मोदी जी ने पहले UPI की रट लगाई
और फिर UPI transaction पर टैक्स लगा रहे हैं
• पिछले साल 2025-26 में टोटल UPI ट्रांजेक्शन था ₹314 लाख करोड़
• जिसका 66% मतलब ₹207 लाख करोड़ ₹2000 वाले transaction से ज़्यादा था
सोचिए, इतनी वसूली की जायेगी!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेस कांफ्रेंस में सवाल करने वाली महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव परेशान हो गई है ये बताते कि मुझे
कोई विपक्ष के नेता नहीं भेजा था..
लेकिन फिर भी ट्रेलिंग गैंग उसके पोस्ट में गंदे गंदे कमेंट किए जा रही है..
मै इस बहन से इतना ही कहूंगा यही करने के लिए हर दिन करोड़ों रूपये खर्चा किए जाते है...
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
खबरों के मुताबिक, इस इमारत में ज्यादातर DU के छात्र रहते थे, जिनके मलबे में दबे होने की जानकारी मिल रही है।
घटना के तुरंत बाद से NSUI के साथी मौके पर हर संभव मदद करने में जुटे हैं।
सरकार से अपील है कि युद्धस्तर पर राहत बचाव कार्य चलाएं, मलबे में दबे छात्रों और लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए।
सबसे अधिक चंदा प्राप्त करने वाली लूटेरी भारतीय जनता पार्टी को छोड़ शेष सभी राष्ट्रीय पार्टियों को सिर्फ ₹1,480 करोड़ चंदा मिला।
लेकिन 15*15 फुट की छोटी दुकानों में चल रही कभी भी चुनाव नहीं लड़ने वाली गुजरात की छोटी और गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों को कुल ₹1,700 करोड़ का चंदा मिला।
आख़िर ये सभी छोटी बिना पहचान वाली पार्टियां भाजपा शासित गुजरात में ही कैसे हैं? चुनाव नहीं लड़ने वाली गुजरात की इन 6 लापता पार्टियों को हज़ारों करोड़ का चंदा कैसे मिला?
• आम जनमत पार्टी - 620 करोड़
• गरीब कल्याण पार्टी - 138 करोड़
• सत्यवादी रक्षक पार्टी - 330 करोड़
• स्वतंत्र अभिव्यक्ति पार्टी - 219 करोड़
• न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी - 200 करोड़
• भारतीय नेशनल जनता पार्टी - 191 करोड़
आपको याद होगा कि नोटबंदी से पहले भी गुजरात की अनेक सहकारिता समितियों में 13,000 करोड़ से अधिक कैश जमा हुआ था?
देश के बाकी राज्यों और देशवासियों को सोचना चाहिए कि आखिर यह सब धंधे गुजरात में ही क्यों है? क्या यह सही है कि चंद गुजराती ही देश के भाग्य-विधाता बन सामाजिक ताने-बाने के साथ साथ अर्थव्यवस्था का दिवाला निकाल रहे है।
New Delhi: जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान वायरल हुई 15 वर्षीय लड़की ने दावा किया कि उसे धमकाया गया और PM मोदी से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया. अब उसने दोबारा मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए पीछे नहीं हटने की बात कही है.
•BJP के माउथपिस से रातों-रात अचानक सरकार की आलोचक?
•अंजना ओम कश्यप के हालिया यू-टर्न ने हर किसी का ध्यान खींच लिया है
•वीडियो देखिए..आखिर इस बदलाव के पीछे असल वजह क्या है?
•अपनी राय नीचे कमेंट में बताइए
#AnjanaOmKashyap
4700 करोड़ का एक्सप्रेसवे
47 दिन भी नहीं चल सका
ये वीडियो उत्तर प्रदेश का लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे है. 4700 करोड़ की लागत से बना ये एक्सप्रेसवे, 47 दिन भी ठीक नहीं नहीं टिक सका और खस्ता हाल हो गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जुलाई को इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. समारोह में CM योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मौजूद थे.
