@RajCMO@BhajanlalBjp@madandilawar@RajGovOfficial
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय से 11,000+ उपप्राचार्यों के सेवा हित प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार से आग्रह है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र SLP दायर कर कर्मचारियों के वैध सेवा अधिकार को संरक्षण प्रदान करे।
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राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय से 11,000+ उपप्राचार्यों के सेवा हित प्रभावित होने की आशंका है। राज्य सरकार से आग्रह है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र SLP दायर कर कर्मचारियों के वैध सेवा अधिकार को संरक्षण प्रदान करे।
आज बांदीकुई में नगर एवं शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर आयोजित संगठनात्मक बैठक में सम्मिलित हुआ।
बैठक के दौरान ऊर्जावान साथियों के साथ आगामी चुनावों की रणनीति,वार्ड-स्तर पर संगठन की मजबूती और महत्वपूर्ण स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री, जांबाज़ वायुसेना अधिकारी और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
सादगी, साहस और जनसेवा उनके व्यक्तित्व की पहचान थी। उन्होंने जीवनभर किसानों, वंचितों, श्रमिकों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा देशहित को अपने जीवन का सर्वोच्च धर्म माना।
जनहित, सामाजिक न्याय और जनसरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता जन-जन को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
@SachinPilot
सड़क से संसद तक आमजन की आवाज़ को मजबूती से उठाने वाले स्व. श्री राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि “प्रेरणा दिवस” पर आयोजित प्रार्थना सभा में उपस्थित रहकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
@SachinPilot
राजेश पायलट: मिट्टी से उठकर राजनीति के आकाश में चमका एक नक्षत्र
राजेश पायलट।
कल्पना कीजिए, सफ़ेद बालों, उसी दृढ़ चेहरे और किसान-जवान के प्रश्नों पर गरजती हुई आवाज़ के साथ वे आज की राजनीति को किस निगाह से देख रहे होते! उस राजनीति को, जिसमें साधनहीन प्रतिभाओं के लिए दरवाज़े संकरे और धन, वंश तथा चाटुकारिता के लिए राजमार्ग चौड़े होते जा रहे हैं।
राजेश पायलट का मूल नाम राजेश्वर प्रसाद था। अत्यंत साधारण और अभावग्रस्त पशुपालक परिवार में पले इस मेधावी युवक ने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफ़ेंस कॉलेज तक अपनी राह बनाई। वह कॉलेज, जहाँ से निर्मल वर्मा, सुचेता कृपलानी, गोपालकृष्ण गांधी, राजमोहन गांधी, गोपीचंद नारंग, अमिताव घोष और रामचंद्र गुहा जैसी विलक्षण प्रतिभाएँ निकलीं। राजेश्वर प्रसाद का वहाँ पहुँचना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं था; वह उस ग्रामीण भारत की विजय थी, जिसके बच्चों के पाँव में धूल अधिक और अवसर बहुत कम होते हैं।
उन्होंने भारतीय वायुसेना में पायलट की प्रतिष्ठित नौकरी प्राप्त की, लेकिन आकाश में उड़ते हुए भी उनकी दृष्टि नीचे खेतों पर टिकी रही। किसानों की बदहाली ने उनके भीतर यह प्रश्न जगाया कि इस जीवन में ही इन परिस्थितियों को बदलने का रास्ता क्या है। उन्हें उत्तर राजनीति में दिखाई दिया। उन्होंने सुरक्षित और सम्मानजनक नौकरी छोड़कर उस अनिश्चित संसार में प्रवेश किया, जहाँ प्रतिभा से अधिक खेमे, षड्यंत्र और विरासतें काम करती हैं।
