@VipinPrakashSh7 जी अभी भी मौन धारण किए हुए है
क्या राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की मौन सहमति है कि राजकीय विशेष विद्यालयो में सामान्य शिक्षक ही लगे रहने चाहिए?
क्या संगठन का यही मानना है कि दिव्यांग बच्चों को विषयवार विशेष व्याख्याता नही मिलना चाहिए?
@VipinPrakashSh7 जी आपको तो इसकी जानकारी होगी ही
इसके बावजूद इन विशेष विद्यालयो मे सृजित सामान्य शिक्षको के पदो के खिलाफ क्यो कार्यवाही नही गयी?
ना विषयवार व्याख्याता (विशेष शिक्षा) भर्ती की मांग, ना विशेष विद्यालयो में सृजित सामान्य शिक्षक पदों का विरोध
सबने मौन धारण कर लिया
आपको जानकर हैरानी होगी कि राजस्थान शिक्षा विभाग ने RCI Act की धज्जियां उड़ाते हुए अपने सातो राजकीय स्पेशल स्कूलों मे सामान्य शिक्षको के पद सृजित कर रखे है
उन पदों पर लगे सामान्य शिक्षक नेत्रहीन, मूकबधिर , बौद्धिक अक्षम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे
@VipinPrakashSh7
क्या एक भी शिक्षक संघ ने व्याख्याता (विशेष शिक्षा) की विषयवार भर्ती की मांग रखी?
क्या राजस्थान के राजकीय विशेष विद्यालयो मे संचालित विषयों पर सामान्य शिक्षक ही लगे रहेंगे?
क्या विशेष शिक्षको को उन विद्यालयो मे दिव्यांगो को पढ़ाने का हक नही?
@VipinPrakashSh7 जवाब का इंतजार है
Govt SS बधिर विद्यालय बीकानेर व अन्य राजकीय विशेष विद्यालयो मे भगोल,ड्राइंग आदि विषयो पर सामान्य व्याख्याता दिव्यांगो को पढा रहे
मगर सरकार ने व्याख्याता विशेष शिक्षा भर्ती मे इन विषयो मे MA किये लोगो को भाग लेने से भी वंचित कर दिया है
मूर्खता की भी हद होती है @VipinPrakashSh7
@AarunKosli Virodh to ko kewal UGC wala baman hi kar raha hai... Or baki jo desh me Reservation ke naam par rail ki patri ukhadi jaati hai vo sab Arun Yadav ke Jeeja Hote hai...
Bkl desh ki baat karte karte bhi UGC ghusa raha hai.. to gaali to sunni hi padegi naa chuytiye
Govt SS बधिर विद्यालय बीकानेर मे हिस्ट्री, जियोग्राफी और ड्राइंग सब्जेक्ट है
यहां 1 व्याख्याता विशेष शिक्षा का पद सृजित किया है
क्या वो 1 टीचर हिंदी इंग्लिश मिलाकर पांचों सब्जेक्ट पढ़ायेगा?
@VipinPrakashSh7
कुछ विशेष शिक्षको को दिव्यांगों की शिक्षा से मतलब न होकर केवल अपने स्वार्थ से मतलब है
उनके मन मे ये है कि इन राजकीय विशेष विद्यालय में सामान्य शिक्षक व्याख्याता पद पर बने रहे, हम मौज करेंगे
न बड़ी कक्षाओं के दिव्यांगों को पढ़ाना पड़ेगा ,न कोई झंझट
शर्म आनी चाहिए