बिल्कुल सही सुधीर जी.. मैंने भी ये मुद्दा उठाया था, कल कई चैनल के एडिटर्स को मेसेज भेज के भी रिक्वेस्ट की थी कि छात्रों के साथ खड़े रहते हुए अपने साथियों के साथ खड़े होना भी ज़रूरी है।
ग्राउंड पर रिपोर्टर्स की लिंचिंग का प्रयास एक सुनियोजित तरीके से करवाया जा रहा है और फिर जानबूझकर उसे वायरल भी कराया जा रहा है।
लेकिन अफ़सोस की मीडिया के बड़े बड़े नाम हर बार की तरह इस बार भी फेल हो गए।
पहले मेरे बड़े पापा को मरवाया
फिर मेरे पापा को मरवाया
मेरी बहन का रे*प किया
मेरे चाचा को झूठे केस में फंसाया
कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलने के बाद हम लोग डरे है खतरा मंडरा रहा है