नई दिल्ली | हैरान करने वाला मामला। 22 हजार करोड़ का लोन। सेटलमेंट सिर्फ़ 6.5 करोड़ में। ₹22,006 करोड़ का दावा... भुगतान सिर्फ ₹6.5 करोड़! सुभाष चंद्रा के मामले में 99.97% का ‘हेयरकट’। देश की insolvency व्यवस्था से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। Zee Group के संस्थापक सुभाष चंद्रा के खिलाफ लेनदारों के करीब ₹22,006.57 करोड़ के admitted claims हैं, लेकिन मंजूर repayment plan में कुल भुगतान महज ₹6.5 करोड़ का है।
यानी लेनदारों की रिकवरी करीब 0.03% और कथित तौर पर 99.97% का haircut।
NCLT के Judicial Member नीलेश शर्मा ने IBC की धारा 114 के तहत repayment plan को मंजूरी दी। प्रस्ताव में ₹6.25 करोड़ creditors के लिए और ₹25 लाख process cost के लिए रखे गए हैं।
मामले की गंभीरता का अंदाजा LIC Housing Finance के आंकड़े से लगाया जा सकता है। उसका admitted claim करीब ₹1,322.39 करोड़ है, जबकि repayment plan में उसे लगभग ₹38.09 लाख मिलने की बात है। यानी करीब 0.028% की recovery।
कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस repayment plan का विरोध किया था। लेकिन योजना को creditors के 80.81% voting share का समर्थन मिला। NCLT ने कहा कि वह creditors की commercial wisdom की जगह अपना फैसला नहीं रख सकता।
₹22,006 करोड़ → ₹6.5 करोड़
यही इस पूरी कहानी का सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि ₹22 हजार करोड़ से अधिक के admitted claims वाले मामले में सिर्फ ₹6.5 करोड़ की repayment तक स्थिति आखिर पहुंची कैसे? और 99.97% haircut का वास्तविक आर्थिक बोझ कौन उठाएगा।
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अपनी नौकरी बचाने के लिए 2,68,799 शिक्षक इस परीक्षा में बैठे थे। 62,028 शिक्षक फेल हो गए। अब राज्य सरकार इन शिक्षकों के लिए विशेष TET परीक्षा कराने की तैयारी में है।
🚨 आधार के ये 5 बदलाव नहीं पता तो काम हो जाएगा मुश्किल!
UIDAI ने New Aadhaar App का फुल वर्जन लॉन्च कर दिया है. इसमें आधार से जुड़े कई काम अब मोबाइल से आसान हो गए हैं.
📱 जानिए 5 बड़े बदलाव:
1️⃣ मोबाइल में डिजिटल आधार — हर जगह फिजिकल कार्ड रखने की जरूरत कम.
2️⃣ Face Authentication — चेहरे से पहचान की पुष्टि.
3️⃣ QR Code Verification — QR कोड स्कैन करके तुरंत आधार वेरिफाई.
4️⃣ Multi-Profile Support — एक ही ऐप में परिवार के कई आधार प्रोफाइल.
5️⃣ मोबाइल से अपडेट- ऐप के जरिए मोबाइल नंबर और पता बदलने की सुविधा.
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देश के ऐसे IAS अफसर जिनके अबतक करियर में सबसे ज्यादा बार ट्रांसफर हुए हैं।
प्रदीप कासनी— 71 ट्रांसफर
अशोक खेमका— 66 ट्रांसफर
केएल मीणा— 59 ट्रांसफर
कमल सक्सेना— 48 ट्रांसफर
विजय सिंह— 47 ट्रांसफर
राजेश श्रीवास्तव— 47 ट्रांसफर
डी रूपा मुद्गिल— 40 ट्रांसफर
संदीप वर्मा— 30 ट्रांसफर
अरुण भाटिया— 26 ट्रांसफर
तुकाराम मुंडे— 24 ट्रांसफर
इन अफसरों को ये सजा उनकी ईमानदारी की वजह से मिली— लेकिन मानना पड़ेगा इनके तबादले होते रहे लेकिन कोई भी इनकी "ईमानदारी" को खरीद न सका।
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग वर्तमान में सबसे भ्रष्ट आयोग बन गया है।
कभी UPPCS-J की मेंस की कॉपियां बदल दी जाती है तो कभी RO-ARO का पेपरलीक हो जाता है।
उसके बाद कोई परीक्षा होती भी है तो वो माइग्रेशन घोटाले (आरक्षण घोटाला) के भेंट चढ़ जाता है।
जिसके कारण सभी परीक्षाएं कोर्ट में पहुंच गई हैं और उसी कड़ी में समीक्षा अधिकारी के ज्वाइनिंग पर रोक भी लगा दिया गया है।
क्योंकि OBC/SC/ST कैटेगरी के छात्रों का नंबर UN RESERVED कैटेगरी से ज्यादा था फिर भी उन्हें प्री परीक्षा में फेल कर दिया गया।
केंद्र में खाली पद 10 साल में दोगुने: 4.2 लाख से बढ़कर 8.24 लाख हुए; सरकारी कंपनियों में 49% कर्मचारी ठेके पर, पहले 19% थे
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आज भी भारतीय ब्यूरोक्रेसी में सवर्णो का कब्जा है वो OBC,SC,ST को इंटरव्यू में कम नंबर देकर बाहर कर देते ,
देखिए देश की ब्यूरोक्रेसी में OBC,SC,ST की क्या स्थिति है
IAS तैनात - 5576
OBC -245 ( 4.3%)
SC - 135 (2.4%)
ST - 67 (1.2%)
IPS तैनात - 4594
OBC -255 ( 5.5%)
SC - 141 (3%)
ST - 71 (1.4%)
IFS तैनात - 2164
OBC -231 ( 10.6%)
SC - 95 (4.3%)
ST - 48 (2.2%)
जब आज देश में 92% IAS,90% IPS और 82% IFS सवर्ण है OBC,ST,SC के लोगों का प्रतिनिधित्व न के बराबर है ,
इस बात को इन समाज के लोगों को समझना होगा सवर्ण अब आरक्षण को खत्म कर 100% कब्जा करने की फिराक में है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में बहुत बड़ा "आरक्षण घोटाला"🔥
UPPSC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में माना कि वो "सवर्णों को 50 प्रतिशत आरक्षण" दे रहा है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए माना कि...
