तालिबान को पीस डील से ज़्यादा कुछ फ़ायदा नही हुआ वो चाहे तो काबुल पर कब का कब्ज़ा कर सकते है इसलिए कि आ�� भी 70 से 80 फ़ीसद अफ़ग़ानिस्तान पर उन्ही की हाकिमियत है। असल कामियाबी तालिबान की यह है की उसने सारी दुनिया के सामने यह साबित कर दिया कि सुपर पावर हमारे सामने गिड़गिड़ा रहा है
इन आतंकियों को रोकने के लिए ‘हेमंत करकरे’ जैसा ATS प्रमुख चाहिए। ‘संजीव भट्ट’ जैसा IPS चाहिए। ‘सुबोध कुमार सिंह’ जैसा इंस्पेक्टर चाहिए, और सबसे महत्वपूर्ण ‘लालू प्रसाद यादव’ जैसा मुख्यमंत्री चाहिए🤔
@AshrafFem
प���रधानमंत्री ने कहा,
“जय हिंद का नारा देने वाला मुसलमान था।
अंग्रेज़ों भारत छोड़ो कहने वाला मुसलमान था”
शुक्रिया,
बस ये भी बता देते की अंग्रेजों को 6 बार माफीनामा लिखने वाला कौन था… तो दिल खुश हो जाता…
खैर, वो तो सब जानते हैं…😊
यह लड़ाई एक दो दिन की नही है और न ही बिना क़ुरबानी दिए कुछ हासिल होने वाली लड़ाई है।उन संघियो ने 1925 स��� तैयारी की है तुम्हारे वजूद के ख़ात्मे की और तुम सोचते हो इतनी आसानी से वो अपने इरादो को नाकाम होता हुआ देखते रहेंगे उठो और डटे रहो यहाँ तक की अल्लाह की मदद तुम तक न पहुंच जाए
अपराधी देविंदर सिंह हो तो छोड़िए ना नाम में किया रखा है हिन्दू हो या मुस्लिम सजा मिलनी ही चाहिए
आरोपी अहमद हो तो मूल्ला कटुआ आतंकी
होते ही हैं
परम चूतिये भक्त का रिएक्शन ऐसा होता है
😃😃😃😃��😃
जहाँ जहाँ दंगाई ��हां वहां पुलिस
कन्फ्यूजन हो गया है की पुलिस के साथ दंगाई हैं के दंगाई के साथ पुलिस है।
धीरे धीरे पुलिस पे से लोगों का यक़ीन ख़तम हो रहा है इसके ज़िम्मेदार ख़ुद पुलिस है
अपना ज़मीर जगाओ पुलिस वाले भैय्या
वरना वकीलों वाला अमल आम लोग न करने लगें
#REJECTCAA_NRC_NPR