वे बागपत से चौधरी चरणसिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन टिकट नहीं मिला। निराशा के उसी क्षण संजय गांधी ने उन्हें भरतपुर से चुनाव लड़ने भेजा। भरतपुर उनके लिए अपरिचित था। जयपुर में प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया; उनके नामांकन में त्रुटियाँ छोड़कर रास्ता रोकने तक के प्रयास हुए। लेकिन आम कार्यकर्ताओं और जनता ने उस अनजान युवक में अपना भविष्य देखा। राजेश्वर प्रसाद, राजेश पायलट बनकर उभरे और राजस्थान की राजनीति में एक नई धारा प्रवाहित हुई।
भरतपुर से शुरू हुई उनकी यात्रा दौसा पहुँची। वे 1991, 1996, 1998 और 1999 में लगातार लोकसभा पहुँचे। तूफ़ानों से लड़ते, गिरते और फिर उठते हुए उन्होंने स्वयं को मिट्टी से सोना निकालने और इस्पात मोड़ने वाली शख़्सियत सिद्ध किया। उनमें किसान की सरलता, सैनिक का अनुशासन और लोकतांत्रिक नेता का साहस था।
राजेश पायलट को किसान और जवान से गहरा प्रेम था। वे उस संस्कृति से निकले थे, जिसमें गाय केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, परिवार की सदस्य होती है; जिसमें गोधूलि कोई काव्यात्मक शब्द नहीं, श्रम, पशुधन और ग्रामीण जीवन की साँस होती है। इसीलिए उनकी राजनीति में खेत की गंध और साधारण मनुष्य की पीड़ा थी।
11 जून 2000 को एक सड़क दुर्घटना ने उस यात्रा को अचानक रोक दिया। वे अपनी राजनीति को उसके अंतिम गंतव्य तक पहुँचाने से पहले चले गए। राजस्थान की लोकतांत्रिक राजनीति को मिले श्रेष्ठ नेताओं में राजेश पायलट का स्थान सदैव विशिष्ट रहेगा।
केदारनाथ अग्रवाल की पंक्तियों के साथ उस दमकते नक्षत्र को असीम प्रणाम :
“हम जिएँ न जिएँ दोस्त, तुम जियो
एक नौजवान की तरह,
खेत में झूम रहे धान की तरह,
मौत को मार रहे बाण की तरह।”
#RajeshPilot #SachinPilot
किसानों के मसीहा एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर उन्हें मेरा कोटि-कोटि नमन...
गरीब,किसान और मजदूर को उन्होंने देश की वास्तविक ताकत माना तथा सदैव उनके सशक्तिकरण के पक्षधर रहे!
जमीन से उनका गहरा जुड़ाव हमारे लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा!
गिरने की कोई सीमा नहीं..
एक बार गिरना शुरू करे तो लगातार गिरता ही जाता है...
जो गिर रहा है उसे भले ही अहसास न हो..
लेकिन देखने वाले को साफ़ नज़र आता है...
पुत्र “मोह”
में धृतराष्ट्र “मानसिक”
रूप से भी अंधा हो गया था,
किंतु सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में आप इतना गिर जाओगे ये कल्पना से भी परे है,
आप “अतीत” हैं और @SachinPilot “भविष्य” है,
षड्यंत्र करके “नियति” के “निर्णय”
को बदलने की चेष्टा व्यर्थ है @ashokgehlot51 जी.
गहलोत साहब का बहुत बड़ा बयान
मुझे कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से रोकने की साजिश की गई , में तो राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहता था
उस समय कुर्सी का मोह बहुत था अब वो चली गयी
गहलोत साहब कभी इतने प्रेशर में नहीं दिखे
रोज़-रोज़ नयी कहानी सुनाते है , अब रुलाओगे क्या 😂🙏
बांदीकुई में श्री दिनेश मीणा जी की केवल बाइक चोरी के शक के आधार पर पीट-पीट कर हत्या किया जाना बेहद दुखद, निंदनीय और मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। इस अमानवीय कृत्य की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ।
पुलिस प्रशासन से इस अमानवीय घटना में शामिल सभी अपराधियों को चिन्हित कर तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करता हूं।
दिवंगत दिनेश मीणा जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय आघात सहने की शक्ति प्रदान करे।
आज मित्रपुरा(सवाई माधोपुर)तहसील में श्री देवधाम घाटा नेनवाड़ी की पावन धरा पर भगवान श्री देवनारायण जी के मंदिर पर आयोजित 151 कुंडात्मक महायज्ञ महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित किया।