यूपी में बेरोजगारी का हाल 👇
⦁ टीचर के 7,466 पद: 12 लाख से ज्यादा आवेदन
⦁ दरोगा और प्लाटून कमांडर के 4,543 पद: 15 लाख से ज्यादा आवेदन
BJP सरकार को शर्म आनी चाहिए
रात्रि यात्रा में चूहों की कहानी सुनों!
चूहा सरकार ने एनडीए सरकार के मान्यता प्राप्त भ्रष्टाचार के लिए चूहों को दोषी ठहराया है। 20 वर्षों की भ्रष्ट मोदी-नीतीश सरकार के आधिकारिक बयानों के अनुसार:-
👉 बिहार के चूहों ने थानों में रखी 𝟗,𝟎𝟎,𝟎𝟎𝟎 लीटर शराब गटक ली।
👉 बिहार के चूहों ने 𝟏𝟏𝟎𝟎 करोड़ का नवनिर्मित बांध कुतर दिया।
👉 बिहार के चूहों ने 𝟕,𝟖𝟏𝟗 करोड़ की लागत से निर्मित 𝟏𝟏𝟑 पुल-पुलिया कुतर दिए जिससे बिहार में इतने पुल-पुलिया भरभरा के गिर गए। भ्रष्ट सुशासनी नेताओं ने चूहों पर ठीकरा फोड़ दिया।
👉 बिहार के चूहों ने 𝐍𝐌𝐂𝐇 अस्पताल में नवजात की अंगुली कुतर दी।
👉 बिहार के चूहों ने पोस्टमॉर्टम के लिए रखी डेड बॉडी की आंख निकाल ली।
👉 बिहार के चूहों के कारण जल संसाधन विभाग को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ।
👉 बिहार के चूहे हजारों करोड़ की बाढ़ राहत सामग्री खा गए।
है ना कमाल? #Bihar
यूपी के महोबा में 'वोट चोरी' का खेल 👇
⦁ मकान नंबर 803: 4,271 वोटर
⦁ मकान नंबर 996: 243 वोटर
⦁ मकान नंबर 997: 185 वोटर
चुनाव आयोग और नरेंद्र मोदी ने देशभर में 'वोट चोरी' का कारनामा किया है, जो लगातार सामने आ रहा है।
आज देश कह रहा है- 'वोट चोर, गद्दी छोड़'
हमेशा सड़क का निर्माण होते देखा है, पहली बार खुदाई देख रहे हैं।
जिस पत्रकार की भाजपा मंत्री जीवेश मिश्रा ने पिटाई की उस पत्रकार से मिलने तेजस्वी जी जाले जा रहे थे।
उन्हें रोकने के लिए मंत्री जी सड़क खुदवाने का ऑर्डर दे दिए!
शर्म तो है नहीं।
तेजस्वी जी आधी रात पहुंचे पूर्णिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल। हालत अब आपके सामने है।
एक व्यक्ति कह रहा “पैर टूटा है, पट्टी करके लेटा दिए लेकिन ऑपरेशन का डेट नहीं दिए क्योंकि सामान ही नहीं है”
डेंगू वार्ड में लोग बाहर सो रहे हैं ज़मीन पर!
एक बेड पर 3 लोग हैं , वहीं बेडशीट्स सतरंगा है क्योंकि अस्पताल 15-20 दिन बेडशीट बदलती नहीं तो लोग मज़बूरन अपने बेडशीट ला रहे हैं।
अस्पताल में ICU, ट्रॉमा सेंटर और कार्डियोलॉजी विभाग तो है ही नहीं।
एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया है।
हड्डी विभाग में शौचालय सिर्फ ऊंचे नहीं , महिला-पुरुष का एक ही शौचालय है जिसमें खिड़की के शीशे ग़ायब हैं, तो प्राइवेसी तो भूल जाइए!
ये हैं हमारे अस्पताल!
