माननीय राज्यसभा सांसद श्री @RakeshSinha01 जी की प्रेरणा से मेरे द्वारा लिखी गई पुस्तक "मैं निर्भया हूं ...?" का विमोचन दिनांक 13/05/2022 को माननीय राज्यसभा सांसद द्वारा किया गया ।
इस अवसर पर उपस्थित हुए सभी मित्रों का हार्दिक आभार ।
@aajtak उनके द्वारा उनसे ये प्रश्न न पूछना कि, यदि पुराने वाहनों को E20 से कोई नुकसान नहीं हो रहा है तो वाहनों को E20 कंपेटिबल बनाने की क्या आवश्यकता है ।
बुरा लगा
@n_aja77352
@aajtak की ऐंकर सुश्री श्वेतासिंह का मैं हमेशा ही प्रसंशक रहा हूं उनका बेबाक अंदाज मुझे बहुत पसंद है,
आज मैं उनके द्वारा लिया, गडकरी जी का इंटरव्यू देख रहा था,
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
@PMOIndia
आयुष्मान भारत योजना करोड़ों गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण है। लेकिन यदि इस योजना से जुड़े अस्पताल ही नियमों की अवहेलना कर मरीजों को आर्थिक शोषण के लिए मजबूर करने लगें, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।
देहरादून स्थित हिमालयन
@PMOIndia माननीय प्रधानमंत्री जी आप संलग्न अस्पताल के पर्चे में देख सकते हैं कि मरीज से 5000/- अग्रिम जमा करा लिया गया है तथा बताया ये पांच हजार रुपया जब दवाइयों और जांचों खर्च हो जाएगा तब आपको और जमा कराना होगा ।
@narendramodi@pushkardhami@madankaushikbjp@JPNadda@c@aajtak
@PMOIndia हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के तहत सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज से कथित रूप से कहा जा रहा है कि ऑपरेशन से पहले की जांच और दवाइयों का खर्च मरीज को अपनी जेब से देना होगा। यह स्थिति आयुष्मान योजना की पारदर्शिता और उद्देश्य पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
सरकार ने गरीबों को इलाज का
@PMOIndia माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया तत्काल हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दें और दोषी पाए जाने वाले अस्पतालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें, कोई भी गरीब मरीज इलाज के नाम पर अपनी जेब खाली करने के लिए बाध्य न हो।
आयुष्मान भारत का लाभ कागजों पर नहीं, धरातल पर मिलना चाहिए।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
@PMOIndia
आयुष्मान भारत योजना करोड़ों गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण है। लेकिन यदि इस योजना से जुड़े अस्पताल ही नियमों की अवहेलना कर मरीजों को आर्थिक शोषण के लिए मजबूर करने लगें, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है।
देहरादून स्थित हिमालयन
@RahulSinghUP61@Lawyer_Kalpana@RahulSinghUP61 आपने मेरे श्री @RakeshSinha01 जी के विषय में विश्वविख्यात प्लेटफॉर्म X का दुरुप्रयोग कर असत्य जानकारी प्रसारित कर समाज में छवि धूमिल की है, मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं, प्रो० सिन्हा जी की कोई कंपनी नहीं है, आपके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है।
बंगाल में @BJP4India की जीत ने दिखा दिया है जमीन से उखड़े बुद्धिजीवियों की राय सामूहिक विवेक का निर्माण नहीं करती है ।१९०५ में विभाजन और १९४६ में प्रत्यक्ष करवाई का दंश भोगे हिंदुओं ने देश की एकता अखंडता के लिए वोट किया है ।साफ़ संदेश है “anti Hindutva politics has no future”
🇺🇸अमेरिका ने ईरान में फंसे अपने दूसरे पायलट को बचाया।
ईरान की धरती पर फंसे अपने पायलट को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन कर अमेरिका ने जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई
वह यह साबित करता है कि, अपने लोगों को सुरक्षित वापस लाना ही असली राष्ट्रधर्म है @DonaldJTrumpJr@america
परिणाम आज सबके सामने हैं -
राजनीतिक हिंसा सामान्य हो गई,
चुनाव लोकतंत्र नहीं, बल प्रयोग बन गए,
न्याय, निष्पक्षता और सुरक्षा — काग़ज़ों तक सीमित रह गए,
और अब वही राज्य, वही देश, उसकी कीमत चुका रहा है
मैं यह आज नहीं कह रहा कि “मैं सही था”,
मैं यह कह रहा हूँ कि—
“जब चेतावनी को अनसुना कर दिया जाता है, तो भविष्य सज़ा देता है”
वर्ष 2017 में मैंने संवैधानिक दायित्व निभाते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय को एक विधिवत पत्र लिखा था, जिसमें पश्चिम बंगाल की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा, प्रशासनिक पक्षपात और आम नागरिकों की असुरक्षा को s
Police और Public Order राज्य का विषय है।”
* साथ ही यह भी लिख दिया गया कि
“आपकी माँग अनुच्छेद 356(1) की कसौटी पर खरी नहीं उतरती।”
यानी— जिस राज्य में हिंसा, भय और अराजकता की शिकायत थी,
उसी राज्य की सरकार को यह तय करने के लिए कह दिया गया कि
वह स्वयं अपने खिलाफ कार्रवाई करे।