मैं अपनी पसंदीदा महिला (पत्नी) से:-
मैंने जो कुछ भी सोचा हुआ है, वह वक्त आने पर मैं कर जाऊंगा।
तेरे इश्क़ के गहरे समंदर में डूबकर, किसी दिन मैं सँवर जाऊंगा।
तू तो बिना�� (दृष्टि)है मेरी मुझे तेरे अलावा कुछ भी दिखता ही नहीं,
मैंने तुझको अगर तेरे घर उतारा तो मैं कैसे घर जाऊंगा।
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मैं अपनी पसंदीदा महिला (पत्नी)से:-
मैंने जो कुछ भी सोचा हुआ है, वह वक्त आने पर मैं कर जाऊंगा।
तुम मुझे ज़हर लगते हो और वह मैं पीकर किसी दिन मर जाऊंगा।
तू तो बिनाई (दृष्टि) है मेरी मुझे तेरे अलावा कुछ भी दिखता ही नहीं।
मैंने तुझको अगर तेरे घर उतारा तो मैं कैसे घर जाऊंगा।
चेहरा जैसे चाँद लिए फिरती हो,
कदमों में आसमान लिए फिरती हो।
मुझे मारने का इरादा कर लिया है क्या?
जो ज़ुल्फ़ों का जंजाल लिए फिरती हो।
माथे पर छोटी सी बिंदी औ�� मांग में सिंदूर,
आँखें भी कमाल लिए फिरती हो।
वैसे भी मेरी नज़रें तुमसे हटती नहीं,
और तुम हो कि तिल वाला गाल लिए फिरती हो।
पुर्नजन्म में यह तन न होगा, ये रूप न होगा, लेकिन प्रेम यही होगा, मन यही होगा, आत्मा यही होगी
मुझे हसरत सिर्फ तेरी है
मुझे तेरे सिवा, तेरे जैसी, तेरी तरह, तेरी जगह, कोई और नहीं चा��िए..!!
Ek din meri shaadi ho jayegi...
Or vo mirror ke saamne makeup kar rahi hongi... tabhi me piche se aake usko hug karunga, uski chin lift karke aankhon me dekhunga aur dheere se bolunga- tum bina makeup ke hi meri favourite ho ye sab toh bas formality hai.....😙😙
For my Pasandida Aurat :-
उसके आगे बाकी लड़किया क्या खाक खूबसूरत लगेगी, वो अगर सो कर भी उठे तो भी खूबसूरत दिखेगी..!!
मैं चित्रकार तो नही पर अगर कोशिश करु उसे बनाने कि ठीक भी अगर नही बनी तो भी खूबसूरत दिखेगी ।।