कल देर रात्रि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), पूर्णिया का औचक निरीक्षण किया।
वीडियो में 20 सालों की एनडीए सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक छोटी सी बानगी देखिए।
यह बदहाली किसी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं बल्कि तथाकथित मेडिकल कॉलेज की है। इसका आँखों देखा हाल जानिए और इस जुमलेबाज निकम्मी सरकार के अमंगलकारी स्वास्थ्य मंत्री को लानत भेजिए।
👉 यह मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल है लेकिन यहाँ ICU नहीं है।
👉 ट्रॉमा सेंटर चालू नहीं है। कार्डियोलॉजी यानि हृदय रोग विभाग है ही नहीं।
👉 एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटा रखे है।
👉 15-20 दिन में भी मरीजों की बेडशीट नहीं बदली जाती।
👉 हड्डी रोग से संबंधित और विकलांग शल्य चिकित्सा से संबंधित मरीजों के लिए शौचालय दो फीट ऊंचा है। साफ़-सफाई बिल्कुल भी नहीं है।
👉 GMCH, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल है लेकिन यहाँ नर्स के स्वीकृत 255 पदों में से केवल 55 नर्स ही कार्यरत है वो भी तीन शिफ्ट में। यानि एक बार में केवल 18 नर्स ही ड्यूटी पर रहती हैं। छुट्टी पर रहेंगी तो उससे भी कम।
👉 GMCH में 80% चिकित्सकों के पद रिक्त है।
👉 GMCH में एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं है। पूरे कॉलेज और हॉस्पिटल में केवल 4 OT सहायक है।
👉 23 विभाग में से अनेक विभाग बंद हैं। प्रोफेसर और सहायक प्रीफ़ेसर नाम मात्र है। Medical interns को 6 महीनों से सैलरी नहीं मिली है।
👉 सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, स्वास्थ्य उपकरण, स्वास्थ्य सेवा और सुविधा के अभाव में पूर्णिया के निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 10,000 मरीज जाते है।
एनडीए सरकार के भ्रष्ट मंत्री और अधिकारी भ्रष्टाचार में कमीशन खाने के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च कर केवल बिल्डिंग बनाते है लेकिन डॉक्टर्स, स्वास्थ्य कर्मी, लैब टेक्निशियन, ड्रेसर, असिस्टेंट इत्यादि की नियुक्ति नहीं करते। कमीशन के लिए हज़ारों करोड़ के स्वास्थ्य उपकरण खरीदते हैं लेकिन उन्हें चलाने के लिए टेक्निशियन की बहाली नहीं करते।
कल प्रधानमंत्री मोदी जी जुमलों की बारिश करने सीमांचल के पूर्णिया आ रहे है। इतने उच्च पद पर विराजमान होने के पश्चात् भी ओछी और छोटी बातें करने से पूर्व उन्हें बिहार की अपनी 20 सालों और केंद्र की 11 वर्षों की डबल इंजन सरकार की बड़ी-बड़ी ख़ामियाँ नहीं दिखेंगी?
प्रधानमंत्री मोदी जी बिहार में 20 वर्षों की NDA सरकार के भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, गरीबी, एनडीए सरकार की विफलताओं, इलाज के नाम पर गरीबों से लूट, बदहाल शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था तथा डबल इंजन के डबल जंगलराज पर प्रवचन अवश्य देंगे।
प्रधानमंत्री जी, कल पूर्णिया के इस मेडिकल कॉलेज जरूर जाइएगा और 2005 के बाद वाले मुख्यमंत्री को भी अवश्य लेकर जाइएगा, नहीं तो वो कहेंगे कि 2005 से पहले कुछ था जी? #Hospital #TejashwiYadav
रोज़गार मांगने पर मिलती है लाठी,
अधिकार की जगह मिलता है अत्याचार।
बिहार के युवा अबकी बार इस गुNDA सरकार को उसकी असली जगह दिखाएंगे - उल्टी गिनती चालू हो गई है।
बच्चों का स्कूल बस रोककर नरेंद्र मोदी जी, क्या आपकी माताजी को सम्मान मिल जाएगा?
नरेंद्र मोदी जी, जिसने आपकी माताजी को गाली दी थी, वह तो जेडीयू और बीजेपी दोनों पार्टियों में था।
लेकिन आप तो स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को सड़क पर रोककर बच्चों के अंदर ट्रामा पैदा कर रहे हैं।
ये है भाजपा वालो का महिला सम्मान 👇
प्रधानमंत्री के मां की गाली देने को लेकर BJP समर्थकों ने बिहार बंद के दरम्यान ड्यूटी जा रही एक महिला शिक्षिका के साथ किस तरह से दुर्व्यवहार कर रही है खुद ही देख लीजिए।
ये देखिए भाजपिल्लों की नीचता!
