भाई @grok उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग के इस नोटिस का मतलब समझाओ।
क्या इसमें ये प्रावधान किया गया है कि UN RESERVED कैटेगरी की सीटों पर प्री और मेंस परीक्षा में कोई RESERVED कैटेगरी का छात्र कंसीडर नहीं किया जाएगा??
These days, some people at Jantar Mantar are protesting to end reservation because they believe casteism no longer exists.
But reality cannot be hidden. Most of the videos coming out of this Reservation Hatao Andolan are revealing the true colours of the casteist people gathered there.
Anyone with even a basic sense of caste consciousness would condemn the hostility directed at fellow countrymen over reservations. The very foundation of our Constitution was meant to guarantee dignity and freedom from the old social order. Yet if that foundation has been mocked and undermined for 80 years of independence, it sets a dangerous precedent one where the republic’s founding promise is treated as negotiable.
What surprises me is this: many of my fellow SC, ST, and OBC individuals who found themselves sympathetic to Hindutva politics, and who even amplified its narratives, seemed to feel nothing during the “Reservation Hatao” movement. Perhaps because they believe casteism only exists in “small, underdeveloped, uneducated villages” — never in their own circles.
But you have been insulted, mocked, and ridiculed simply for existing. So look around you now. Look at who follows and supports RHA’s handle.
It’s time to introspect.
Jai Bhim.
जब योगी आदित्यनाथ सीएम नहीं थे तब आरक्षण के ख़िलाफ़ लंबा लंबा लेख लिखते थे
सीएम बनने के बाद पिछड़े दलित छात्रों के आरक्षण के हिस्से का करीब 12000 पद छीन चुके है
पिछड़े दलितों के वोट से सरकार बनी है अब उन्ही का गाला घोंट रहें है।
एक तरफ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक"आरक्षण समीक्षा" की बात कर रहे है
तो वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करके बोल रहा है कि
"UN RESERVED सीटों पर केवल GEN कैटेगरी के छात्र ही पास कराए जा रहे है।
OBC/SC/ST कैटेगरी के छात्र अगर UN RESERVED कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करते है तो भी उन्हें RESERVED कैटेगरी में ही क्वालीफाई किया जाएगा।"
यानी अगर देखा जाए तो सवर्णों को सीधे सीधे 50 प्रतिशत का आरक्षण दे दिया गया है।
उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग 2020 से जितनी परीक्षाएं आयोजित करवा रही है उन सभी में OBC कैटेगरी का कटऑफ UR कैटेगरी से ज्यादा जा रहा है।"
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बयान के बाद ये साबित हो गया है कि सरकार के सह पर ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग 2020 से आरक्षण घोटाला कर रहा है।
आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में PDA इस आरक्षण विरोधी सरकार को जरूर सबक सिखाएगा।
@yadavakhilesh@LaljiVermaSP
Hello @RahulGandhi ji
आप दिन भर पिछड़ा/दलित चिल्लाते रहते हैं।
लेकिन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग जो पिछड़ों दलितों का हक है लूट रहा है क्या उस पर आप अपनी चुप्पी तोड़ेंगे??
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा देकर कबूल किया है कि
"वो सवर्णों को सीधा 50 प्रतिशत का आरक्षण दे रहा है।
उसने हलफनामे में कहा है कि...
प्री परीक्षा में UN RESERVED कैटेगरी की सीटों पर केवल GEN कैटेगरी के छात्रों को ही पास करवाया गया है।
OBC/SC/ST छात्रों को UN RESERVED कैटेगरी से ज्यादा नंबर प्राप्त करने के बावजूद RESERVED कैटेगरी की सीटों पर ही क्वालीफाई करवाया गया है।
राहुल गाँधी जी या तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में हो रहे आरक्षण लूट पर आवाज उठाइए या फिर पिछड़ों दलितों का नाम लेना बंद कर दीजिए।
@INCIndia
मेरिट का ज्ञान दलित-पिछड़ों को, और उनके हक़-अधिकारों पर चुपके से कैंची?
APO भर्ती-2025 का मामला देखिए। 321 OBC और 43 SC अभ्यर्थियों के अंक General के आखिरी अभ्यर्थी से भी ज्यादा हैं। यानी वे अपनी मेरिट से Open सीट के हकदार हैं। अब सवाल है - इन्हें Open में गिना गया या आरक्षित कोटे में? हाईकोर्ट ने UPPSC से स्पष्ट जवाब मांगा है।
अब वे ‘मेरिट के स्वयंभू ठेकेदार’ कहाँ हैं, जो आरक्षण का नाम सुनते ही योग्यता बचाने निकल पड़ते हैं? दलित-पिछड़ा General से ज्यादा नंबर ले आए, तब भी उसके हिस्से की सीटों का हिसाब संदिग्ध!
यही वह खेल है, जिसकी परतें “PDA आरक्षण लूट के ऑडिट” में खोली गई हैं। 22 प्रभावित परीक्षाओं में 11,514+ PDA आरक्षित सीटों के नुकसान का हिसाब सामने रखा गया है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण का विवाद भी किसी से छिपा नहीं है।
यानी दलित-पिछड़ों को मंच से मेरिट का पाठ पढ़ाया जाता रहा और भर्तियों में उनके आरक्षण के हक पर कैंची चलती रही।
याद रखिए - UR का मतलब किसी एक सामाजिक वर्ग की सीट नहीं, बल्कि Open Category है।
अब हर भर्ती का आरक्षण ऑडिट खोलिए - कितनी सीटें निकलीं, किसके लिए निकलीं, किस खाते में गिनी गईं और आखिर मिलीं किसे?
