मा. सुप्रीम कोर्ट के आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों पर आदेश के बीच सवाल है—जब सरकार रोजगार नहीं दे पा रही, तो अपने आवास पर छोटी दुकान या ट्यूशन से ईमानदारीपूर्वक पेट पालने वालों का क्या होगा? स्वरोजगार के रास्ते बंद होंगे, तो बेरोजगारी व अपराध बढ़ने का खतरा है।
मुफ्त खाद्यान्न वितरण और मिड-डे मील योजना आखिर कब तक? हजारों करोड़ खर्च कर जनता को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय मुफ्तखोरी की आदत डालना बंद होना चाहिए, जनकल्याण का अर्थ मुफ्त बांटना नहीं, आत्मनिर्भर बनाना है।
भारत में ऊँचे इनकम टैक्स और GST के कारण अच्छे पैकेज वाले होनहार युवा UAE व अन्य देशों का रुख कर रहे हैं। यह देश के लिए चिंतनीय है। प्रतिभा और निवेश रोकने के लिए अधिकतम 5% इनकम टैक्स की नीति पर विचार होना चाहिए।
भारत में अधिक आयकर के चलते कई प्रतिभाशाली युवा यूएई, सिंगापुर जैसे देशों का रुख कर रहे हैं। सरकार को ऐसी कर नीति बनानी चाहिए, जिससे वे भारत में ही रह कर जॉब करें।
आधार कार्ड अपडेट के लिए भी अधिकृत संस्थानों में अत्यधिक भीड़ लग रही है, जिससे आम नागरिकों में अत्यधिक ग़ुस्सा है।
इस विषय पर अतिशीघ्र कोई नीति बनाकर जनता को राहत देने की आवश्यकता है।
सौ गुनहगार भले छूट जाएँ पर एक निर्दोष को सज़ा न हो, तो क्या पेपर लीक से बने अयोग्य डॉक्टर बन जाए और होनहार अभ्यार्थी डॉक्टर बनने से वंचित जाएँ, यह कहाँ का न्याय?
नीट परीक्षा रद्द कर पुनः होनी चाहिये
रायबरेली : प्रवास के दौरान भाजपा नेता अरविंद श्रीवास्तव ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियाँ
उज्ज्वला गैस योजना से जहां हर महिला को मिला चूल्हा
धुँआ से मिली राहत
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प्रदर्शनी, मॉल, बाजार, मांगलिक कार्यक्रम, चुनाव, सरकारी व निजी कार्यालय और सभी कुछ खुला है किंतु शिक्षण संस्थान बंद हैं यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि डब्ल्यूएचओ और वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों पर कोरोना का कोई विशेष असर नहीं है।
पुलिस और प्रशासन से अनुरोध है कि लॉकडाउन में जरूरी कार्य से निकले नागरिकों से अभद्र व्यवहार कर सरकार की छवि न खराब करें, अनावश्यक एकत्र होने पर नियमानुसार जुर्माना एवं चालान की कार्यवाही उचित है।
17 मई को आए भीषण चक्रवाती "ताउते तूफ़ान" में फंसे भारतीय जहाज़, जिसमें लखनऊ निवासी, कैप्टन श्री नागेन्द्र प्रजापति सहित 11 सदस्य अभी तक लापता हैं, भारत सरकार से अनुरोध है कि उनको युद्ध स्तर पर तलाश किए जानें की प्रभावी मुहिम चलाई जानी चाहिए।
देश के सभी निजी अस्पतालो में टी.बी. वार्ड के तर्ज़ पर 50 प्रतिशत कोविड वार्ड बनाया जाना चाहिए और पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिससे गंभीर कोरोना मरीजों को राहत मिलेगी।