एक शिक्षामित्र ने ये वीडियो भेजा है।
मेहनतकश शिक्षामित्र कम वेतन पर हमारे बच्चों का भविष्य संवारते हैं।इनके अंदर इतनी घोर निराशा हमारी सामूहिक असफलता है।दावों में नंबर-1 शिक्षा को धरातल पर सर्वोच्च बनाने के लिए शिक्षामित्रों को मजबूत करना,संवाद कर समस्याओं का हल करना अनिवार्य है।
आदरणीय मुख्यमंत्री @myogiadityanathजी
ग्रामीण क्षेत्रों में लाइट बिलकुल भी समय से नही आ रही है।
आप बिजली विभाग को आदेश करे कि
विद्यालय के समय तक लाइट न जाएं।
1:30 तक रुकना बहुत मुश्किल होता है।
छोटे छोटे बच्चे परेशान हो जाते है।
@o9N274dLfza1wPZ@Aamitabh2@narendramodi
प्रधानी से ले कर सांसदी तक सिर्फ एकबार ही चुनाव लड़ने का नियम बन जाए तो ठीक रहे ---लाखों राजनीतिक कार्यकर्ता जो देश सेवा /समाज सेवा से अभी वंचित रह जाते हैं वे भी इस सेवा की गंगा में स्नान कर सकेंगे --
@myogiadityanath@brajeshpathakup@PMOIndia@Aamitabh2 शिक्षामित्र जिसे जून का मानदेय नहीं मिलता फिर भी आज हर शिक्षामित्र स्कूल में है हमें पूर्ण विश्वास है आप जून माह का मानदेय शिक्षामित्र को देंगे। शिक्षामित्र हमेशा राज्य सरकार के साथ हैं।
हैरानी होती है उनपर जो अरब देशों में हिंदुस्तान के सामानों पर बैन को अपनी जीत मान रहे हैं.. नुक़सान दोनों का है किसी एक का नहीं। हुज़ूर की शान में ग़ुस्ताख़ी न-बर्दाश्त-ए-काबिल है लेकिन यही भावना हिंदुओं के भगवानों पर लागू क्यों नहीं..इज़्ज़त देंगे तब पाएँगे भी।बात कड़वी लगेगी
'सशक्त उत्तर प्रदेश -समर्थ उत्तर प्रदेश ' निर्माण के महायज्ञ में आपकी आहुतियां संकल्प -सिद्धि का वरण करें और आपके हाथ गरीब की आँख का आंसू पोंछने और दुष्ट दलन दोनों में सदा सामर्थ्यवान रहें इसी अनंत मंगलकामना के साथ आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें @myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, गुरु गोरक्षनाथ पीठ के महंत,हियुवा के संरक्षक व कर्मठ व्यक्तित्व के धनी परम् पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि आप दीर्घायु हों और सदैव स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।
69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामला...
एक तरफ 6800 की सूची वाले अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति को लेकर आन्दोलन और सरकार से मांग कर रहे हैं और दूसरी ओर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए 6800 भर्ती के शासनादेश को अगली तारीख तक कोर्ट में पेश करने को कहा।
कानपुर में राष्ट्रपति ,पीएम और सीएम की उपस्थिति थी,लखनऊ में देश भर के बड़े उद्योगपति जमा थे फिर भी दंगाई हुजूम वह करने में सफल कैसे हो गया जो उसकी मंशा थी-सत्ता के इकबाल को नापने के लिए फीता हाथ में लिए घूमता यह दुस्साहस खतरनाक है -इसका सम्यक उत्तर होना चाहिए --@myogiadityanath
केंद्र ने फैसला किया है कि घाटी में तैनात पंडित सरकारी कर्मचारी जम्मू ट्रांसफर नहीं किये जाएंगे --- सरकार उन्हें घाटी में ही सुरक्षा देगी --- फैसला बड़ा है , जोखिम भी बड़ा है ---कसौटी पर सरकार है -----