चिलचिलाती धूप में जनगणना करने वाले शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश के बदले EL जरूर मिले ये आपसे हमारी मांग है 🙏🏻
भयंकर गर्मी और नौतपा के बीच शिक्षक अपनी छुट्टियां कुर्बान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, इस त्याग के बदले हमें EL दें।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
एक तरफ भीषण गर्मी का प्रकोप है और दूसरी तरफ ग्रीष्मावकाश में भी शिक्षकों की अनवरत ड्यूटियां लगाई जा रही हैं। जब हमारे आराम के दिन ही छीन लिए गए हैं, तो उसके बदले EL क्यों नहीं? मुख्यमंत्री जी, इस नीति पर पुनर्विचार कीजिए।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी, नौतपा की इस भयानक लू में भी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस निस्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को अर्जित अवकाश की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करें।
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
माननीय मुख्यमंत्री जी,नौतपा की इस भयानक लू में भी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं और अपना ग्रीष्मावकाश गंवा रहे हैं। इस निस्वार्थ सेवा के बदले शिक्षकों को 'अर्जित अवकाश' की सौगात देकर प्रोत्साहित करने की कृपा करे
@myogiadityanath@CMOfficeUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ, बिना किसी विश्राम और अवकाश के निरंतर ड्यूटी, शिक्षकों को मानसिक और शारीरिक रूप से थका रही है।
ग्रीष्मावकाश, जो शिक्षकों के पुनः ऊर्जा प्राप्त करने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर होना चाहिए, वह भी अब कार्यों में बीत रहा है।
ऐसी स्थिति में ग्रीष्मावकाश में कराए गए कार्य के बदले अर्जित अवकाश (EL) देना कोई उपकार नहीं, बल्कि शिक्षकों का न्यायोचित अधिकार है।
उत्तर प्रदेश सरकार से विनम्र निवेदन है कि शिक्षकों की इस संवेदनशील और उचित मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले शिक्षक सम्मान और संतुलन के साथ अपना दायित्व निभा सकें।
नौतपा की इस जानलेवा और भीषण गर्मी में, जब तापमान सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है, उत्तर प्रदेश के शिक्षक अपना ग्रीष्मावकाश कुर्बान करके लगातार विभागीय ड्यूटी कर रहे हैं। बिना EL के यह काम कराना शिक्षकों के साथ सरासर अन्याय है
@myogiadityanath@sandeepbjpUP#UP_शिक्षकों_को_EL_दो
(इस पोस्ट को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाएँ)
सभी शिक्षक साथियों को नमस्कार।
🙏🙏🙏🙏🙏
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि जनगणना का कार्य इस समय तेज़ी से चल रहा है। भीषण गर्मी, धूप और नौतपा के बावजूद एक सरकारी शिक्षक पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है।
यह कार्य #ग्रीष्मावकाश के दौरान कराया जा रहा है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हम सभी की छुट्टियाँ प्रभावित हो रही हैं। हम सभी यह मानते हैं कि #जनगणना देशहित का महत्वपूर्ण कार्य है और राष्ट्र के प्रति अपना योगदान देने के लिए शिक्षक हमेशा तत्पर रहते हैं।
लेकिन सरकार को भी शिक्षकों की परिस्थितियों और त्याग के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इसी मांग को लेकर कल शाम 5 बजे #ट्विटर (X) पर एक अभियान चलाया जाएगा।
आप सभी से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर अपनी आवाज़ को मजबूत बनाएं।
आपका एक ट्वीट शिक्षक सम्मान और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देगा।
🤝हैशटैग आपको कल 3 बजे बताया जाएगा ।🤝
समय - कल शाम #5बजे से
- निवेदक : समस्त शिक्षक
उठो जागो और प्रयास करो जब तक लक्ष्य हासिल ना हो 🎯
X (twitter) पर आप हैं और शिक्षक हैं तो इस उचित माँग हेतु अपना समर्थन दें याद रहे कोई विरोध नहीं सिर्फ़ आग्रह है ध्यानाकर्षण है।
इस मुहिम में अपना गिलहरी प्रयास अवश्य करें 🙏🏻
शिक्षक एकता जिंदाबाद 🤝 ⛳️
#NoTetBeforeRteAct
शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं ,संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं ।
तो फिर सभी राज्यों से जो आँकड़े और सूचना माँगी गई है क्या वो सब मिथ्या है ।यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है ।ऐसा लगता है कि शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कसम खा ली है,कि देश में किसी को शान्ति से नहीं बैठने देंगे ।देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस,सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा ।
देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं?50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है ।
देश के नागरिक अपने सांसद इसलिए चुनते हैं कि संसद में उनके हितों की रक्षा करेंगे ।देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है ।
@PMOIndia@narendramodi@jayantrld@dpradhanbjp
किसी देश की सबसे बड़ी धरोहर उस देश के बच्चे और उनकी शिक्षा होती हैं।शिक्षा के मंदिर को बंद करना राष्ट्रहित का कार्य तों नहीं हो सकता है? दुर्लभ मार्गो से पैदल छोटे बच्चे और बड़ी लड़कियां(जहाँ बच्चियां सुरक्षित नहीं है) 2 km की दूरी कैसे तय करगें?
@NCTE_Official आपके द्वारा नोटिस के माध्यम से शिक्षकों को #ब्रिज_कोर्स पूर्ण करने के लिए केवल 1 ही अवसर प्रदान किया गया हैं,पूर्व में ब्रिज कोर्स को पूर्ण करने के लिए 3 अवसर प्रदान किए जाते थे। अतः आपसे विन्रम निवेदन है कि समान अवसर प्रदान करें।🙏
@Pankajaroracie@EduMinOfIndia