*माननीय @myogiadityanath जी! विधानसभा सदन में 70k शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का सकारात्मक आश्वासन व 1-Apr-2005 पूर्व विज्ञापित शिक्षकों का प्रकरण रिव्यू ��राने हेतु आभार। बेसिक शिक्षकों हेतु भी शीघ्र OPS शासनादेश जारी करें।*
#RestoreOPSforBasicTeachers
@CMOfficeUP
टीचर्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉo दिनेश चन्द्र शर्मा जी के आह्वान पर 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की टेट अनिवार्यता के विरोध में आज माननीय श्री सतीश गौतम सांसद अलीगढ़ को ज्ञापन सौंपते हुए @narendramodi@DrDCSHARMAUPPSS@PMOIndia@TFI4India
#NoTetBeforeRteAct
माननीय श्री राजनाथ सिंह जी रक्षा मन्त्री भारत सरकार से भेंट करके टेट के प्रकरण पर विस्तृत जानकारी दी ।माननीय जी को वार्ता के दौरान स्मरण कराया कि जब वर्ष 1998 में उत्तर प्रदेश के शिक्षकों की 36 दिन की हड़ताल और 167 शिक्षकों की सेवा समाप्ति के बाद भी जिस समस्या का समाधान नहीं हुआ था,उसका समाधान आपने उत्तर प्रदेश में अपने मुख्य मंत्रित्व काल में किया था,जिसके चलते आज उत्तर प्रदेश के शिक्षक केन्द्र के समान वेतनमान लेते हैं ।
आज भी प्र��ानमन्त्री जी के नेतृत्व में संसद द्वारा क़ानून पारित करा कर,आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता सम्बन्धी अन्याय को समाप्त किया जा सकता है ।देश के शिक्षकों को आप पर पूर्ण विश्वास है ।मेरे साथ teachers federation of india के उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी भी वार्ता में उपस्थित रहे ।
#NoTetBeforeRteAct
जो व्यवस्था देश के किसी कर्मचारी,अधिकारी या न्यायाधीश पर लागू नहीं है वो देश के बेसिक शिक्षकों पर लागू करना देश के 25 लाख शिक्षकों एवं उनके करोड़ों परिजनों के साथ अन्याय है ।
#इति_सिद्धम
वे अपने लिये संसद के बनाये क़ानून को भी नहीं मानेंगे ,क्योंकि उनको न्यायिक स्वतन्त्रता चाहिये ।
बिना किसी परीक्षा में सम्मिलित हुए केवल अनुभव और सिफारिश के आधार पर नियुक्ति और प्रमोशन लेते रहेंगे ।
आप पर वे नियम थोपे जाएँगे जो संसद ने आपके लिए बनाए ही नहीं हैं
2017 के संशोधन सहित आरटीई में कहीं टेट का उल्लेख नहीं है आरटीई के 23(1) के द्वारा प्रदत्त शक्ति से एनसीटीई ने 23 August 2010 को minimum qualification परिभाषित की है जोकि नियुक्ति वर्षों के अनुसार with tet और without tet है लेकिन माननीय जी ने minimum qualification को TET लिख दिया तो लिख दिया ।
आपको नियुक्ति हेतु निर्धारित परीक्षा उत्तीर्ण करने के नियुक्त होने के 20-25 वर्षों ��ाद भी परीक्षा में बैठायेंगे ।
अनुभव के आधार पर पदोन्नति तो दूर नौकरी (उस नौकरी में जिसमें नियुक्ति की प्रक्रिया में कोई दोष या आपत्ति नहीं है)में भी आप नहीं रहेंगे ।20-25 lakhलाख शिक्षकों की नौकरी जाये तो जाये उन पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।
हमने सदैव कहा कि रास्ता संसद से निकलेगा ।इसलिए अब minimum qualification को parliament से define कराने हेतु आगे बढ़ेंगे ।
@narendramodi
@AmitShah
@dpradhanbjp
@myogiadityanath