मेरिट की घंटी बाद में बजाइए, पहले PDA के हक की एक-एक सीट का हिसाब दीजिए!
इन्होंने Unreserved सीट को जनरल कोटा बना रखा है। ओबीसी और एससी के चाहे कितने अच्छे मार्क्स आए उसको ओबीसी और एससी के केटेगरी में ही देते है। ये खेल खुले आम बेशर्मी के साथ चल रहा है। 50% जनरल, इसको विशुद्ध सवर्ण कोटा बना रखा है। और दिखाते ऐसे है जैसे सब ओबीसी और एससी ने क़ब्ज़ा कर रखा है।
योगी सरकार के आरक्षण लूट का पर्दाफाश 🔥
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल करके माना कि..
"प्री परीक्षा में UN RESERVED की सीटों को केवल GEN से भरा जा रहा है।
OBC/SC/ST कैटेगरी के छात्र रिजर्व्ड कैटेगरी में ही क्वालीफाई कराए जा रहे हैं।"
ऐसा करके योगी सरकार UPPSC आयोग को माध्यम से सवर्णों को सीधा 50 प्रतिशत का आरक्षण दे रही है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने होने UP PCS,RO/ARO/BEO/APO जैसी सभी परीक्षाओं में OBC का कटऑफ लगातार UR कैटेगरी से ज्यादा जा रहा था।
ओबीसी को आरक्षण का कोई विशेष फायदा नहीं है, फिर भी हम आरक्षण का समर्थन क्यों करते हैं ?
क्योंकि हमें पता है कि सिस्टम में बैठे कुछ लोग ईमानदारी से मेरिट लागू नहीं करते।
आरक्षण हट गया तो यही लोग सीटों पर अपने स्वजातीयों और रिश्तेदारों को आगे करने के रास्ते तलाशेंगे और फिर उसी को “मेरिट” का नाम दे देंगे।
आज आरक्षण है तो कम से कम सवाल पूछ सकते हैं कि तय हिस्से की सीटों में भी डकैती क्यों ?
कल आरक्षण नहीं रहा तो पूछने का आधार भी नहीं बचेगा।
आरक्षण इसलिए नहीं कि हम मेरिट के खिलाफ हैं, बल्कि इसलिए कि हमें व्यवस्था की नीयत पर भरोसा नहीं है।
प्रयागराज
➡यूपी APO भर्ती-2025 में आरक्षण का मामला
➡आरक्षण व्यवस्था के अनुपालन को लेकर दाखिल याचिका
➡इलाहाबाद HC में UPPSC ने दाखिल किया हलफनामा
➡प्री परीक्षा में जनरल सीट सिर्फ जनरल से भरी- आयोग
➡रिजर्व्ड कैटेगरी के अभ्यर्थी रिजर्व्ड कैटेगरी में ही क्वालीफाई हुए
➡हलफनामा दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट में हुई बहस
➡25 अगस्त को 10 बजे मामले की अगली सुनवाई
➡पंकज वर्मा समेत 3 याचियों ने दाखिल की याचिका
➡अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने याचियों का पक्ष रखा
#Prayagraj #UPPSC #UPNews
आरक्षण विरोधियों पर इतना प्रेम क्यों लुटा रही भाजपा?
दिलचस्प है कि इन्हें सिर्फ़ ‘आरक्षण विरोधी’ भी नहीं कहा जा सकता - क्योंकि EWS आरक्षण से इन्हें कोई दिक्कत नहीं। विरोध है तो SC-ST-OBC के आरक्षण का! और इनके एक दिन के धरने पर ही यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक खुद सामने - प्रेस कॉन्फ्रेंस, बातचीत और केंद्रीय मंत्री से बात कराने का आश्वासन!
दूसरी तरफ़ दलित-पिछड़े नौजवान अपने आरक्षण और हक़ के लिए महीनों सड़कों पर बैठे रहे, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 69,000 शिक्षक भर्ती का आरक्षण विवाद भूल गए क्या?
वाह! क्या ग़ज़ब की तत्परता है - दलित-पिछड़ों का आरक्षण बचाने वालों के लिए बेरुख़ी और उसका विरोध करने वालों के लिए पूरी सरकार हाज़िर!
अब भी भाजपा की राजनीति का चरित्र समझने के लिए कोई और सबूत चाहिए?
बड़ी खबर
आरक्षण हटाओं आंदोलन को योगी सरकार ने समर्थन दिया है।
डिप्टी सीएम ने ब्रिजेश पाठक ने आज आरक्षण हटाओं आंदोलन के नेताओं के साथ प्रेस वार्ता की
पिछड़े दलित आँख खोलकर देख ले, योगी सरकार आरक्षण ख़त्म करवाने जा रही है।
भाड़ गई हिंदू एकता!
अब दिखाया ना रंग, जो हिंदू एकता के नाम पर नफरत फैलाते थे और असल में वो सब SC/ST/OBC के खिलाफ हैं।
अगली बार अगर कोई हिंदू एकता बनाते दिखे उसका स्वागत बाँस से करें