आज सिलवासा में दादरा नगर हवेली एवं दमण- दीव प्रदेश भाजपा की संगठनात्मक कार्यशाला को संबोधित किया . @BJP4India के राष्ट्रीय महामंत्री आदरणीय श्री सुनील जी बंसल मुख्य अतिथि और प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री महेश आगरिया ने अध्यक्षता की .
मोदी सरकार का संकल्प: सशक्त युवा, सशक्त भारत ��🇳
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर @rpbreakingnews में प्रकाशित मेरे इस आलेख को अवश्य पढ़ें और जानें @narendramodi सरकार द्वारा युवाओं के विकास के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्य 👉 https://t.co/YmG2CMoYZI
@AmitShah @JPNadda @blsanthosh
Heartiest congratulations to Hon’ble Union Home Minister @AmitShah Ji on becoming the longest-serving Home Minister in the history of independent India. From uniting the nation to securing its borders, history remembers the works carried out by Sardar Vallabhbhai Patel under the guidance of Mahatma Gandhi, and today it salutes Amit Shah Ji for his dedicated efforts under the leadership of Most Successful Prime Minister Shri Narendra Modi ji to safeguard the unity, integrity, and security of the nation. This is the saga of two sons of Mother India who transformed challenges into golden milestones of national pride. Do read my article published on Asianet News Network. Full Article - https://t.co/AWLXryAK4j
भारत का इतिहास उन महान नेताओं से आलोकित है जिनकी दूरदर्शिता, अटूट संकल्प और अदम्य नेतृत्व ने राष्ट्र की शक्ति और एकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इनमें भारत के प्रथम गृह मंत्री, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और वर्तमान गृह मंत्री माननीय अमि�� शाह जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। भले ही इन दोनों के बीच दशकों का अंतर हो, लेकिन दोनों ही गुजरात की पावन धरती से हैं और दोनों ने अपने जीवन मूल्यों, राष्ट्र के प्रति समर्पण और भारत की एकता एवं संप्रभुता की रक्षा में अद्वितीय योगदान देकर इतिहास रचा है।
माननीय @AmitShah जी को देश के सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री के रूप में सेवा करने का गौरव प्राप्त हुआ है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मेरे द्वारा लिखा ग���ा एक विशेष आलेख @News18India में प्रकाशित हुआ है। यह आलेख उनके असाधारण नेतृत्व, दूरदर्शी निर्णयों और भारत की सुरक्षा व एकता को सुदृढ़ बनाने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत करता है। इसे अवश्य पढ़ें और जानें कि कैसे अमित शाह जी ने आधुनिक भारत की दिशा और दशा बदलने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
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सरदार पटेल और अमित शाह – दो युग, दो व्यक्तित्व!!
भारत के इतिहास में कुछ नेता ऐसे होते हैं जिनका नाम केवल उनके पद या कार्यकाल से नहीं, बल्कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व, अडिग संकल्प और राष्ट्र के प्रति अद्वितीय योगदान से पहचाना जाता है। लौह पुरुष ���रदार वल्लभभाई पटेल और वर्तमान के कुशल, दृढ़निश्चयी गृह मंत्री @AmitShah जी, ऐसे ही दो महान व्यक्तित्व हैं। दोनों का जन्म गुजरात की पावन धरती पर हुआ और दोनों ने ही अपने-अपने युग में भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को नए आयाम दिए।
सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी चुनौती – 565 रियासतों के एकीकरण को अपने राजनीतिक कौशल, दृढ़ इच्छाशक्ति और अदम्य साहस से पूरा किया। हैदराबाद, जूनागढ़ और कश्मीर जैस�� जटिल परिस्थितियों में उन्होंने समझौते की कला और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई – दोनों का संतुलित प्रयोग किया। उनका यह योगदान भारत की एकता की नींव है, जिसके कारण आज हम एक अखंड राष्ट्र के रूप में खड़े हैं।
अमित शाह ने 21वीं सदी में उसी विरासत को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को पूर्ण रूप से भारत की मुख्यधारा में जोड़ा और दशकों से जारी अलगाववाद व आतंकवाद पर निर्णायक प्रहार किया। आज घाटी में लोकतांत्रिक चुनाव, विकास परियोजनाएं और शांति का वातावरण इस ऐतिहासिक निर्णय का प्रमाण है।
सिर्फ इतना ही नहीं, अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से उन पीड़ित और वंचित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को आश्रय और सम्मान का अधिकार दिया, जो पड़ोसी देशों में उत्पीड़न के शिकार थे। पूर्वोत्तर भारत में दशकों ��े लंबित ब्रू-रियांग समझौता, बोडो समस्या और असम-मेघालय सीमा विवाद का समाधान भी उनके नेतृत्व में संभव हुआ। वामपंथी उग्रवाद पर सख्त नीति अपनाकर उन्होंने देश के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया।
गुजरात की धरती से उठे इन दोनों नेताओं में अद्भुत समानताएं हैं – दोनों ने जमीनी स्तर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया, जनता की नब्ज़ समझी, अथक मेहनत और अटूट निष्ठा से राष्ट्र के शीर्��� नेतृत्व तक पहुंचे। पटेल ने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में काम किया, शाह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में। दोनों के दिल में भारत की एकता और मजबूती का वही संकल्प धड़कता है।
नवोदय टाइम्स में प्रकाशित मेरे इस आलेख को अवश्य पढ़ें। धन्यवाद।
आज से पाँच वर्ष पहले प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखकर 500 वर्षों के संघर्ष और बलिदान को साकार किया। सदियों तक तंबू में विराजमान रामलला को उनका वैभव लौटाने का यह क्षण भारतीय संस्कृति, आस्था और आत्मगौरव का प्रतीक बना। करोड़ों रामभक्तों के स्वप्न को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री @narendramodi जी का आभार।
जय श्रीराम!!
