21वीं सदी में जब हम बड़े-बड़े सामाजिक विकास और सामाजिक रिफार्म के दावे करते हैं। तब ओडिशा में एक दलित महिला हेल्पर/कुक के द्वारा बनाए गए भोजन को एक समुदाय विशेष के लोग अपने बच्चों को देने से मना कर देते हैं।
पिछले तीन महीने से उस आंगनवाड़ी सेंटर का बहिष्कार किया जा रहा है। आंगनवाड़ी सेंटर देश में बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास की बुनियाद हैं, लेकिन ऐसे जातिगत भेदभाव का असर बच्चों के विकास पर पड़ेगा।
ये घटनाएं संविधान के आर्टिकल 21 (A) का हनन हैं। साथ ही, आर्टिकल 47 में निहित उस दायित्व के विपरीत भी हैं, जिनके अनुसार राज्य पर पोषण स्तर बढ़ाने और जनस्वास्थ्य सुधारने की जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाओं को वर्कप्लेस पर होने वाले जातिगत भेदभाव के रूप में भी देखा जाएगा और हाल के वर्षों में ऐसी कई घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आईं हैं।
जैसे:
• मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति द्वारा एक आदिवासी मजदूर पर पेशाब करने की अमानवीय घटना सामने आई थी
• गुजरात में 28 साल के दलित सरकारी कर्मचारी ने जातिगत उत्पीड़न के चलते आत्महत्या कर ली थी
• चंडीगढ़ में एक पुलिस अधिकारी की मृत्यु के बाद पुलिस बल के भीतर संस्थागत जातिगत भेदभाव के आरोप लगे थे
ये घटनाएं दिखाती हैं कि जातिगत भेदभाव केवल सामाजिक जीवन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्कप्लेस पर भी है। किसी भी कर्मचारी के साथ जातिगत भेदभाव संविधान का उल्लंघन और दंडनीय अपराध है।
मेरी माँग है कि ऐसे मामलों में समयबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जहां पर इन मामलों में गंभीर उल्लंघन मिले, वहां जवाबदेही भी तय की जाए।
हर हर महादेव 🔱
“नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रयहेतवे ।
निवेदयामि चात्मानं त्वां गतिं परमेश्वरम् ॥”
अर्थ—हे परमेश्वर शिव! आप शांति के स्वरूप हैं, समस्त कारणों के कारण हैं; मैं स्वयं को आपको समर्पित करता हूँ, आप ही मेरी परम गति हैं।
कांग्रेस के कार्यकर्ता और पार्टी को समर्थन करने वाले लोग देश में बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।
हमें देश में प्यार-मोहब्बत और भाईचारे की बात करनी है और डराने-धमकाने वालों से डरना नहीं है।
आप सभी के पास वह क्षमता है, जिससे आप समाज के कमजोर व्यक्ति की मदद कर सकते हैं। हमें साथ मिलकर ऐसे लोगों को आगे लाना है।
: कांग्रेस महासचिव श्री @SachinPilot
📍 दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी दबाव में हैं।
इसी डर की वजह से वे मुझे संसद में बोलने नहीं दे रहे।
चाहे बात जनरल नरवणे के खुलासों की हो,
एपस्टीन फ़ाइल्स की हो,
या फिर टैरिफ़ के मुद्दे पर उनके खुले आत्मसमर्पण की।
सवालों से भागना मजबूरी का संकेत होता है। सच सामने आने का डर ही आवाज़ दबाने की सबसे बड़ी वजह है।
:- नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
सत्य और अहिंसा के पुजारी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन।
बापू के आदर्श हमें न्याय और शांति की राह का अनुसरण करने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
*भीनमाल में मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप:* विधायक ने निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत, बूथ अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर किए
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प्यारे साथियों...
न्यूज़लेटर के इस संस्करण में, वर्ष 2025 की नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi की यात्रा देखें, जिसमें उन्होंने छात्रों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और छोटे व्यापारियों से लेकर देशभर से आए अलग-अलग समूहों से मुलाकात कर, संवाद किया।
सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी जी की लड़ाई के बारे में पढ़ें और ये भी जानें कि कैसे उन्होंने देश के सामने 'वोट चोरी' का पर्दाफाश किया।
साथ ही, एक सफल अर्थव्यवस्था बनाने के बारे में राहुल जी के विजन को भी सुनें, जिसमें उन्होंने युवाओं को नौकरी और छोटे उत्पादकों को वित्तीय मदद देने पर जोर दिया है।
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नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं
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