"सत्ता से सवाल करना अब आसान नहीं रहा..."
@news24tvchannel छोड़ने के बाद वरिष्ठ पत्रकार गरिमा सिंह ने टीवी मीडिया का ऐसा सच सामने रखा है, जिसे हर नागरिक को सुनना चाहिए।
अगर किसी सरकार के दौर में पत्रकारों को सवाल पूछने से पहले दबाव, ट्रोलिंग और स्टूडियो तक पहुँचने वाली भीड़ का डर सताने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी है।
जब पत्रकार निर्भीक नहीं रहेंगे, तो जनता भी सच से वंचित होती जाएगी। इसलिए यह मुद्दा किसी एक पत्रकार या एक चैनल का नहीं, पूरे लोकतंत्र का है।
बाक़ी, आपकी समझदारी पर छोड़ता हूँ।
आप लोगो के सहयोग से अजीत अंजुम सर अथक प्रयास मेहनत से
आज ही के दिन
अब तक यूटूब मै इरफ़ान पर 65 k पुरे हो गये
मुझे यकीन ही नहीं हो रहा
इतना प्यार इतनी मोहब्बत
इनका कर्ज मै कैसे अदा कर पाउँगा 🙏
मेरा प्रयास रहेगा आमजन मानुष का मुद्दा उठाता रहूँगा
https://t.co/KdLKaYKzPc
मोदी जी ने विक्टिम कार्ड खेलकर बच्चों को माफ कर दिया है लेकिन पंद्रह साल की इस बच्ची का जीना मुश्किल कर दिया गया है . सोशल मीडिया पर गालीबाजों की फ़ौज इस लड़की को टारगेट कर रही है . पुलिस परेशान कर रही है और मोदी जी रील बनाकर आगे बढ़ गए हैं .
मोबाइल चोरी की शिकायत लेकर छात्र पुलिस के पास गया था..पुलिस ने छात्र से कथित तौर पर
अभद्रता की है..!
कानून के रखवालों पर से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है..पिछले कुछ सालों में पुलिस ने खुद को हीरो नहीं विलेन के तौर पर प्रस्तुत किया है -
आखिर क्यों पुलिस का रवैया इतना असंवेदनशील होता जा रहा है..क्या कारण हो सकता है..?
दिल्ली (कनॉट प्लेस)
अठारह साल की बच्ची भी जिन्हें लानत भेज रही है , उनके बारे में क्या ही कहें .
सरकार के तलवे चाटने वालों को उनकी नौकरी मुबारक. हमें सड़क मुबारक.
चाटुकारिता की ज़मीन पर रेंगने की बजाय हमने ये सड़क अपने लिए खुद चुनी है .
पत्रकारिता का नकाब पहनकर अपने आकाओं के लिए स्लीपर सेल की तरह काम करने वालों का इतिहास लिखा जा रहा है .