UP News | Lucknow- Kanpur Expressway | Uttar Pradesh | CM Yogi Adityanath | #UPNews
पिछले 10–12 वर्षों में भाजपा और RSS ने मिलकर देश की शिक्षा व्यवस्था को योजनाबद्ध तरीके से बर्बाद किया। सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को उपेक्षा, निजीकरण और वैचारिक कब्ज़े की प्रयोगशाला बना दिया।
लेकिन अब देश का युवा चुप नहीं है। वह शिक्षा को अपना संवैधानिक अधिकार मानकर डटकर लड़ रहा है। यह सिर्फ़ शिक्षा बचाने की लड़ाई नहीं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और भारत के लोकतांत्रिक चरित्र को बचाने की लड़ाई है।
यूपी: सीतापुर के सरकारी
स्कूल में लज़ीज़ मिड-डे मील!
Uttar Pradesh News: वीडियो यूपी के सीतापुर ज़िले के सरकारी स्कूल का बताया जा रहा है. जहां मिड-डे मील के तौर पर बच्चों को पानी वाली सब्ज़ी और जली रोटियां परोसी जा रही हैं.
देखिए वीडियो -
RSS द्वारा देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों पर क़ब्ज़े की कहानी : भाग 2
आजकल शिक्षा जगत पर RSS के बढ़ते प्रभाव और विश्वविद्यालयों के भगवाकरण को लेकर देशभर में गंभीर चर्चा चल रही है। ऐसे समय में मैं आपके लिए कुछ ऐसे सबूत साझा करने की यह श्रृंखला लेकर आया हूँ, जिन्हें हमने पिछले कई वर्षों से लगातार आपके सामने रखा था, ताकि समय रहते आपको आगाह किया जा सके। आज वही सवाल राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुके हैं।
यह वीडियो भी कुछ महीने पुराना है, जिसे मैंने अपने सोशल मीडिया संग्रहालय से आपके लिए निकाला है। इस वीडियो को स्वतंत्र पत्रकार @harshdelhise ने बनाया था। आज इसे दोबारा साझा करने का उद्देश्य केवल इतना है कि लोग देखें—जो बातें तब कही जा रही थीं, वे आज किस तरह वास्तविकता के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में "युवा कुंभ" जैसे आयोजनों के नाम पर RSS से जुड़े कार्यक्रम खुलेआम आयोजित किए जा रहे थे। कई जगह कॉलेज प्रशासन अलग-अलग नामों से अनुमति देकर इन कार्यक्रमों का हिस्सा बनता दिखाई दिया। ऐसे आयोजनों को लेकर छात्र संगठनों और शिक्षकों के एक वर्ग ने विश्वविद्यालय की संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाए और विरोध भी दर्ज कराया।
विश्वविद्यालय विचार, बहस, शोध और आलोचनात्मक चिंतन के केंद्र होने चाहिए। लेकिन जब सार्वजनिक शैक्षणिक संस्थानों का उपयोग किसी एक वैचारिक एजेंडे के प्रचार के लिए होने लगे, तो यह केवल एक कार्यक्रम का सवाल नहीं रह जाता, बल्कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक चरित्र का प्रश्न बन जाता है।
छात्र विरोध में उतर चुके हैं, जनता सवाल पूछ रही है और कैंपस का माहौल बिगाड़ने की यह कोशिश अब सबके सामने है। सरकारी संस्थानों को किसी भी वैचारिक या राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति पर गंभीर बहस और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।
यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी। दस्तावेज़ों, वीडियो और तथ्यों के साथ हम उन घटनाओं को सामने लाते रहेंगे, जिन्हें उस समय नज़रअंदाज़ किया गया, लेकिन जिनके परिणाम आज पूरे देश के सामने दिखाई दे रहे हैं।
सरदार मनमोहन सिंह जी को क्लीन चिट मिली,
लेकिन अफसोस ये लम्हा उनकी मौत के 2 साल बाद आया, जब तक जीवित थे, भाजपाइयों ने गोदी मीडिया के साथ मिलकर खूब कीचड़ उड़ाया। आज सब खामोश है।
इरफान,
मेरे देश को बहुत ज़रूरत है तुम्हारी और तुम्हारे जैसे बहुत सारे नौजवानों की
तुम्हें अपने आस पास, अपने समाज की चिंता अपनी ख़ुद की परेशानियों से ज़्यादा है
इतनी दिक्कतों के बावजूद तुम्हारा संविधान में अटूट विश्वास हौसला देता है
तुम हिंदुस्तान हो 🇮🇳🇮🇳