Resignation was the simplest and easiest task to do... Could have saved all of us from such a mess!!!! Students have died... A minister's seat cant be that important!!! Definitely not more important than the young lives!
शांतिपूर्ण विरोध एक अटूट और मौलिक अधिकार है।
भारत के निर्दोष छात्रों पर हमला करने के आदेशों का आँखें बंद करके पालन करने वाले हर पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी ये बात ध्यान रखें:
संविधान ही आपका मालिक है।
सत्ता हमेशा के लिए नहीं रहती।
जवाबदेही ज़रूर तय की जाएगी।
Peaceful protest is a sacred and fundamental right.
Every police officer and govt official blindly following orders to attack India’s innocent students should keep in mind:
The Constitution is your master.
Power is not permanent.
Accountability will follow.
आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुए लाठीचार्ज के विरोध में, भारी बारिश के बीच नगीना से सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद @BhimArmyChief संसद परिसर में धरने पर बैठे हैं।
सवाल यह है कि इस मुद्दे पर बाकी विपक्ष की आवाज़ इतनी कमज़ोर क्यों दिखाई दे रही है?
अगर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर संसद में जवाबदेही नहीं तय होगी, तो इससे सरकार की कार्यशैली पर और गंभीर सवाल उठेंगे।
अपनी पार्टी के अकेले सांसद होने के बावजूद चन्द्रशेखर आज़ाद इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। लोकतंत्र में सत्ता से सवाल पूछना और जनता के मुद्दों को उठाना विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
We stand in solidarity with the youth of our country.
Their voices deserve to be heard — loud, clear, and without fear. They are the heartbeat of our democracy and the true architects of our nation’s future.
Let us listen, support, and empower them. The energy, courage, and dreams of our young people will shape the India we aspire to build.
Jai Hind.
Genelia & Riteish Deshmukh
#YouthOfIndia #VoiceOfTheYouth #FutureOfOurNation
जब सुन्दर लड़की अचानक Table के पास आ जाए, तो हर पति का दिल धड़कता हैँ!
अज़रबैजान का एक Couple अपनी Romantic Date Enjoy कर रहा था
तभी अचानक एक खूबसूरत बेली Dancer थिरकते हुए इनकी Table के पास आ गई।
इससे पहले कि पति Dancer को अपना दिल हार बैठता, पत्नी ने प्यार और जलन के मारे तुरंत अपने हाथों से पति की आंखें बंद कर दीं!
लेकिन वो नटखट पति भी कहाँ मानने वाला था?
वो पत्नी की उंगलियों के बीच से छुपकर Dancer का दीदार करने की कोशिश करने लगा।
क्या पत्नी ने पति की आँखे बंद करके सही किया?👇
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
I’m neither a BJP supporter nor a Congress supporter. But what is happening to the students is completely wrong.
The students who came forward with genuine issues should not have been subjected to violence. Their concerns deserve to be heard, and appropriate action should be taken.
थोड़ा बुरा लगेगा पर सच्चाई भी बोलना अपना काम है-
लगभग एक महीना हो गया है UP भाजपा का टीम गठन हुए , प्रदेश के हर जिले में फूल, फूल मालाएँ और गुलदस्ते समाप्त हो चुके है पर पदाधिकारियों के स्वागत समारोह ख़त्म नहीं होकर दे रहे।
छह महीने बाद चुनाव है, उस पर ध्यान दीजिए नेता जी- संगठन ने आपको ये बड़े
पद पार्टी की सरकार वापस देने के लिए दिए होंगे, सिर्फ फूल मलायें पहनने के लिए नहीं।
एक गोदी मीडिया वाला चैनल ऐसा है जिसके कम से 7 से 8 पत्रकारों ने जंतर मंतर का प्रोटेस्ट कवर करने से मना कर दिया है।
कारण?
जैसे ही वो जंतर मंतर पहुंचते हैं उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है, लोगों में इतना गुस्सा है कि वो उन्हें खदेड़ तक दे रहे हैं।
मलाई काटते हैं बड़े लोग और प्रोटेस्ट में जब पत्रकार ग्राउंड रिपोर्टिंग करने पहुंचते हैं तो विरोध उन्हें झेलना पड़ता है। तो कोई क्यों जाए?
आखिर जो बोया गया है वैसी ही तो फसल तैयार होगी।
राजा युद्ध के मैदान से दूर ऊंचे टीले पर खड़ा होकर अपनी सेना को युद्ध लड़ते हुए देख रहा है.
युद्ध जीत गए तो, रणभूमि में जाकर श्रेय लूट लेंगे और अगर सेना युद्ध हार गई तो यहां से भाग लेंगे.
