बात बहुत गहरी हैं। 🤔💯
"तन से तन मिले ये जरूरी नहीं।
मन से मन का मिलना बहुत जरूरी है"।।
आप दो तीन बार खुद बोलकर सुनो तब समझ में आयेगा।
इसका ग़लत अर्थ मत निकालना,
न समझ में आए तो हमसे पूछ लेना।
@thesejaledit Phir se galat ho gaya kosi Pahle aap konsi to dekho yesa likhte hai kya
Usme मक्खन sahi nahi likha tha aur uske just pahle bhi kuch tha jo galat tha.
@thesejaledit ज्ञान और व्यवहार दोनों अलग हैं
कोई ज्ञान में पारंगत हैं, और कोई व्यवहार कुशल,
लेकिन अगर ज्ञान और व्यवहार दोनों का एक साथ मिलन हो जाएं तब व्यक्ति परिपूर��ण हो जाता है।
सुनो स्त्री, ये एक साज़िश है, समझो...
कोई अगर सिर्फ़ तुम्हारे शरीर की तारीफ़ कर रहा है, तो उसने तुमको देह बना दिया। उसने तुमको गिरा दिया।
पशु सिर्फ़ देह होते हैं, मनुष्य सिर्फ़ देह नहीं। मनुष्य चेतना है, और मनुष्य हैं आप।
पर ज़्यादातर पुरुष जब भी तारीफ़ करते हैं, महिला के शरीर की ही करते हैं। अक्सर महिला को एक Sexual Object की तरह ही देखते हैं।
कम ही पुरुष मिलेंगे जो आपसे कहेंगे- “क्या ऊँची चेतना है तुम्हारी! क्या तीक्ष्ण प्रज्ञा है?”
ज़्यादा��र पुरुषों को ऐसी लड़की चाहिए जो कोमलांगिनी हो। वो घबराते हैं, महिला अगर बल का, पौरुष का, साहस का प्रदर्शन कर दे।
पर आप इन बातों की ओर ध्यान ही मत दो। आप लड़ो, संघर्ष करो।
आप सबसे ज़्यादा सुंदर तब दिखते हो, जब आप देह और संसार को चुनौती दे रहे होते हो।
~ आचार्य प्रशांत