बड़ी खबर-
सूत्रों के मुताबिक पार्टी की Ideological wing के सर्वोच्च प्रमुख ने ‘उन तक’ खबर भिजवाई कि शंकराचार्य से ठीक कर लीजिए।
सनातन के भीतर छिड़ा ये युद्ध बहुत नुक़सान कर रहा है।
आप एक बार मिल लीजिए।
पर ‘उन्होंने’ मिलने से साफ़ इंकार कर दिया।
जिन्हें उन तक ये संदेश पहुँचाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी, वे अब ‘प्रमुख’ को अपना मुख नहीं दिखा पा रहे हैं!!
इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि अगर आपको गमले में कैक्टस उगाने का शौक हो,
तो फिर गुलाब के ख़्वाब नहीं पालने चाहिए!!
Exclusive-
योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर और जापान ले जाने वाले लग्जरी जेट की एक और दिव्य तस्वीर।
लखनऊ एयरपोर्ट के वीआईपी हैंगर में खड़ा सुस्ताता हुआ दिखा ये दिव्य 'पुष्पक' विमान।
सुख सुविधा और ऐश्वर्य की गगनचुंबी ऊंचाई को छूता हुआ अमेरिकी बोइंग कंपनी का BBJ यानि बोइंग बिजनेस जेट।
सबसे वीआईपी और प्रीमियम कैटेगरी का 12 घंटे लगातार उड़ान की क्षमता वाला लग्जरी प्लेन।
कितने ही देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी ये लग्जरी नसीब नहीं है!!
त्याग, तप, तितीक्षा और विराग की संत परंपरा राग, मोह और ऐश्वर्य की ऐसी उड़ान देखकर धन्य हो उठी है!!
आप भी इसके पवित्र दर्शन का भव्य आशीर्वाद ग्रहण कर अपनी आत्मा को धन्य करें!!
सुनो कांचना यादव Pakistan और PFI के सपोर्टर राहुल गांधी और उनके सम्पूर्ण congress, Pakistan political I$l@m का नाजायज बच्चा है फिर भी इसे इन्होंने जिंदा रखा - SANGIT KUMAR RAGI
Quit india movement का जितना बाबा साहेब अंबेडकर ने विरोध किया था उतना ही हिंदू महासभा ने किया था
तो कांचना जी बताओ "कायर दिवस" किसे मनाना चाहिए?
टॉप सीक्रेट पर बड़ी ख़बर-
PMO में ज्वाइंट सेक्रेटरी सौरभ शुक्ला को भेजी गई ठाकुर ठेकेदारों को PWD टेंडर देने की शिकायत।
शिकायत में ठाकुर ठेकेदारों के नाम,
और साथ ही PWD के महत्वपूर्ण ठाकुर अधिकारियों की मिलीभगत का भी ज़िक्र।
यूपी में PWD के ठेकों को लेकर मचा है ज़बरदस्त बवाल!
शर्त बदलकर एक ही तारीख़ में हज़ारों करोड़ के टेंडर का सवाल!!
@PMOIndia@narendramodi
अपने पर आई तो बिलबिला उठी ? अभी तूने मोदी के पिंडदान पर क्या पोस्ट किया ?
माना हिन्दुद्रोही पार्टी से हो किंतु भारत के बारे में पहले जान लो , गया जी में पता पिता के निधन के बाद पिंडदान किया जाता है पितृपक्ष में कई लोग तो हर वर्ष करते है ।
क्यों री हिंदू द्रोही तूने क्यों झूठ फैलाया अभी ?