CJP के तीनों प्रवक्ता सुबह से जंतर मंतर से गायब हैं. जबकि उन्हें आज आंदोलनकारियों के साथ होना चाहिए था.
जानबूझकर सौरव दास और आशुतोष रंका ने JP Nadda से मिलने गए. जंतर मंतर पर युवा पुलिस का लाठी डंडा खा रहे हैं. 19 July को सोनम वांगचुक ने भी ट्वीट और चिट्टी के माध्यम से युवा को भड़काया.
युवाओं को भी सोचना चाहिए किसी के निजी महत्वाकांक्षा का मोहरा क्यों बनना. आंदोलन मोटिव अचीव करने से ज्यादा लीडरशिप प्रोड्यूस करने के लिए किया जा रहा है.
दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद कहा, "हमने जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। बैठक के दौरान हमने अपनी तीन मांगें रखीं। पहली, सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए... दूसरी, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें; उन्हें या तो कैबिनेट से बर्खास्त किया जाए या वे खुद इस्तीफा दें। जब तक उनका इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। तीसरी, हमारी मांग है कि NEET की तैयारी करने वाले उन छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, जिनमें से 20 से ज़्यादा छात्रों की मौत हो चुकी है। हम इन्हीं मांगों को लेकर जेपी नड्डा से मिले।"
ओमान का आदमी भारत आकर किसी के घरों में बर्तन नही धोता. भारतीयों के लिए सबसे बड़ी विडंबना है रोजी रोटी के लिए दूसरे मुल्कों में जाकर झाड़ू पोछा करना पड़ता है.
हैदराबाद की शबनम बेगम को वादा किया गया उन्हें ओमान में 8 घंटे घरेलू काम करने पर 50,000 के बीच प्रति महीना वेतन मिलेगा.
ओमान पहुंचने पर अलग अलग घरों में चार महीनों तक 14-15 घंटे काम कराया गया, वेतन के नाम पर एक फूटी कौड़ी तक नही दी गयी. शबनम किसी तरह दलालों के चुंगल से निकल कर भारतीय दूतावास पहुंची.
भारत सरकार को शाबान की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए. कहा जाता है गुलामी प्रथा खत्म हो चुकी है. लेकिन यह आज भी कायम है, केवल गुलामी कराने का तरीका बदल गया है.
🚨 भारत की तकनीकी प्रगति का शानदार प्रतीक!
🔹 ये है स्वदेशी 700 MWe न्यूक्लियर स्टीम जनरेटर 🔹 NPCIL द्वारा डिज़ाइन और भारत में ही L&T Heavy Engineering व BHEL जैसे उद्योगों द्वारा निर्मित 🔹 सैकड़ों टन वजन, हजारों प्रिसीजन एलॉय ट्यूब्स — बेहद उच्च दबाव, गर्मी और रेडिएशन में दशकों तक सुरक्षित काम करने वाला
ये है आत्मनिर्भर भारत का असली रूप!
भारत अब दुनिया से टेक्नोलॉजी खरीदने वाला देश नहीं रहा
हम खुद डिज़ाइन, निर्माण और निर्यात कर रहे हैं।
स्वच्छ ऊर्जा, ऊँची मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा की नई राह! ⚛️🇮🇳
#AtmanirbharBharat #NuclearIndia #ViksitBharat
एक ऐसी ट्रेन जो धुआं नहीं, बल्कि पानी छोड़ती है। यह भारत की पहली हाइड्रोजन सेल से चलने वाली ट्रेन है।
भारत उन सिर्फ़ 6 देशों में से एक है जिन्होंने यह टेक्नोलॉजी विकसित की है।
भारत ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेन बनाई है।
आज चौकी तुम्हारा भाई संभालेगा।😀
खबर यूपी के हापुड़ जिले से है, एक व्यक्ति जो बिना कपड़ों के पुलिस चौकी में घुस गया।
वहीं पास में रखी दारोगा साहब की कैप भी लगा लिया, लेकिन बेचारे को वर्दी नहीं मिल पाई।
फिर बेचारा बिना वर्दी के ही केवल कैप लगाकर दारोगा जी की ड्यूटी खुद संभालने लगा।
वहाँ रखी फाइलों को भी खंगाला, उसे कुछ समझ नहीं आया तो उसे फाड़ने लगा।
जब मामला सामने आया तो पता चला व्यक्ति शराबी है और उस समय वह शराब के नशे में था।
🚨 BIG: Amit Shah sets a December 2028 DEADLINE to ensure not a single litre of dirty water enters the Yamuna. 🔥
~80 sewage & industrial wastewater treatment plants are already under construction in Delhi.
MCD and NDDB have also signed an MoU to process cow dung from around 1.25 lakh cattle, helping keep the Yamuna clean.
