्यवस्था कर सकते हैं, कि हमारा Indian talent, जो बाहर के देशों में काम कर रहा है, अगर उसे वहां कोई असुविधा हो, तो वह किसी और दूसरे देश में, या दूसरी कंपनी में जाने की बजाय, हमारे देश में आए। उससे हमारे research and development तथा innovation ecosystem को जो sudden boost मिलेगा, वह कहीं न कहीं, हमें और भी अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा: रक्षा मंत्री श्री @rajnathsingh
If your mobile phone is lost or stolen, you can report it and get further assistance. For more information, visit the Central Equipment Identity Register (CEIR) website:
https://t.co/w4VAfFKmDk
#sancharsaathi@TRAI
@PuVVNLHQ@UPPCLLKO@myogiadityanath@UPPCLLKO@myogiadityanath@CMOfficeUP
महोदय, उपरोक्त के संदर्भ में आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। विद्युत कनेक्शन नंबर - 5553830100 का बिल पुनः मनमाने ढंग से आठ हजार सात सौ रूपये आ गया। मीटर खंभे से जुड़ा ही नहीं। अनेक आवेदन दे चुका। यह वित्तीय भ्रष्टाचार है। कृपया कार्यवाही करें।
प्रेत बाधा / भूत आना
आपने कई बार ये सुनो होगा कि किसी पर भूत का साया आ गया या किसी व्यक्ति में किसी मृत व्यक्ति की आत्मा आ गई।
कई लोग इससे निजात पाने के लिए बाबाओं के चक्कर काटते रहते हैं
पर क्या सच में ऐसा होता है??
दरअसल ये एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है जिसे Dissociative Identity Disorder (DID) कहते हैं। इसे पहले मल्टीपल पर्सनालिटी डिसऑर्डर और Split Personality Disorder कहा जाता था।
इस बीमारी में व्यक्ति के पास दो या अधिक अलग-अलग पहचानें होती हैं।
"डिसोसिएट" का मतलब है अलग या विच्छिन्न होना।
DID से ग्रसित व्यक्ति कई अलग-अलग व्यक्तित्वों का अनुभव कर सकते हैं, जिन्हें आमतौर पर "Alters" कहा जाता है।
प्रत्येक पहचान के पास अलग-अलग व्यवहार, यादें, सोचने के तरीके, या भावनाएं हो सकती हैं। ये पहचान अलग-अलग लिंग, जातीयता और परिवेश के साथ बातचीत करने के तरीके को भी अपना सकते हैं।
ये पहचानें अलग-अलग समय पर व्यक्ति के व्यवहार को नियंत्रित कर सकती हैं। एक पहचान से दूसरी पहचान में यादें स्थानांतरित नहीं होती हैं, जिससे स्मृतिभ्रंश (Amnesia) हो सकता है।
स्मृतिभ्रंश की उपस्थिति अक्सर DID के निदान के लिए महत्वपूर्ण लक्षण मानी जाती है।
DID आपके दैनिक जीवन में कार्य करने की क्षमता में बाधा डालता है। यह आपके संबंधों, स्कूल या कार्यस्थल पर प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
ये विकार आपकी वास्तविकता से जुड़ने की क्षमता को प्रभावित करते हैं।
डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर के प्रकार:
DID के दो प्रकार (या रूप) होते हैं:
1. Possession: इसमें ऐसा होता है जैसे कि कोई बाहरी शक्ति या आत्मा आपके शरीर पर नियंत्रण कर रही हो। आप अलग तरीके से बोल या व्यवहार कर सकते हैं, जिसे दूसरों के लिए समझना आसान होता है। यह एक अवांछित पहचान होती है और व्यक्तित्व का स्विच करना अनैच्छिक होता है।
2. Non-possession:
इसमें मरीज़ अचानक से अपनी पहचान में बदलाव महसूस कर सकते हैं, जैसे कि आप खुद को एक फिल्म में देख रहे हैं (आउट-ऑफ-बॉडी एक्सपीरियंस) और अपने भाषण, भावनाओं या व्यवहार पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं।
DID के लक्षण:
- कम से कम दो पहचानें (व्यक्तित्व अवस्थाएँ) होती हैं, जो आपके व्यवहार, यादों, आत्म-धारणा और सोचने के तरीकों को प्रभावित करती हैं।
- - दैनिक गतिविधियों, व्यक्तिगत जानकारी और आघातपूर्ण घटनाओं के बारे में स्मृतिभ्रंश या यादों में अंतराल होता है।
- अलग-अलग पहचानें आपकी सामाजिक स्थिति या काम, घर या स्कूल में कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं।
DID के साथ पाए जाने वाले अन्य मानसिक स्वास्थ्य लक्षण (जो हमेशा नहीं होते) में शामिल हो सकते हैं:
- चिंता (Anxiety)
- मिथ्या विश्वास (Delusions)
- अवसाद (Depression)
- स्वयं को नुकसान पहुँचाने की प्रवृत्ति (Self-harm)
- नशे की लत (Substance use disorder)
- आत्महत्या के विचार (Suicidal ideation)
DID का उपचार:
इसमें अवसाद और चिंता जैसे लक्षणों को ठीक करने के लिए दवाइयाँ दी जाती है और साथ ही साथ
मनोचिकित्सा (Psychotherapy), विशेष रूप से Cognitive Behavioral Therapy की मदद ली जाती है।
अगर आप किसी भी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसमें ऐसे लक्षण हैं तो आप जल्द से जल्द उन्हें एक मनोचिकित्सक से इलाज कराने की सलाह दें।
@UPPCLLKO गाजीपुर, उ. प्र. के सादात पावर ब्लॉक के अंतर्गत बड़े बाबू मनमाने ढंग से कंज्यूमर को परेशान कर रहे हैं।
मेरे घर पर घरेलू मीटर लगा है, जिसमें विद्युत सप्लाई कभी नहीं की गई। लेकिन फर्जी रीडिंग का बिल हर माह आता है कई आवेदन दे चुका लेकिन निदान नहीं हुआ। @myogiadityanath
@puvvnlghazipur1@UPPCLLKO@PuVVNLHQ वाह! कितना मिथ्या बोलेंगे साहब। शिकायत हल भी हो गई और उपभोक्ता को पता ही नहीं चला। कृपया झूठ न बोलें। योगी बाबा @myogiadityanath देख रहे हैं, किस तरह से अभियंता साहब मैनिपुलेट करते हैं। पीडी की पर्ची कटवाने जाओ तो अभियंता साहब मिलते नहीं है।