सनातन को मिटाने का तुम्हारी पार्टी का हर प्रयास विफल होगा | हिंदू समझ चुका है ईसाई-इस्लाम की इस अब्राह्मिक पार्टी को |
बिहार बंद की बेहद दर्दनाक और भयावह वीडियो
एंबुलेंस में मरीज तड़प रहा है सामने RJD का विधायक है मरीज के परिजन रिक्वेस्ट कर रहे हैं RJD का विधायक कह रहा है चले जाओ वरना तुम्हारे और तुम्हारे मरीज के गां d में बांस कर देंगे
सत्ता में नहीं है तब ये हाल ह
भारत बंद | 9 जुलाई 2025
यह कोई आम हड़ताल नहीं, बल्कि 25 करोड़ भारतीयों की आवाज़ है - मज़दूर, किसान, कर्मचारी, महिलाएं, युवा।
कैसे मोदी सरकार ने इन लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है।
1. मज़दूर-विरोधी श्रम संहिताएं
सरकार ने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 “श्रम संहिता” थोप दीं जिनसे
•मज़दूरों का हड़ताल का अधिकार सीमित हुआ,
•सामूहिक सौदेबाज़ी कमजोर पड़ी,
•और सामाजिक सुरक्षा को कॉरपोरेट के हवाले कर दिया गया।
2. संविदाकरण की सुनामी
सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरियां अब स्थायी नहीं।
ठेके पर काम, बिना अधिकार, बिना भविष्य।
BJP सरकार ने “रोज़गार” का नाम देकर “अस्थिर श्रम” की अर्थव्यवस्था गढ़ी है।
3. पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग
न्यायिक कर्मचारी, शिक्षक, बैंककर्मी सभी पुरानी पेंशन की बहाली चाहते हैं।
NPS के तहत सरकार योगदान तो लेती है, लेकिन गारंटी नहीं देती।
क्या एक सेवा-निवृत्त सरकारी कर्मचारी को भीख मांगनी पड़े?
4. न्यूनतम मज़दूरी की उपेक्षा
आज भी कई राज्यों में मज़दूरों को ₹300 प्रतिदिन से कम मिलता है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की मांग है -
✅ ₹26,000 प्रति माह की न्यूनतम मज़दूरी
✅ सभी असंगठित श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन
5. सार्वजनिक क्षेत्र की निजीकरण की लूट
रेलवे, एयर इंडिया, LIC, BPCL, बैंक
सब बेच दो नीति चल रही है!
सरकारी कंपनियां जिनमें देश की पूंजी है, उन्हें मोदी सरकार औने-पौने में अडानी-अंबानी की थाली में परोस रही है।
6. किसान-मज़दूर एकजुटता
मज़दूरों के साथ आज किसान संगठनों का भी साथ है।
•MSP गारंटी कानून नहीं
•सिंचाई, बीज, खाद के दाम आसमान पर
•खेत में लागत बढ़ी, बाजार में मुनाफा अडानी को
यही भारत बंद की असली भावना है: “लोक बनाम कॉरपोरेट तंत्र”
7. बिजलीकर्मी, बैंककर्मी, शिक्षक, सफाईकर्मी—सब सड़कों पर
यह आंदोलन क्लास वॉर नहीं,
बल्कि एक संवैधानिक संघर्ष है -
जीवन, जीविका और सम्मान के लिए।
🔴 अब सवाल सरकार से:
यदि आपकी नीतियां इतनी “विकासशील” हैं तो
25 करोड़ भारतीय एक ही दिन सड़कों पर क्यों उतर रहें हैं?
क्या यह नहीं दर्शाता कि
“न्याय, रोज़गार, पेंशन और मजदूरी” -
ये सब खोखले वादे बन चुके हैं?
कोई आम आदमी होता तो अब तक आरोप लगते ही जेल में होता, जमानत तो दूर की बात है।
लेकिन यहां तो महाशय नेता हैं ऊपर से दलितों के मसीहा। इसलिए इन्हें बाबा साहब के संविधान में शायद विशेष छूट प्राप्त है, जो अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पा रही है।
पूरे देश में नशा बिकता है, लेकिन जिस तरह की चोट नशा तस्करों पर पंजाब में मारी जा रही है, उस तरह का एक्शन दूसरे राज्यों में देखने को नहीं मिल रहा है।
बड़े-बड़े नशा तस्करों के घरों पर बुलडोज़र चलाया जा रहा है, उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, चाहे कोई कितना भी बड़ा नेता हो, उसे बख़्शा नहीं जाएगा।
भारत के कितने एयरक्राफ्ट गिराये गए बताइए - राहुल
सेना पिट रही है - राहुल
खून की दलाली है सर्जिकल स्ट्राइक - काँग्रेस
पेड़ गिरे सिर्फ़ एयर स्ट्राइक में - काँग्रेस
जो भी जानकारी विदेशियों को चाहिए जो भी ख़बर भारत के ख़िलाफ़ चाहिए काँग्रेस देगी
ये देसी नहीं विदेशी नेता हैं ये