सुबह से पांच बार रो चुका है -
दहसहल इसने जोश जोश में भूख हड़ताल करने की घोषणा कर तो दी है पर जैसे ही अब लंच का टाइम हो रहा है तो इसे अब्दुल के फ्री के बटर चिकन की याद आ रही है 😄
क्योंकि इसका रोना सोनम के लिए तो एकदम नहीं है , यदि वैसा होता तो ये रात को उसके पास ही रहता , ये तो मस्त अपने दोस्त के घर AC में सोता था।
तो इंतज़ार कीजिए भूख हड़ताल नामक हथियार की बैटल जल्दी ही किसी और को शिफ्ट की जाएगी।
एक महिला अपने घर में PG चलाती थीं।
करीब 25-30 छात्र उनके यहाँ रहते थे।
रहने के साथ-साथ सुबह का नाश्ता और रात का खाना भी मिलता था।
वो हर छात्र को अपने परिवार के सदस्य की तरह मानती थीं।
अगर कोई बीमार पड़ जाता,
तो खाना उसके कमरे तक पहुँच जाता।
अगर किसी की परीक्षा होती,
तो देर रात तक उसके लिए खाना संभालकर रखा जाता।
लेकिन उन्हें एक बात हमेशा परेशान करती थी।
हर रात खाने के बाद
काफी खाना प्लेटों में बच जाता था।
किसी ने 3 रोटी ले ली,
लेकिन 1 ही खाई।
किसी ने जरूरत से ज्यादा चावल ले लिए,
फिर आधे छोड़ दिए।
रोज़ करीब 4-5 किलो खाना कूड़ेदान में चला जाता था।
उन्होंने कई बार समझाया,
लेकिन कोई खास फर्क नहीं पड़ा।
एक दिन उन्होंने नया नियम बना दिया।
उन्होंने कहा,
"आज से जितना खाना लेना है,
उतना ही लेना।"
"अगर खाना प्लेट में छोड़ा,
तो अगले महीने के PG Bill में ₹100 Extra जोड़ दिए जाएंगे।"
शुरुआत में कई छात्रों को यह नियम पसंद नहीं आया।
लेकिन कुछ ही दिनों में
खाना बर्बाद होना लगभग बंद हो गया।
महीने के आखिर में उन्होंने सभी छात्रों को बुलाया।
फिर बोलीं,
"जिस ₹100-₹100 को तुम लोग Fine समझ रहे थे,
उसे मैंने अलग रख दिया था।"
"आज उसी पैसे से पूरे PG के लिए Special Dinner रखा है।"
तभी सभी छात्रों को समझ आया,
कि उनका मकसद पैसे कमाना नहीं,
बल्कि खाने की कीमत समझाना था।
सच यही है
जिस चीज़ की कद्र नहीं होती,
उसे बचाने के लिए कभी-कभी नियम बनाने पड़ते हैं।
सरकारी नौकरी वाला Husband AC का Remote लेकर ऑफिस चला जाता है बीवी AC चलाकर न रहे इसलिए। पावर है सरकारी नौकरी में-बहुत देख रहे हैं !
लड़की की arrange marriage शादी हुई है।
लड़की का husband government job करता है।
अच्छा दहेज मिला है लेकिन लड़की गांव की है।
लड़की का शादी बाप ने दहेज देकर कर दिया।
अब लड़की का husband ऑफिस जाता है, 45 डिग्री भयानक गर्मी में AC बंद करके जाता है।
AC का remote अपने साथ ऑफिस लेकर चला जाता है जिससे बीवी घर में AC चलाकर नहीं रह सके, बिजली बिल नहीं आए।
मजे की बात यह है कि यह AC लड़की के बाप ने दिया है।
सरकारी नौकरी वाले 90% लड़के लड़कियों को नौकर से भी बेकार समझते हैं।
लड़कियों की कोई इज्जत नहीं करते हैं लेकिन लड़की और उसका पूरा खानदान चुप रहता है, सिर्फ उसकी सरकारी नौकरी है, पैसा कमाता है इसलिए उसका हर दोगलापन बर्दाश्त करते हैं।
वहीं engineering, MBA किए हुए 20 लाख के package वाले लड़के को भी लड़की की मां बोलेगी, घर का कोई काम मत करना, जैसा बोलेगा वैसा तुम जवाब देना , अपने लिए खाना बनाना, अलग साथ में रहने चले जाओ ,,
लेकिन एक सरकारी नौकरी वाला लड़का लड़की के साथ उसके पूरे खानदान को पालतू कुत्ता बनाकर रखता है, नौकरानी बनाकर रखता है !
25-30 हजार कमाने वाले सरकारी नौकर को घमंड देखोगे लगेगा पूरा जिला चल रहा है चुटिया....