@Equality636164@AshwiniUpadhyay Har jagah par sieale ponge baithe hai ab ye randi rona kis baat ka chal raha inka
Jyada representation raas nahi aa raha hai inko
. @iChiragPaswan युवा बिहारी जी,
आरक्षण से SC/ST/OBC समुदाय की सभी जातियों को फायदा मिल रहा है, इसलिए ये जातियाँ भेदभाव के खिलाफ आंदोलन कर रही हैं और मनुवादी व्यवस्था को खुला आह्वान दे रही हैं। उसकी वजह से समाज में समता और भाईचारा बन रहा है। संपूर्ण हिंदू धर्म के लिए ये अच्छी बात हो सकती है, लेकिन मनुवादी व्यवस्था इससे ध्वस्त हो जाती है। मनुवादी समता और भाईचारा नहीं चाहते, उससे उनका वर्चस्व टूट जाता है। वर्चस्व बनाए रखने के लिए वे मनुवादी लोग आरक्षण का विरोध कर रहे हैं। वरना देश में 90% जज और सेक्रेटरी जैसे पद, जो देश को चलाते हैं, कॉरपोरेट कंपनियाँ, जो देश का पैसा लूट रही हैं, वहाँ वही लोग हैं। लेकिन SC/ST/OBC को जो थोड़ा-बहुत लाभ मिल रहा है, उससे उनके वर्चस्व को चुनौती हो रही है। वह चुनौती उनको पसंद नहीं है।
@ishu42481@raviparmarIN Apne Gaon mein ghusa le tu teri merit
Yaha mat ro bachcha
Desh sabka hai to adhikar bhi sabko barabar ka milega
Chahe wo koi so called merit dhari ponga ho ya koi SC/ST
मै इन सब साले मेरिट वालो से पुछना चाहता हु तुम लोग देश चला रहे हो लेकिन भीकारीयो की तरह
🇺🇸 अमेरिका के सामने , 🇷🇺 रशिया के सामने
हमको ये हत्यार चाहिऐ वो हत्यार चाहिये इसकी भीक क्यु मांग रहे हो तुम मेरिट हो ना ?
आंबेडकरवादी फायर है मेरिटधारी कायर है 🔥
ॲड .बाळासाहेब आंबेडकर 💙
#Ambedkarite #Ambedkarwadi #Ambedkarism #Reservation #reservationpolitics
@ishu42481@raviparmarIN pongo ka over representation ho rakha hai har jagah par
Inki gaon me baas dalna chahiye anyatha ye har jagah par tatti hi karenge
Iski tarah
ज़मीनी हकीकत और हमारा अधिकार
यह एक बेहद कड़वी सच्चाई है कि इक्कीसवीं सदी के इस आधुनिक दौर में भी जातिवाद हमारे समाज की रगों में एक धीमे ज़हर की तरह दौड़ रहा है। ज़मीनी हकीकत यह है कि आज भी गाँवों की सीमाओं के बाहर हमारी अलग बस्तियां हैं, और शहरों में पूरे पैसे होने के बावजूद हमें कई कॉलोनियों में मकान या फ्लैट देने से अघोषित रूप से मना कर दिया जाता है। मंदिरों की पंगतियों से लेकर सोशल मीडिया तक, हर जगह जाति हमारी योग्यता और हमारे इंसान होने पर हावी कर दी जाती है। हम हर मुद्दे पर स्वस्थ संवाद और चर्चा के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मीम्स की आड़ में भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी का अपमान और आरक्षित समाज के बच्चों के साथ हो रहा जातिगत भेदभाव किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह महज़ कोई पुरानी कुरीति नहीं, बल्कि एक सोची-समझी व्यवस्था है जो समाज के एक बड़े हिस्से को जानबूझकर मुख्यधारा और सम्मानजनक जीवन से आज भी दूर रखे हुए है।
इसी अदृश्य लेकिन मज़बूत दीवार को तोड़ने के लिए आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि हमारा संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व का एकमात्र हथियार है। लोकतंत्र में आपको जो चाहिए वह ज़रूर मांगें; यहां तक कि हमने भी EWS (आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग) की आर्थिक सीमा बढ़ाने की मांग का समर्थन किया है। लेकिन किसी और को जो अधिकार मिल रहा है, उसे छीनने की मानसिकता ठीक नहीं है। जब तक समाज में यह जातिगत भेदभाव ज़िंदा है, तब तक न केवल सरकारी बल्कि प्राइवेट सेक्टर (निजी क्षेत्र) में भी आरक्षण लागू होना ही चाहिए। जो लोग वातानुकूलित (AC) कमरों में बैठकर आरक्षण खत्म करने की वकालत करते हैं, उन्हें ज़मीनी हकीकत समझकर ही चर्चा करनी चाहिए। हमारी स्पष्ट चुनौती है पहले आप ज़मीन पर उतरकर, गाँवों और शहरों से इस सड़ी-गली जाति व्यवस्था को जड़ से खत्म करने का काम करें। जिस दिन इस देश से जाति और उसके आधार पर होने वाला भेदभाव पूरी तरह मिट जाएगा, हम खुद आगे बढ़कर अपना आरक्षण छोड़ देंगे।
सवर्ण कब्जा संपुर्ण प्रायव्हेट सेक्टर ,सरकारी उच्चपद और निम्नपद ,न्यायपालिका ,सरकारी ठेको पर है .
और ये निठ्ठले ,गद्दार,देशद्रोही चिल्लाते है देश बर्बाद हुआ 2% सरकारी नौकरिया मे मिल रहे 49%
SC—ST—OBC के आरक्षण से आरक्षण प्रतिनिधित्व है ना के गरिबी हटाव मोहिम.
सवर्णो का ओवर रिप्रेजेंटेशन हो चुका है अब जातिजनगणना कर जिसकी जितनी संख्या भारी उतनी उसकी हिस्सेदारी देने का वक्त आगया है .
“बहुत लुट लिया चोरो ने अब लात मार के भगाओ जोरोसे”
गजब का गोबर खाऊ मेरिट है इन टुच्चे दिमागी आतंकीयो का जो देश को और लुटने आरक्षण का विरोध करते है ताके कल को इन्हे कोई पढ लिख कर सवाल ही ना पुछे यही इनका हिंदुत्व है जो सवाल पुछना नही सिखाता सिर्फ गुलामी सिखाता है .
#reservationpolitics #Reservation