नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्या अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
तत्काल निलंबन हो, बर्ख़ास्तगी हो और ऐसा दंड मिले कि कोई दूसरा अधिकारी फिर कभी ऐसी हिम्मत और दुस्साहस न कर सके।
‘नारी वंदन’ का ढोंग करनेवाली भाजपा सरकार है भी या नहीं।
और कुछ नहीं कहना है।
उत्तर प्रदेश सीएम 'योगी आदित्यनाथ' से सवाल पूछने वाली महिला पत्रकार 'दिव्या श्रीवास्तव' को कुछ घंटे में ही नौकरी से निकाल दिया गया !
एक इंटरव्यू में महिला पत्रकार ने जानकारी दी
अभिनेता शेखर सुमन ने तंज कसते हुए कहा है कि "सरकार कहती है कि भारत विश्व गुरु बनेगा, बच्चे बोल रहे हैं विश्व को छोड़िए,पहले हमारे स्कूल में गुरु तो भेजिए."
#ShekharSuman#Vishwaguru
वाराणसी में प्रधानमंत्री @narendramodi जी के संसदीय क्षेत्र में 30 हजार की आबादी को शिक्षा से वंचित कर दिया गया और स्कूल बंद कर दिया गया...।
आप हमारे बच्चों के भविष्य से ऐसे खिलवाड़ नही कर सकते स्कूल तो ठीक करना होगा।
@deo_varanasi@myogiadityanath@CMOfficeUP#schoolthikkaro
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य कार्यकर्ताओं को बगरू गांव, जयपुर, राजस्थान में जाने से रोकते हुए बीजेपी के गुंडे....
CJP कार्यकर्ता शिवांगी शर्मा का आरोप है कि कार्यकर्ताओं को “आतंकवादी और नक्सली” कहकर निशाना बनाया गया।
सवाल सीधा है—अपने ही देश के बच्चों की शिक्षा और अधिकारों की बात करना कब से “बाहरी” होना हो गया?
4 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे अमन से आज गर्दनीबाग धरना स्थल, पटना में जाकर मिली। उनकी समस्याओं को सुना। छात्रों की जो मांगें हैं, उनके बारे में तो बताऊंगी, लेकिन पहले यह सुन लीजिए कि एनडीए की सरकार कितनी अमानवीय है।
आंदोलन में लड़कियां न आ सकें, इसलिए आसपास के सभी शौचालयों पर सरकार ने ताला लगवा दिया है। गर्दनीबाग में जो पोर्टेबल टॉयलेट था, उस पर भी ताला लगवा दिया गया है। आसपास के पेट्रोल पंपों के शौचालयों को बंद करवा दिया गया है, उन पर भी ताला लगवा दिया गया है। अस्पताल भी अपना शौचालय इस्तेमाल नहीं करने दे रहे हैं।
क्या यह अमानवीय घटना नहीं है? आप लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रहे हैं। आखिर वे इंसान हैं या जानवर?
छात्रों ने नेता प्रतिपक्ष @yadavtejashwi जी से गुहार लगाई है कि इन बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार से एक बार फिर सवाल करें। छात्रों को तेजस्वी जी से एक उम्मीद है।
@samrat4bjp जी, आप क्या चाहते हैं? शौचालय बंद करवाकर क्या आप आंदोलन को कुचल देंगे?
कहते हैं न कि डूबते को तिनके का सहारा काफ़ी है।
अमित शाह भी अपनी डूबी इज़्ज़त बचाने के लिए वंदे मातरम् का सहारा ले रहे हैं।
इसीलिए जो अमित शाह पूरे मानसून सत्र के दौरान संसद में ‘चूँ’ तक नहीं बोले, आज बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं।
कल तक सरदार पटेल से अपनी तुलना कर रहे थे, आज सरदार पटेल की निंदा करने चले हैं।
ये वंदे मातरम् का बचाव नहीं, अपने सिकुड़ते राजनीतिक करियर का बचाव कर रहे हैं।
जबतक दलित जिंदा है उसके साथ भेदभाव होता है और मरने के बाद भी छूआछूत का शिकार होना पङता है। यकीन नहीं हो तो देवघर का श्मशानघाट चले जाओ। - पत्रकार वेद प्रकाश
योगी की कथनी और करनी का फर्क देखिए.
योगी ने दो दिन पहले कहा कि स्कूलों के वीडियो जिन्हें बनाना हो बनाएं, हमने तो स्कूलों का कायाकल्प कर दिया है .
हक़ीकत ये है कि यूपी के कई जिलों में स्कूलों के वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लग चुका है .