अगर सभी का ट्रांसफर कर दिया जाएगा 1000 स्कूल बंद हो जाएंगे। यह अफवाह फैलाया जा रहा है जनता की सहानुभूति लेने के लिए। और यह अफवाह फैला रहे हैं जदयू के प्रवक्ता जिनका अभी स्नातक एमएलसी चुनाव में जमानत जब्त हो गया था। चौथे नंबर पर चले गए थे।
मात्र 51000 शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण करना था। यदि म्युचुअल ट्रांसफर भी कर देते तो सबका अंतर जिला स्थानांतरण कब का हो गया रहता। लेकिन यहां साहब को बनाना था गिनीज बुक में वर्ल्ड रिकॉर्ड। अंतर जिला व जिला के अंदर सब एक साथ करने पर उतर आए।
सबसे पहले विशेष आवश्यकता वालों को और उसके बाद दूरी के आधार पर अंतर जिला ट्रांसफर करना था और इन सब में म्युचुअल ट्रांसफर को एक व्यवस्था के रूप में इस्तेमाल करना था। लेकिन साहब हम लोगों से राय मशविरा करना तो अपनी तौहीन समझते हैं और अपने पसंदीदा पत्रकार को चाय के दुकान पर बुलाकर इंटरव्यू देना अपनी शान समझते हैं।
अभी वक्त है साहब अपनी गलती को मानें और सुधारने का प्रयास करें नहीं तो ये ट्रांसफर प्रक्रिया कभी पूरी नहीं हो पाएगी।
#ReconsiderTeachersTransfer
दूरी के आधार पर शिक्षकों के तबादले में सिर्फ जिले के अंदर के शिक्षकों का ही तबादला किया गया है, यानि जो अपने जिले में अपने घर के नजदीक थे उनका तबादला हो गया, लेकिन जो पुरुष शिक्षक अपने घर से 4-5 सौ km दूर थे उनका तबादला नहीं हो सका। यह कैसा न्याय है?
जब दूरी को ट्रांसफर का आधार बनाया गया था तो अंतर जिला को छोड़ कर अंदर जिला का ट्रांसफर किस आधार पर हो रहा है?
प्रतिष्ठित पद पर बैठे व्यक्ति को मीडिया में बयान देकर भी अंतर जिला पुरुष ट्रांसफर नहीं करना क्या संदेश देता है ?
#ReconsiderTeachersTransfer@NitishKumar
BPSC पास शिक्षकों की पोस्टिंग में किसी नियम का ख्याल नहीं रखा गया।विकल्प में दिए ज़िला का भी ध्यान नहीं रखा गया।उस गलती को जल्द से जल्द सुधारा जाए और सभी को ऐच्छिक पोस्टिंग दी जाए।
@sunilkbv@Gyaneshwar_Jour@NitishKumar#Transfer_Bpsc_Teacher
BPSC पास शिक्षकों की पोस्टिंग में किसी नियम कानून का कोई ख्याल नहीं रखा गया महिलाओं और दिव्यांगों को ऐच्छिक पोस्टिंग मिलनी चाहिए थी। उसका भी ध्यान नहीं रखा गया। अब जरूरी है कि उस गलती को जल्द से जल्द सुधारा जाए और सभी को ऐच्छिक पोस्टिंग दी जाए।
#Transfer_Bpsc_Teacher
@Ashwini_TET BPSC TRE 1 & 2में पोस्टिंग करते वक्त अपने ही जिला में किसी को 100 किलोमीटर किसी को 5 किलोमीटर स्कूल मिल गया है यह एकदम सरासर नाइंसाफी है इसलिए सभी शिक्षकों को एक बार स्थानांतरण होना चाहिए। प्लीज सर इस मुद्दा को आगे तक पहुंचाए।
ये जमीनी सच है . शिक्षा विभाग के मनमाने फैसलों की वजह से बिहार के शिक्षक लोक सभा चुनाव में बड़ी संख्या में एनडीए गठबंधन के खिलाफ या फिर नोटा को वोट कर रहे हैं . मोदी भक्त कहे जाने वाले शिक्षक भी नाराज हैं . सुबह 6 बजे से स्कूल और भी गुस्सा बढ़ाएगा अगले तीन चरणों के चुनाव में . ऐसा बार - बार लगा है, सीएम की बात भी बहुत आसानी से नहीं सुनी जाती है शिक्षा विभाग में .
अगर आपके मुद्दों पर कोई पार्टी ध्यान नहीं दे रही है तो फिर #NOTA बेस्ट ऑप्शन है। कम से शिक्षकों के साथ तो यही हुआ है। किसी राजनीतिक दल ने शिक्षकों के साथ न्याय नहीं किया। RJD+JDU की सरकार ने गर्मी छुट्टी खत्म करने वाला कैलेंडर वाला लागू किया तो BJP+JDU ने भी उस कैलेंडर को हटाया नहीं! सभी दलों ने मिलकर शिक्षकों को ठगा है।
ऐसे में #NOTA नहीं दबाए शिक्षक तो और क्या करे? नोटा कम से कम ये तो एहसास करवाएगी हारने वाली पार्टी को कि अगर इनके मुद्दों पर इनके साथ खड़े होते तो आज ये सीट हम जीत रहे होते!
कि हो नकली हिंदू शेर गिरिराज दा, अभी बिहार मै शरिया लागू नैय भै रहल छै? या होली हिन्दू कै परब नैय छेकै?
विपक्ष मै रहै छो त हर बात मै तोरा शरिया और तालिबान नज़र आबै छलो...अभी कि भै गेलै? अंधराय गेल्हो कि?? या मोतियाबिंद भै गेलौ??