हिंसा हार के डर से जन्�� लेती है।
भाजपा हताश है इसीलिए देश के बच्चों के बाद अब सांसद तक पर प्राणघातक हमले करवा रही है। उनकी प्रेस कांफ्रेंस में एक हमलावर के चाकू लेकर पहुँचने की घटना बेहद गंभीर मामला है और माननीय सांसद की सुरक्षा में लगे सरकारी महकमे की भारी चूक भी। जाँच हो।
जनप्रिय सांसद श्री पप्पू यादव जी की लोकप्रियता, भाजपा पचा नहीं पा रही है क्योंकि भाजपा अपने कुकृत्यों की वजह से हर तरह से बदनाम हो चुकी है।
माननीय लोकसभा अध्यक्ष जी संज्ञान लें!
श्री पप्पू यादव जी सदैव यूँ ही सक्रिय रहें।
@pappuyadavjapl
ऊँच-नीच का भेद न माने, वही श्रेष्ठ ज्ञानी है,
दया-धर्म जिसमें हो, सबसे वही प��ज्य प्राणी है।
क्षत्रिय वही, भरी हो जिसमें निर्भयता की आग,
सबसे श्रेष्ठ वही ब्राह्मण है, हो जिसमें तप-त्याग।
ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं हुंकार है विपक्ष के दो सबसे बड़े नेताओं की, जिन्हें आज डिटेन किया गया है।
अखिलेश यादव जी और राहुल गांधी जी ने उन लोगों को दिखा दिया जो विपक्ष को कमतर आंकते थे, उनपर सवाल उठाते थे कि
विपक्ष डरा हुआ है, उसे लड़ना नहीं आता
देखो, आंखे खोलकर देखो यही विपक्ष आज सड़कों पर भी उतरता है और वर्तमान सरकार से तीखा सवाल भी करता है।
देश में सरकार तभी अच्छा काम कर पाती है जब उसके सामने विपक्ष का दबाव होता है, जितना विपक्ष मजबूत होगा उतना लोकतंत्र भी मजबूत होगा।
"यह बच्चे संसद भवन तक इसलिए आए थे क्योंकि वह सरकार को बताना चाहते थे कि आपका सिस्टम बीमार पड़ गया, वह काम नहीं कर रहा है। उन मासूम बच्चों को लाठियां खानी पड़ी, बेटियों के कपड़े फाड़े गए।"
- श्रीमती डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
अगर कोई पूछे कि समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी क्यों है?
तो सबसे पहले उन्हें ये दो तस्वीरें दिखा देना।🔥
पहली तस्वीर 11 अगस्त 2025 की है मुद्दा था वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और बिहार में SIR का।
उस समय अखिलेश जी की यह तस्वीर इंटरनेशनल लेवल पर वायरल थी।
दूसरी तस्वीर आज की है, जब दिल्ली पुलिस बैरिकेड के जरिए प्रदर्शनकारियों को रोक रही थी तब डिंपल यादव जी पूरे दम खम के साथ डटी रहीं।