@harshjatav96133@priyarajputlive कितना मूत निकलता था ये सबको पता है जनाब। नसीमुद्दीन सिद्दीकी आपकी मायावती के शासन में था और के राजू पाल को अतीक ने मारा उसी अतीक को मायावती ने ही पार्टी टिकट दिया। थाने मैं कोई गुंडा नही होता उनको सरकारों के द्वारा निर्देश होते है कि इस नेता को कुछ नही करना।वो ही गुंडा बनता है।
@abhishekAZNABI भाषा और मर्यादा का ज्ञान देने वाले दीपके के आंदोलन में जो भाषा शब्द ग���ली का प्रयोग किया गया उस वक्त कहाँ थे। कांग्रेस को गाली दी गई तो गाली है। जिस दीपके का समर्थन कर रहे थे उसके अनुसार गली देना कोई अपराध ही नही है तो अब क्यो बुरा लगा।