जैसे 8 साल पहले युवाओं को हर साल 2 करोड़ नौकरियों का झांसा दिया था, वैसे ही अब 10 लाख सरकारी नौकरियों की बारी है।
ये जुमलों की नहीं, 'महा जुमलों' की सरकार है।
प्रधानमंत्री जी नौकरियां बनाने में नहीं, नौकरियों पर 'News' बनाने में एक्सपर्ट हैं।
कितने बच्चों पर ज़ुल्म किया जाएगा अब आंखो का जो अंधा हो वह इसको इंकार कर दे नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी नहीं करके पूरे भारत को दंगे में बदलने की कोशिश की जा रही है हमारे भाइयों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है बंद करिए लाठी चलाना मासूम बच्चों को मारना
हमें नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी चाहिए और अगर नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी नहीं की गई तो मुझे भी मुजरिम बनने में देर नहीं लगेगी अगर सरकार चाहती है समाज की सेवा करने वाली उज़मा परवीन को मुजरिम के रूप में देखें तो मुझे मंजूर हैUzma Parveen,✍️
मेजॉरिटी कम्युनिटी झारखंड पुलिस के सामने हथियारों के साथ थी और मुसलमानों को गंदी-गंदी गालियां बक रही थी। पुलिस ने उन्हें नहीं रोका। और कल मुसलमानों को रोकने के लिए सीधा गोली चला दी। जिससे पता चलता है कि सामने मुसलमान हो तो कोई भी मुरव्वत नहीं खाता।
معاشی مشکلات کے اس وقت میں جب عوام بنیادی ضروریات کو ترس رہے ہیں افسوس ہے کہ بجٹ میں نئے سنیماؤںں کے فروغ کے لئے ٹیکس کی چھوٹ دی جارہی ہے دوسری طرف بجٹ میں سودی نظام سے چھٹکارے کے لئے کسی ابتدائی قدم کا بھی کوئی ذکر نہیں اناللہ واناالیہ راجعون
आज फिर से मेरे घर के नीचे बल तैनात कर दिया गया अभी तक नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी नहीं हुई जिसकी वजह से पूरे देश की शांति भंग हो रही है लेकिन बराबर उज़मा परवीन को प्रशासन अपने शिकंजे में रखे हुए हैं आज मुझे फिर हाउस अरेस्ट कर लिया गया यह न्याय नहीं है यह नाइंसाफी है
दुष्मनने इस्लाम को ये बात अच्छी तरह से मालूम है इस्लाम को मिटाना कतई मुमकिन नहीं है जबतक इस दुनिया में अंबिया के वारिस मौजूद हैं तभी तो वह हमारे उलमा को परेशान कर रहे हैं इनपर तरह तरह के इल्जाम थूपे जा रहें हैं इस्लाम को न कोई बदनाम कर सका है लेकिन वह खुद बदनामे ज़माना हो गए
#Assalamu___Alaikum___
दुनिया में बेहतरीन इंसान वो है जिसके लिए कोई रोये..
और बुरा इंसान वो है जिसकी वजह से कोई रोये..
<<हजरत अली राजियाल्लाह>>
मुस्लिम मुल्कों में अल्पसंख्यकों पर फिक्र जताने वाले हमरे देश में मुस्लिमों पर हो रहे बरबरियत के खिलाफ चुप्पी साधने वाले इंसानियत की बात किस जुबान से करते हैं?जहां कुछ हद तक सरकार करवाई होती हैं,लेकिन हमारे यहां किसी को भनक भी नहीं लगता हैं सब खामुश हैं ।।
#SaveTripuraMuslims
सिखा न सकी जो उम्र भर तमाम किताबे मुझे..
करीब से कुछ चेहरे पढे और न जाने कितने.. सबक सीख लिए। 📚
रवीश कुमार का प्राइम टाइम : UAPA का अफ़साना- फंसाना, डराना और सताना - NDTV https://t.co/TWudTg1ft9