प्रधानमं��्री मोदी की ऐतिहासिक विदेश यात्राएं और विपक्ष की तथ्यहीन आलोचना
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की दूरदर्शी विदेश नीति और प्रभावशाली वैश्विक यात्राओं ने भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आज भारत न सिर्फ वैश्विक मंच पर अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, बल्कि दुनिया के बड़े-बड़े देश भी भारत की बात को गंभीरता से सुन रहे हैं और उसे महत्व दे रहे हैं।
आतं��वाद के खिलाफ कठोर रुख हो या वैश्विक व्यापार में पारदर्शिता की वकालत, प्रधानमंत्री मोदी ने हर मुद्दे पर भारत के हितों को दृढ़ता और सम्मान के साथ प्रस्तुत किया है। उनका नेतृत्व ही है जिसने भारत को एक आत्मविश्वा�� से भरे, तेज़ी से उभरते वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
वहीं दूसरी ओर, विपक्ष सिर्फ निराधार आरोपों और बेबुनियाद आलोचनाओं में व्यस्त है। जिन मुद्दों पर पूरा विश्व भारत की तारीफ़ कर रहा है, उन्हीं मुद्दों पर विपक्ष सवाल खड़े कर रहा है। यह सिर्फ उनके राजनीतिक दिवालिएपन का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री मोदी जी की इन ऐतिहासिक विदेश यात्राओं और विपक्ष के तथ्यहीन आरोपों पर आधारित मेरे इस विशेष आलेख को अवश्य पढ़ें, जो आज के नवोदय टाइम्स में प्रकाशित हुआ है।
@JPNadda @AmitShah @blsanthosh @anil_baluni @drsanjaymayukh
27 वर्ष बाद दिल्ली को मिला समावेशी विकास का बजट!!
भाजपा सरकार द्वारा पेश किया गया दिल्ली बजट अपने आप में अप्रतिम और ऐतिहासिक है क्योंकि दिल्ली के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। 27 वर्ष बाद भाजपा सरकार के इस पहले बजट की घोषणाओं ने यह प्रमाणित कर है कि पीएम @narendramodi की गारंटी असलियत में गारंटी पूरा होने की भी गारंटी है।
दिल्ली के विकास के लिए भाजपा सरकार द्वारा लाई गई वर्ष 2025 बजट पर मेरा यह आलेख जरूर पढ़ें एवं अपना अमूल्य फीडबैक जरूर दें...
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1947 में जूनागढ़ को भारत में सम्मिलित किए जाने के बाद सरदार पटेल ने कहा कि यह समय पुनर्निर्माण का समय है। फिर उन्होंने सेना को सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का आदेश दिया।
इस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने मंदिर के जीर्णोद्धार को हिंदू पुनरुत्थान बताकर विरोध कि��ा। सरकारी खजाने से पैसा देने से मना कर दिया। फिर चंदा लेकर मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू करवाया गया। इसके बावजूद नेहरू ने तत्कालीन राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद को सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में नहीं जाने दिया था। 1951 में नेहरू के विरोध के बावजूद डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सोमनाथ जाकर मंदिर में ज्योतिर्लिंग स्थापित किया।
इस बात से स्पष्ट है कि गांधी-नेहरू परिवार हिंदू विरोधी है। हिंदू आस्था का अपमा�� कर कांग्रेस पार्टी खुद को गौरवान्वित महसूस करती है। कांग्रेस सिर्फ तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति करती है।
𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬' 𝐝𝐢𝐯𝐢𝐬𝐢𝐯𝐞 𝐩𝐨𝐥𝐢𝐭𝐢𝐜𝐬: 𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫𝐦𝐢𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐮𝐧𝐢𝐭𝐲 𝐚𝐧𝐝 𝐩𝐫𝐨𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐬𝐡𝐨𝐫𝐭-𝐭𝐞𝐫𝐦 𝐠𝐚𝐢𝐧𝐬
Do Read My Article on PM Shri @narendramodi ji's Politics of Development vs Congress' Divisive Politics.
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