प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली में पुलिस हिरासत में 22 वर्षीय दलित अर्जुन गौतम की मृत्यु बेहद दुखद, गंभीर और चिंताजनक है।
कोतवाली परिसर के शौचालय में अर्जुन का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस इसे कंबल के फंदे से आत्महत्या बता रही है, जबकि मृतक के परिजनों के अनुसार पुलिस की पिटाई से अर्जुन की मृत्यु हुई है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हिरासत में मौजूद युवक तक कंबल कैसे पहुंचा? आखिर कंबल से फांसी कैसे लगाई जा सकती है? इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए।
परिजनों के अनुसार, उन्हें अर्जुन से मिलने तक नहीं दिया गया। वहीं, अचेत अवस्था में मिलने के बाद उसे महज 700 मीटर दूर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के बजाय करीब 25 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज क्यों ले जाया गया? इस पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा और पुलिस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
सबसे गंभीर बात यह है कि परिजनों का कहना है कि उनकी जानकारी के बिना अर्जुन का पोस्टमार्टम कराया गया।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। कोतवाली परिसर और घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं तथा पुलिस हिरासत में अर्जुन के साथ हुई पूरी घटना की जांच हो। साथ ही, परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जाए।
एक परिवार ने अपना कमाऊ बेटा खो दिया है। हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्हें न्याय मिले और जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस हिरासत में हुई इस मृत्यु का सच सामने आना चाहिए। किसी भी परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े, यह सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है।
IIT-Bombay द्वारा साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले के बयान के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगना महत्वपूर्ण कदम है। कल हमने कहा था कि साहिल जी की मृत्यु के अगले दिन, 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान पर गंभीर सवाल उठते हैं। अब IIT-Bombay ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था।
IIT-Bombay में बीटेक (एनर्जी साइंस) के द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे साहिल वाकोड़े केवल एक छात्र नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में AIR 614 हासिल करने वाले होनहार और मेहनती दलित युवा थे। प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया था। ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, समानता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
IIT-Bombay द्वारा 19 सितंबर को जारी किए गए उस बयान ने उन जातंकवादियों को एक मौका दिया, जो ऐसे दुखद क्षणों में भी दलितों को नीचा दिखाने के लिए तैयार रहते हैं। अब संस्थान की माफी से यह स्पष्ट है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। ऐसे संवेदनशील मामलों में संस्थागत जिम्मेदारी और अधिक गंभीर होनी चाहिए।
सोचिए, उन माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना होनहार बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ उसी बच्चे को नकलची बताकर न केवल उन्हें, बल्कि उनके पूरे समाज को नीचा दिखाने की कोशिश होते देखी।
@iitbombay, आपकी यह माफी माफी योग्य नहीं है।
यह बेहद पीड़ादायक और शर्मनाक है। हमारी टीम मौके पर डटी है।
#JusticeForSahilWakode
आज जिला अयोध्या की बीकापुर विधानसभा के आर. डी. इंटर कॉलेज के खेल मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली अयोध्या की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
आज जिला बस्ती की रुधौली विधानसभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली बस्ती की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
IIT-Bombay के बीटेक (एनर्जी साइंस) द्वितीय वर्ष के दलित छात्र साहिल वाकोड़े की असामयिक मृत्यु ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
साहिल जी की आत्महत्या के अगले दिन कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी बयान में परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई। लेकिन साहिल की मृत्यु के अगले दिन प्रशासन द्वारा यह बयान जारी किया जाना और पूरे मामले को मुख्य रूप से मोबाइल मिलने की घटना से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को लेकर संदेह को और गहरा करता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा कक्ष में साहिल जी के आसपास अन्य परीक्षार्थी मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से किसी अन्य परीक्षार्थी द्वारा उनके पास मोबाइल फोन होने की बात कहे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन के नियमानुसार, यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलती है, तो संबंधित सामग्री जब्त कर परीक्षार्थी को नई उत्तरपुस्तिका देकर परीक्षा पूरी कराई जाती है और आगे की कार्रवाई के लिए मामला कमेटी के सामने रखा जाता है।
साहिल के परिजनों और साथी छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रोफेसर द्वारा परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर धमकाया गया और एक वर्ष के लिए निलंबित करने की बात कही गई। परिवार ने उनके साथ पहले भी जातिगत भेदभाव और संस्थागत प्रताड़ना किए जाने की भी बात कही है।
18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे साहिल ने आत्महत्या कर ली। इसके कुछ ही समय बाद @iitbombay के छात्र इस घटना से चिंतित होकर कैंपस में एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में IIT के निदेशक और डीन (छात्र मामले) के इस्तीफे, साहिल जी के परिवार को मुआवजा, IIT प्रशासन की सहमति से प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज करने, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और सभी छात्रों के साथ ओपन हाउस बैठक आयोजित करने की मांग रखी है।
हम @EduMinOfIndia से मांग करते हैं कि घटनाक्रम से जुड़े सभी CCTV फुटेज, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो।
देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान या किसी भी प्रकार की संस्थागत प्रताड़ना की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस दुःख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएँ साहिल के शोकाकुल माता-पिता और पूरे परिवार के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे।
#JusticeForSahilWakode
बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता।
@officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।
भारत के महान संत, असमानता और छुआछूत के खिलाफ मजबूत स्तंभ, वंचित समाज के मार्गदर्शक महापुरुष, परम पूज्य नारायण गुरु जी के स्मृति दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
प्रयागराज के पत्थर गिरजाघर पर UP TGT-PGT अभ्यर्थी 6 जून से 31 अगस्त तक लगातार धरना-प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद 5 सितंबर से पांच विद्यार्थी आमरण अनशन पर बैठे हैं और आज 15वां दिन है। लगातार आमरण अनशन से छात्रों की तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस और सार्थक पहल नहीं हुई है। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
9 सितंबर की रात छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने अस्पताल में भी आमरण अनशन जारी रखा। अब आंदोलन की गंभीरता इस हद तक पहुंच गई है कि अभ्यर्थियों ने कफन ओढ़कर विरोध जताया है।हम आमरण अनशन पर बैठे सभी छात्रों की कुशलता और बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, हजारों अभ्यर्थी महीनों से न्यायपूर्ण अवसर के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पांच विद्यार्थी 15 दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनकी तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन आपकी सरकार की चुप्पी नहीं टूट रही। आखिर छात्रों की आवाज सुनने के लिए सरकार को और कितने छात्रों के बीमार होने का इंतजार है? छात्रों के साथ यह संवेदनहीन रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
@UPGovt तत्काल आंदोलनरत छात्रों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करे।
Ayodhya, Uttar Pradesh: Azad Samaj Party national president Chandrashekhar Azad Ravan says, "...How many youngsters have got employment? Which recruitment has been announced? Where is there a youngster who is not protesting? Doctors are protesting, BMS employees are protesting, teachers are protesting, employees are protesting, and educated youngsters are protesting..."
अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था पर 16 सितंबर को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद MBBS और BDS की प्रथम चरण की काउंसलिंग रद्द कर नए सिरे से शुरू की गई है। पहले सीट पा चुके अभ्यर्थियों को भी दोबारा विकल्प भरकर सीट लॉक करनी होगी।
1 सितंबर को इन चारों मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्व की सीट व्यवस्था जारी रखने का उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय विद्यार्थियों के संघर्ष और एकजुटता का परिणाम था। हम पिछले वर्ष से लगातार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते रहे हैं। इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में Special Component Plan के तहत प्राप्त धनराशि और SC/ST विद्यार्थियों के लिए निर्धारित विशेष व्यवस्था का उल्लेख स्वयं सरकारी पक्ष ने पूर्व की न्यायिक कार्यवाही में किया था।
अब @UPGovt को तत्काल अध्यादेश लाकर इन चारों मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देना चाहिए। केवल शासनादेश के भरोसे इस व्यवस्था को नहीं छोड़ा जा सकता।
विद्यार्थियों के भविष्य और उनके शैक्षणिक अधिकारों को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी विद्यार्थियों को मेरा पूरा समर्थन है।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की जामा मस्जिद के लंबे समय तक इमाम रहे मौलाना क़ारी मुहम्मद सुलेमान क़ासमी साहब के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका निधन जामिया परिवार और उन्हें चाहने वाले हम सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है। हम उन्हें विनम्र आदरांजलि अर्पित करते हैं।
प्रकृति उनके परिवार, जामिया के साथियों, चाहने वालों एवं हम सभी को इस अपार दुख को सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।
दिल्ली के स्वरूप नगर में 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार के बाद उसकी निर्मम हत्या की घटना बेहद दुखद,शर्मनाक और हृदयविदारक है। बच्ची का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में मिला, उसका दाहिना हाथ गायब था, चेहरे और पेट की पहचान तक मुश्किल हो गई थी तथा शरीर पर चाकू से किए गए कई घाव थे। एक मासूम बच्ची के साथ हुई यह बर्बरता बेहद पीड़ादायक है।
हम शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि वह उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
पुलिस को बच्ची का शव 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक खेत में पत्तों और मिट्टी के नीचे मिला था। उसके शरीर पर चाकू से किए गए 6 से 8 घाव थे। इसके बावजूद इस मामले को 17 सितंबर तक छिपाया गया।
वहीं मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ 4 अगस्त को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म हुआ और इस मामले को भी 27 दिन बाद, 31 अगस्त को सामने लाया गया।
सवाल यह है कि नाबालिग बच्चियों के साथ इतने गंभीर अपराधों को आखिर इतने दिनों तक क्यों छिपाया गया?
बच्चियों की सुरक्षा और न्याय के सवाल पर कोई पर्दा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आज जिला सीतापुर की मिश्रिख विधान सभा के मेला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली प्रतापगढ़ की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
#सम्पूर्ण_भागीदारी_आंदोलन
#24_सितंबर_चलो_जंतर_मंतर
देश की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अव्यवस्था, छात्रावासों की कमी तथा निजी पीजी में छात्रों की सुरक्षा और शोषण के संबंध में माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री @JoshiPralhad जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@EduMinOfIndia
पाखंड और अंधविश्वास के खिलाफ संसद में बुलंद आवाज उठाने वाले, शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले, आजाद भारत के पहले सन्यासी सांसद, त्याग और तपस्या की मूर्ति, स्वामी ब्रह्मानंद लोधी जी के स्मृति दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
देश की बेटियों ने फिर रचा इतिहास!
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को हराकर आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है। महिला एशिया कप के अब तक हुए नौ संस्करणों में आठ बार चैंपियन बनकर भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित की है।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए टीम ने जिस शानदार खेल, आत्मविश्वास और जज्बे का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह जीत देश की बेटियों की मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की जीत है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और देशवासियों को इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएँ।
हमें आप पर गर्व हैं!