गरीब बुजुर्ग आदमी को साइकिल से पटक दिया। बाद में सोनिया गांधी जी को "बार बाला" बोलने लगा। ये नीच नाली के कीड़े महिला सम्मान की बात करते हैं?
इसीलिए जनता उनको लाठी से खदेड़ रही है!
हमको लगा कि अमित शाह जी के बेटे गुजरात गौ-रक्षक विभाग संभालेंगे। लेकिन इन्हें तो BCCI का सचिव बना दिया गया। फिर लगा कि चलो कम से कम सिंधिया जी के बेटे तो मध्यप्रदेश गौ-रक्षक का विभाग संभाल ही लेंगे, लेकिन इन्हें भी मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष बना दिया गया।
अब बताइए, इतने काबिल लोगों को क्रिकेट जैसी छोटी मोटी चीज संभालने के लिए दे रहे हैं जबकि इनकी ज़रूरत गौ-रक्षक विभाग में देश महसूस कर रहा था।
बड़ा ही…निर्लज्ज, संवेदनशून्य, स्वार्थी, निकम्मा
बेटा होगा जो,
दूसरों के घर में ‘बर्तन साफ़ करती’ हुई, ‘मजदूरी करती’ हुई अपनी ‘मां’ को बेसहारा छोड़ कर ‘राजनीति’ करने निकल पड़े !!!
और फिर आजीवन अपनी मां के नाम पर राजनीति करता रहे !!!
पिछले 2-4 दिनों से जब भी पार्टी मुझे किसी चैनल पर भेजती है, तो चैनल की ओर से फोन आता है कि “मैडम, हम आपको नहीं रख सकते, बीजेपी ने आप पर रोक लगा दी है।”
मेरा सीधा सवाल है, आखिर बीजेपी कौन होती है किसी प्रवक्ता को बैन करने वाली? यह तो हमारी पार्टी का अधिकार है, पार्टी जिसको जहाँ भेजती है वह वहीं जाता है। क्या यह निर्णय बीजेपी और एंकरों की सुविधा के आधार पर होगा?
परसों से पहले ही 3 चैनलों ने मुझे हटा दिया। उसके बाद परसों 2 और चैनलों ने ऐसा ही किया। परसों एक चैनल ने साहस दिखाते हुए कहा “आईए, हम रिस्क लेंगे।” लेकिन जैसे ही मैं शो से जुड़ी, महज़ 10 मिनट के भीतर बीजेपी ऑफिस से चैनल को फोन आने लगा कि मुझे हटाया जाए। जब मुझे नहीं हटाया गया तो बीजेपी ने अपने प्रवक्ता को हटा लिया। कल भी एक चैनल ने शो शुरू होने से सिर्फ 10 मिनट पहले मुझे ड्रॉप कर दिया। एक चैनल ने तो फोन तक नहीं किया।
जिन चैनलों ने मुझे ड्रॉप किया, उन्होंने साफ कहा “हमने बहुत कोशिश की, लेकिन बीजेपी मान ही नहीं रही है।”
अब ज़रूरी है कि समझा जाए यह सब क्यों हो रहा है। सच्चाई यह है कि आरजेडी के सामने इनका नैरेटिव लगातार नाकाम हो रहा है। तथाकथित राजनीतिक विश्लेषक, जो वास्तव में संघी होते हैं, एंकर जो सामान्यत: बीजेपी का ही पक्ष लेते हैं, बीजेपी और एनडीए के अधिकांश प्रवक्ता सब एक ही भाषा बोलते हैं। इसके बावजूद वे आरजेडी की महिला प्रवक्ताओं से घबराए हुए हैं।
असल समस्या यह है कि इन्हें यह कल्पना तक नहीं थी कि पिछड़े और दलित समाज से आई महिलाएँ उनके कुतर्कों का डटकर सामना करेंगी और उन्हें टिकने नहीं देंगी। महिलाओं के प्रति घृणा तो इनकी विचारधारा का हिस्सा है ही।
लेकिन यह लड़ाई ऐसे ही थमने वाली नहीं है। हम डरकर पीछे हट जाएँ यह संभव ही नहीं है।