"प्री परीक्षा में UN RESERVED सीटों को केवल GEN कैटेगरी के कैंडिडेट से भरा गया।
OBC/SC/ST कैटेगरी के छात्रों को UN RESERVED कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बावजूद RESERVED कैटेगरी में ही रखा गया।"
यानी आयोग ने ये माना कि सवर्णों को सीधा सीधा 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग UPPCS/RO-ARO/BEO/APO/UPPCS-J जैसी परिक्षाओं को आयोजित करता है।
जिसमें लगातार 2020 से आरक्षण घोटाला हो रहा है जिसके कारण लगातार OBC/SC/ST कैटेगरी का कटऑफ UR कैटेगरी से ज्यादा जा रहा है।
क्योंकि UR कैटेगरी में केवल GEN यानी सवर्ण ही पास कराए जा रहे है।
@mukeshdeshka
"बृजेश पाठक" के साथ यह कोई "हर्ष दुबे" है, इसने उत्तर प्रदेश के DCM बृजेश पाठक को एक मांग पत्र दिया है।
इसको सही से एक पत्र लिखने नहीं आता है।
इसके पत्र में मैने 11 से अधिक गलतियां खोज दी हैं।
1- महोदय के बाद अल्प विराम(,) नहीं है
2- मानना है के बाद "कि" गायब है
3- कुछ बच्चे मेरिट में ऊपर के बाद है नहीं "हैं" होगा
4- पढाई नहीं "पढ़ाई" होता है
5 - मुद्दा है के बाद "कि" नहीं लगाया है
6- कोर्श नहीं "कोर्स" होता है
7- अवसरो नहीं "अवसरों" होता है
8- चाहिऐ नहीं "चाहिए" होता है
9- नऐ नहीं "नए" होता है
10- फिर चहिऐ नहीं "चाहिए" होता है
11- आपकी नहीं "आपके" होगा
इससे अच्छा पत्र तो एक प्राइमरी स्कूल का कक्षा 6 में पढ़ने वाला बच्चा लिख देगा। अभी तो AI का इस्तेमाल नहीं किया हूं नहीं तो धज्जिया उड़ जाएगी।
"हर्ष दुबे" जैसे लोग ही अपने असफलता का दोष "आरक्षण" पर लगा देते हैं।
जबकि ये खुद एक पत्र लिखने लायक नहीं हैं और बृजेश पाठक जी इनको अपने बगल में बैठाए थे!!
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ‘आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने पर ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
आज उत्तर प्रदेश के डिप्टी CM बृजेश पाठक ने जिस अंदाज में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया है मुझे डर है कि कहीं उन्हें डांट फटकार न लग जाए।
Reservation Hatao Andolan के दो नौसिखिए नेताओं के साथ उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई जिसमें वो आरक्षण पर खासा नरम दिखाई दिए।
आरक्षण में लगभग 85% OBC, SC और ST के लोग लाभ उठा रहे हैं।
इसी 85% में वो लोग भी हैं जो भाजपा को वोट देते हैं लेकिन अब देखना है कि वो अपना आरक्षण बचा पाते हैं कि नहीं क्योंकि
भाजपा सरकार जिस तरह की नरमी दिखा रही है तो जाहिर सी बात है कि वो इस मुद्दे पर नर्म है और कुछ परिवर्तन करने की सोच सकते हैं।
मेरा क्या है मैं तो चाहता हूं हमारे सवर्ण भाई लंबा संघर्ष करें।
यादव और कुर्मी तो जागृत हैं लेकिन पाल, प्रजापति, मौर्या, कश्यप, निषाद, जाटव और भी जो आरक्षण का लाभ ले रहे हैं उन्हें सरकार पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
योगी सरकार के आरक्षण लूट का पर्दाफाश 🔥
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करके माना कि..
"प्री परीक्षा में UN RESERVED की सीटों को केवल GEN से भरा जा रहा है।
OBC/SC/ST कैटेगरी के छात्र रिजर्व्ड कैटेगरी में ही क्वालीफाई कराए जा रहे हैं।"
ऐसा करके योगी सरकार UPPSC आयोग को माध्यम से सवर्णों को सीधा 50 प्रतिशत का आरक्षण दे रही है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने होने UP PCS,RO/ARO/BEO/APO जैसी सभी परीक्षाओं में OBC का कटऑफ लगातार UR कैटेगरी से ज्यादा जा रहा था।
SBI में 4-बार से ज्यादा कैश निकालने पर चार्ज लगेगा
◆ 5वीं बार से ₹15+GST देना होगा, BSBD खातों पर 1-अक्टूबर से नए नियम लागू होंगे
◆ नए नियमों के लागू होने के बाद बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाताधारकों को हर महीने कुल 4 फ्री कैश विड्रॉवल की सुविधा मिलेगी
◆ इस तय सीमा के बाद हर अतिरिक्त कैश विड्रॉवल पर बैंक ₹15 प्लस GST चार्ज वसूल करेगा
#SBI | State Bank of India