All levels of disgust have been crossed today.
रामपुरा, कंवरपुरा में पिछले काफ़ी सालों से स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा है। लेकिन जब हम वहाँ निरीक्षण करने पहुं��े तो सरेआम मारपीट, पत्थरबाजी की गई। कारों के शीशे फोड़े गए, टीम पर पत्थर बरसाये गए। कपड़े फाड़े गए। ट्यूब में पत्थर डालकर टीम को मारा गया। मेरे कपड़े फाड़े गए।
यह सब मदन दिलावर के कहने पर हुआ है। मदन दिलावर को बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है। लेकिन स्कूल ठीक हो जाये, यह मंज़ूर नहीं।
मदन दिलावर जी - आपने आज गुंडे भेजकर पूरे देश में राजस्थान को शर्मसार कर दिया। लेकिन हम इस गुंड���गर्दी से डरने वाले लोग नहीं है।
स्कूल तो ठीक कराने ही होंगे।
"बेटी बचाओ,बेटी पढाओ"
लेकिन बेटी को ऐसे मौत के कुए से निकल कर स्कूल जाना पड़े तो माँ बाप कैसे बेटी को ��ढ़ा सकते हैं !
18 साल मुख्यमंत्री रहने वाले और वर्तमान कृषिमंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र में लड़कियों को इस तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ रहा है !
मामा बच्चों के स्कूल जाने की व्यवस्था करिए वरना कल ये आंदोलन पर बैठेंगे तो फिर से एक इस्तीफ़ा हो जायेगा किसी का !
गाली देना गलत है, इसमें दो राय नहीं लेकिन........
अभिनय सर ने GenZ के खिलाफ बनाये गये नैरेटिव की धज्जियाँ उड़ा कर रख दी 2 मिनट के विडियो में !
अभिनय सर ने जो तर्क दिए हैं उनका तोड़ आज की डेट में पूरे देश में शायद किसी के भी पास नही होगा !
ऐसे ही शिक्षकों की आवश्कता है GenZ को, जो उनकी तरफ से समाज को सन्देश दे सके !
जंतर -मंतर प्रोटेस्ट से चर्चित हुए मोहम्मद इरफ़ान की हम लोग कुछ आर्थिक मदद करना चाहते हैं . हालांकि इरफ़ान ने बार -बार इंकार ही किया है
लेकिन कुछ लोग उसकी मदद करना चाहते हैं . इरफान की सहमति के बाद उसके नाम से मिलाप पर एक फंड रेजिंग अकाउंट बनाय��� गया है .
अपने हिस्से का 20000 देकर मैंने शुरुआत की है .
आप भी अगर इस लड़के की मदद करना चाहते हैं तो मिलाप के इस लिंक के जरिए कर सकते हैं .
https://t.co/UkW8DIdiEq
आज सबसे बड़ी चुनौती अब जंतर मंतर पर धरनास्थल खाली हो गया युवा सब अपने अपने घर पहुच रहे हैं
लेकिन उस जुनैद का क्या जिसने 37 दिन पूरे इस आंदोलन में इन सब युवाओ को खाना खिलाया पानी पिलाया पूरे आंदोलन में अपनी इंसानियत की सेवा दिया ।
उसके साथ बहुत बुरा हो गया पिता बहन रिश्त��दार सबको पुलिस गिरफ्तार कर लिया उठाकर ले गयी ।
उसका क्या दोष था क्या वी मुस्लिम था इस कारण उसको टोपी की और मुस्लिम होने की सजा मिली कब तक मुस्लिम समाज को देशभक्ति और अपनी पहचान बतानी पड़ेगी
कब तक मुस्लिम समुदाय के साथ इस देश मे यह नफरत की राजनीति होगी बताओ जवाब दो और जुनैद को न्याय दिलाओ अब सब मिलकर।
“हम तो शहीद हैं—हर युग में जन्म लेंगे, तुम जितनी लाठियाँ बरसाओगे—हम उतनी ही बुलंद आवाज बनकर उठेंगे।”
लहूलुहान शरीर, लेकिन हौसला अडिग—पेपर ली��� के खिलाफ न्याय मांग रहे इस युवा को घायल किया जा सकता है, लेकिन उसके विचार और न्याय की लड़ाई को समाप्त नहीं किया जा सकता।
“हम तो शहीद हैं—हर युग में जन्म लेंगे, तुम जितनी लाठियाँ बरसाओगे—हम उतनी ही बुलंद आवाज बनकर उठेंगे।”
लहूलुहान शरीर, लेकिन हौसला अडिग—पेपर लीक के खिलाफ न्याय मांग रहे इस युवा को घायल किया जा सकता है, लेकिन उसके विचार और न्याय की लड़ाई को समाप्त नहीं किया जा सकता।
राजस्थान की धड़कन है अरावली ,और लोगो को पता होना चाहिए कि धड़कन बंद और कटने पर क्या हाल होता है जान निकल जाती है ,ठीक इसी प्रकार राजस्थान का हाल है अरावली के साथ
#SaveAravalli#अरावली_बचाओ#अरावली_बचाओ_अभियान
राजस्थान की धड़कन है अरावली ,और लोगो को पता होना चाहिए कि धड़कन बंद और कटने पर क्या हाल होता है जान निकल जाती है ,ठीक इसी प्रकार राजस्थान का हाल है अरावली के साथ
#SaveAravalli#अरावली_बचाओ#अरावली_बचाओ_अभियान
मैने भारत को साफ कहा – युद्ध रोको वरना व्यापार बंद और नरेंद्र मोदी मान गए
- डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति
मोदी जी की झुकी हुई विदे�� नीति ने भारत की साख को कहाँ ला दिया?
अंतरराष्ट्रीय मंच पर और कितनी बेइज़्ज़ती बाकी है??
#ceasefire #NarendraModi
काश आदिवासी मीणा समाज में भी कर्नल बैंसला जैसे सामाजिक नेता पैदा हुए होते जो समाज को पाखंडवाद से दूर करके शिक्षा की ओर अग्रसर करते..! या फिर इस वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग बाबा जैसे शख्सों को जनप्रतिनिधि बनाया होता तो समाज बहुत ही प्रगतिशील होता.! यह वीडियो मीणा महापंचायत, श्यामपुरा (सवाईमाधोपुर) का है, एक बार इन बाबा के अच्छे विचारों को सुने.! जोहार ✊
नगरफोर्ट महापंचायत में 2 लाख से अधिक लोगों का जनसैलाब उमड़ा!
हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं!
नरेश मीणा ने प्यार और सम्मान सोशल मीडिया पर नहीं कमाया है लोगों के दिलों में जगह बनाए!
राजस्थान की 12 साल की सुशील�� मीणा, जो एक प्राइमरी स्कूल की छात्रा है, अगर BCCI ध्यान दे तो एक तेज गेंदबाज महिला क्रिकेट टीम को मिल सकती है। सुशीला किसान परिवार से आती है, लेकिन उसकी प्रतिभा को निखारा जाए तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नाम रोशन कर सकती है! @BCCI @BCCIWomen