आज देश को ऐसे सांसदों से भी आज़ादी चाहिए जो संसद में मार्शल का गर्दन दबाते हैं। सीपीएम के एक सांसद ने 11 अगस्त को यही किया था। ऐसे सांसदों से भी आज़ादी चाहिए जिन्होंने महिला मार्शल के सर पर टक्करें मारीं, उन्हें घसीटा और फिर उल्टा झूठ कहा कि उन्हें धक्का दिया गया।