आप सभी विषय वासियों को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर ढेर सारी शुभकामनाएं। हमें आप सभी लोगों से अनुरोध है कि मृदा की ज्यादा से ज्यादा खनन ना करें, हमारे सरकार से भी अनुरोध है कि इस पर जल्द से जल्द विचार कर कोई नया कानून लाई जाए.!
#savesoild#saveearth#savelife#aryamusicsecries
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से निवेदन है कि, कृप्या पूरे देश में हर साल कौशल मेला का आयोजन किया जाए। जिससे कि विद्यार्थी के अंदर छुपा हुआ कौशल को परखा जाए , और उसे कुछ अलग करने के लिए प्रोत्शाहित किया जाए। यह कदम हमारे देश को आत्मनिर्भर होने मे शत प्रतिशत मदद करेगी।
माननीय @PMOIndia से निवेदन है कि, कृप्या पूरे देश में हर साल कौशल मेला का आयोजन किया जाए। जिससे कि विद्यार्थी के अंदर छुपा हुआ कौशल को परखा जाए , और उसे कुछ अलग करने के लिए प्रोत्शाहित किया जाए। यह कदम हमारे देश को आत्मनिर्भर होने मे शत प्रतिशत मदद करेगी।
आप सभी विषय वासियों को विश्व मृदा दिवस के अवसर पर ढेर सारी शुभकामनाएं। हमें आप सभी लोगों से अनुरोध है कि मृदा की ज्यादा से ज्यादा खनन ना करें, हमारे सरकार से भी अनुरोध है कि इस पर जल्द से जल्द विचार कर कोई नया कानून लाई जाए.!
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Mohandas Karamchand Gandhi (/ˈɡɑːndi, ˈɡændi/;[2] 2 October 1869 – 30 January 1948) was an Indian lawyer,[3] anti-colonial nationalist,[4] a philosopher, and political ethicist,[5] who employed nonviolent resistance to lead the successful campaign for India's independence from
British rule,[6] and in turn inspired movements for civil rights and freedom across the world. The honorific Mahātmā (Sanskrit: "great-souled", "venerable"), first applied to him in 1914 in South Africa, is now used throughout the world.[7][8] His contributions to the formation
��िए प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थलों को आकर्षण का केंद्र बनाया है देश—विदेश से पर्यटक आते हैं प्राकृतिक सौंदर्य का लुफ्त उठाते हैं। नीतीश जी आपने प्रदेश का नाम रोशन किया है बिहार को सुंदर बनाया है आपको तहे दिल से धन्यवाद🙏
*जरा सोंचिये की इतनी सुंदरता और धरोहर होते हुए भी हमारा बिहार पर्यटन के क्षेत्र में विकसित क्यों नहीं हो पा रहा था*
15 साल के जंगल राज में सड़क, बिजली, पानी और क़ानून व्यवस्था इतनी चौपट हो गयीं थी की पर्यटक सपने में भी बिहार आने का नहीं सोंच सकते थे।
👉🏻पर्यटकों को आकर्षित क���ने के लिए करकटगढ़, तुतला भवानी मंदिर और माधोपुर जैव विविधता पर्यटक स्थल को विकसित किया है।
👉🏻अब सड़कें बनी, बिजली आयी, कानून में भरोसा आया तो पर्यटक भी देश-विदेश से आने लगें। लोगों को रोजगार मिला, नए होटल खुले।
नीतीश सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के